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3.84 लाख ओआरएस पैकेट व 5.36 लाख जिंक टेबलेट बंटेंगी
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झांसी। एक से 15 जून तक चलाए जा रहे सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा को दो हफ्तों के लिए बढ़ा दिया गया है। अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर दस्त से बचाव के तरीके बता रही हैं। पखवाड़े के दौरान 3.84 लाख ओआरएस पैकेट और 5.36 लाख जिंक टेबलेट वितरित की जानी है।
सीएमओ डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि सघन दस्त नियंत्रण अभियान में आईसीडीएस, पंचायती राज, शिक्षा विभाग का सहयोग लिया जा रहा है। अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर शून्य से पांच साल तक के बच्चों के अभिभावकों को ओआरएस के पैकेट, जिंक की गोली दे रही हैं। दस्त से बचाव के तरीके भी बता रही हैं। आशा कार्यकर्ताओं को समूह में ओआरएस के घोल बनाने की विधि बताने के निर्देश दिए गए हैं। अब अभियान दो सप्ताह के लिए बढ़ाया गया है। एसीएमओ डॉ. एनके जैन ने बताया कि अस्पतालों में ओआरएस, जिंक कॉर्नर बनाए गए हैं। इसमें जिला अस्पताल, महिला हॉस्पिटल, सभी सीएचसी, पीएचसी शामिल हैं। दस मोबाइल टीम भी गठित की गई हैं। कहा कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु का मुख्य कारण डायरिया ही है। इसे कम करने के लिए पखवाड़ा संचालित किया जाता है।
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सीएमओ डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि सघन दस्त नियंत्रण अभियान में आईसीडीएस, पंचायती राज, शिक्षा विभाग का सहयोग लिया जा रहा है। अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर शून्य से पांच साल तक के बच्चों के अभिभावकों को ओआरएस के पैकेट, जिंक की गोली दे रही हैं। दस्त से बचाव के तरीके भी बता रही हैं। आशा कार्यकर्ताओं को समूह में ओआरएस के घोल बनाने की विधि बताने के निर्देश दिए गए हैं। अब अभियान दो सप्ताह के लिए बढ़ाया गया है। एसीएमओ डॉ. एनके जैन ने बताया कि अस्पतालों में ओआरएस, जिंक कॉर्नर बनाए गए हैं। इसमें जिला अस्पताल, महिला हॉस्पिटल, सभी सीएचसी, पीएचसी शामिल हैं। दस मोबाइल टीम भी गठित की गई हैं। कहा कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु का मुख्य कारण डायरिया ही है। इसे कम करने के लिए पखवाड़ा संचालित किया जाता है।
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