फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   28 miscreants of Jhansi, with the crime, a job is doing a job

झांसी के 28 बदमाशों ने की अपराध से तौबा, कोई नौकरी कर रहा तो कोई चला रहा दुकान

Fri, 11 Feb 2022 01:03 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 11 Feb 2022 01:03 AM IST
विज्ञापन
28 miscreants of Jhansi, with the crime, a job is doing a job
झांसी। कभी पुलिस इनके पीछे रहती थी। इनके नाम का भी दूर दूर तक खौफ था। घर वाले भी परेशान रहते थे। लेकिन जब इन्होंने परिवार की तकलीफों को समझा तो अपराध से तौबा कर ली। आज इनमें से कई नौकरी कर रहा है तो कुछ ने अपना कारोबार शुरू कर दिया। पुलिस भी सामान्य जीवन में लौटने के लिए इनकी मदद कर रही है। इनके पुर्नवास के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन

इस समय पूरे जिले में139 हिस्ट्रीशीटर बदमाश हैं। वारदात होने पर इन बदमाशों की समय-समय पर हिस्ट्रीशीट खुलती रहती है। इनमें कुछ बदमाश ऐसे हैं जिनका नाम वर्षों से किसी मामले में सामने नहीं आया। पुलिस के रिकार्ड के मुताबिक 28 हिस्ट्रीशीटर ऐसे हैं जिनके खिलाफ पिछले कई साल से कोई भी मामला दर्ज नहीं हुआ। पुलिस भी लगातार इनकी निगरानी कर रही है। निगरानी टीम ने जो आला अफसरों को अपनी रिपोर्ट दी उसके मुताबिक 28 बदमाशों ने अपराध से अपना नाता तोड़ लिया है। जीविकोपार्जन के लिए यह बदमाश दूसरे काम कर रहे हैं। हालांकि पुलिस रिकॉर्ड में इनके नाम अभी भी दर्ज हैं। नियमित निगरानी के लिए बीट सिपाही भी लगे हैं। एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी का कहना है कि भले ही इन बदमाशों का नाम वर्षों से किसी अपराध में सामने न आया हो लेकिन, थाने में जिनकी हिस्ट्रीशीट होती है वह कभी खत्म नहीं होती। इनकी नियमित निगरानी होती है। अपराध की दुनिया छोड़ने वाले के पुर्नवास की कोशिश होती है।
विज्ञापन

केस वन
प्रेमनगर के पुलिया नंबर नौ के पास रहने वाला युवक करीब पंद्रह साल पहले हिस्ट्रीशीटर के तौर पर दर्ज हुआ लेकिन, बाद में उसने जरायम की दुनिया से तौबा कर ली। पिछले करीब पांच साल से वह शहर के एक पेट्रोल पंप में नौकरी करके परिवार का जीविकोपार्जन कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

केस दो
रक्सा के कौरंदी माता मंदिर के पास रहने वाला युवक पिछले पंद्रह साल से इलाके का हिस्ट्रीशीटर बदमाश रहा है। कुछ साल पहले विवाह होने के बाद उसने अपराध की दुनिया से तौबा कर लिया है। अब उसने घर के पास ही सिलाई की दुकान खोल ली। उसी से परिवार की गुजर बसर कर रहा है।

केस तीन
बड़ागांव के गोरामछिया निवासी व्यक्ति अपने समय का हिस्ट्रीशीटर बदमाश था, उसके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज थे। अब उसने भी अपराध की दुनिया से तौबा करके घर के पास एक दुकान खोल रखी है। उसी से परिवार का लालन पालन कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed