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27 वर्षों से लगातार सज रहा मां वैष्णो का दरबार
amarujala
Updated Tue, 16 Oct 2018 01:04 AM IST
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maa durga, jhansi news
- फोटो : amar ujala, jhansi news
सदर में लालता प्रसाद के हाता में पिछले 27 वर्षों से सजायी जा रही है मां वैष्णो देवी की गुफा। करीब एक हजार स्कवॉयर फीट में श्रद्धालु हाथी मत्था की चढ़ाई चढ़ते हैं, वहीं ज्वाला देवी की ज्योत के भी दर्शन करते हैं। शारदीय नवरात्र पर रोज पांच हजार से ज्यादा श्रद्धालु मां वैष्णो की पिंडी के दर्शन को लंबी-लंबी लाइनों में यहां लगते हैं।
खास बात यह है कि इस झांकी को सजाने के लिए कोई समिति नहीं है। सिर्फ है तो बच्चों व युवाओं के दल का जोश। अपना नाम न छापने की बात कहते हुए इस दल के सदस्यों ने बताया कि झांकी सजाने के लिए नवरात्र से दो माह पहले जुट जाते हैं। बांस, बल्ली व बोरा के उपयोग से वह गुफा का रास्ता बनाते हैं। मां वैष्णो के दरबार में पहुंचने का जो मार्ग है, उसे संपूर्ण रूप से झांकी के रूप में सजाया जाता है। झांकी में सबसे पहले हाथी मत्था की चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। इसके बाद ज्वाला देवी व उनक ी ज्योत के दर्शन होेते हैं। हनुमान दर्शन के बाद अर्द्धकुमारी गुफा, फिर बाण गंगा के ठंडे पानी से गुजरना पड़ता है। तत्पश्चात मां वैष्णो देवी के दर्शन और भैरो बाबा के दर्शन होते हैं। इनके अनुसार झांकी सजाने की शुरुआत एनडी सेन, संतोष साहू, गोपीचंद मेंबर, चंदन बॉथम ने की थी। वहीं, लेखराज रायकवार पिछले 26 वर्षों से लगातार सहयोग कर रहे हैं।
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खास बात यह है कि इस झांकी को सजाने के लिए कोई समिति नहीं है। सिर्फ है तो बच्चों व युवाओं के दल का जोश। अपना नाम न छापने की बात कहते हुए इस दल के सदस्यों ने बताया कि झांकी सजाने के लिए नवरात्र से दो माह पहले जुट जाते हैं। बांस, बल्ली व बोरा के उपयोग से वह गुफा का रास्ता बनाते हैं। मां वैष्णो के दरबार में पहुंचने का जो मार्ग है, उसे संपूर्ण रूप से झांकी के रूप में सजाया जाता है। झांकी में सबसे पहले हाथी मत्था की चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। इसके बाद ज्वाला देवी व उनक ी ज्योत के दर्शन होेते हैं। हनुमान दर्शन के बाद अर्द्धकुमारी गुफा, फिर बाण गंगा के ठंडे पानी से गुजरना पड़ता है। तत्पश्चात मां वैष्णो देवी के दर्शन और भैरो बाबा के दर्शन होते हैं। इनके अनुसार झांकी सजाने की शुरुआत एनडी सेन, संतोष साहू, गोपीचंद मेंबर, चंदन बॉथम ने की थी। वहीं, लेखराज रायकवार पिछले 26 वर्षों से लगातार सहयोग कर रहे हैं।
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