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सड़क दुर्घटना में कंटेनर से ले जाई जा रहीं 27 भैंसों की मौत
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झांसी। ड्राइवर को झपकी आ जाने से सागर से कानपुर जा रहा कंटेनर सिजवाहा तिराहा के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। तेज रफ्तार कंटेनर सड़क किनारे बने बाड़े में घुस गया। इससे कंटेनर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कंटेनर में 52 भैंस ले जाई जा रहीं थीं। इसमें 27 भैंसों की मौके पर मौत हो गई जबकि अन्य गंभीर रुप से घायल हैं। पुलिस ने कंटेनर सवार दो लोगों को मौके पर पकड़ लिया। ड्राइवर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस व्यापारी का पता लगाने में जुटी है।
रक्सा पुलिस के मुताबिक भैंसों से लदा एक कंटेनर सागर से कानपुर जा रहा था। सुबह करीब पांच बजे कंटेनर सिजवाहा तिराहा के पास पहुंचा तभी अचानक ड्राइवर को झपकी आ गई। कंटेनर की रफ्तार तेज थी। चालक कंटेनर को नियंत्रित नहीं कर सका। वह सड़क के किनारे नवीन मल्होत्रा के मकान से पहले बने बाड़े की दीवार तोड़ता हुआ भीतर जा घुसा। बाड़ा खाली होने से वहां कोई नुकसान नहीं हुआ। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग भी आ जुटे। थोड़ी देर में रक्सा पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस की मौजूदगी में जब कंटेनर खुलवाया गया तब अंदर दो पार्ट में ऊपर एवं नीचे भैंसों को ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। आनन-फानन में पशु चिकित्सकों को भी मौके पर बुलाया। काफी मशक्कत के बाद अंदर से भैसों को बाहर निकाला गया। इसमें 27 भैंस मरी हुई थीं जबकि अन्य गंभीर रूप से घायल थीं। देर-शाम तक इन भैंसों को बाहर निकालने का काम चलता रहा। मृत भैंसों का मौके पर चार डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस कंटेनर सवार दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ में जुटी है जबकि ड्राइवर पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार हो गया। प्रभारी निरीक्षक रामप्रकाश के मुताबिक पूछताछ की जा रही है। व्यापारी का भी पता जुटाया जा रहा है।
एक के ऊपर एक गिरने और दम घुटने से हुई मौत
कंटेनर के भीतर भैसों को बुरी तरह ठूंसकर भरा गया था। सभी भैसों के पांव रस्सी से बंधे थे। कंटेनर के अंदर ऊपर-नीचे बने दो ब्लॉक में इनको रखा गया था। नीचे ब्लॉक में करीब 32 भैंस थी जबकि ऊपर 20 भैंस रखी गई थीं। हादसा होते ही जोरदार झटका लगने से ऊपरी हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। ऊपर रखी गई भैंस नीचे बंधी भैंसोें पर गिर पड़ी। इसी हालत में वह सभी कई घंटे पड़ी रहीं। पशु चिकित्सकों के मुताबिक अत्याधिक वजन एवं कई घंटे तक इसी अवस्था में पड़े रहने से अधिकांश भैंसों का दम घुटने से मौत हो गई। जिन भैसों को बाहर निकाला गया, उनकी हालत भी अच्छी नहीं है।
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जानवरों को खिलाया गया था नशीला पदार्थ
दुर्घटना के करीब एक घंटे बाद कंटेनर खुलवाया जा सका लेकिन, अंदर बंद होने के बावजूद जानवर कोई आवाज नहीं निकाल रहे थे। चिकित्सकों को आशंका है कि इतनी दूर के सफर में जानवर कोई परेशानी न पैदा करें इसके लिए उनको कोई नशीला पदार्थ खिलाया गया था। चुटहिल होने के बाद भी जानवरों के भीतर कोई हरकत नहीं हो रही थी।
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रक्सा पुलिस के मुताबिक भैंसों से लदा एक कंटेनर सागर से कानपुर जा रहा था। सुबह करीब पांच बजे कंटेनर सिजवाहा तिराहा के पास पहुंचा तभी अचानक ड्राइवर को झपकी आ गई। कंटेनर की रफ्तार तेज थी। चालक कंटेनर को नियंत्रित नहीं कर सका। वह सड़क के किनारे नवीन मल्होत्रा के मकान से पहले बने बाड़े की दीवार तोड़ता हुआ भीतर जा घुसा। बाड़ा खाली होने से वहां कोई नुकसान नहीं हुआ। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग भी आ जुटे। थोड़ी देर में रक्सा पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस की मौजूदगी में जब कंटेनर खुलवाया गया तब अंदर दो पार्ट में ऊपर एवं नीचे भैंसों को ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। आनन-फानन में पशु चिकित्सकों को भी मौके पर बुलाया। काफी मशक्कत के बाद अंदर से भैसों को बाहर निकाला गया। इसमें 27 भैंस मरी हुई थीं जबकि अन्य गंभीर रूप से घायल थीं। देर-शाम तक इन भैंसों को बाहर निकालने का काम चलता रहा। मृत भैंसों का मौके पर चार डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस कंटेनर सवार दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ में जुटी है जबकि ड्राइवर पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार हो गया। प्रभारी निरीक्षक रामप्रकाश के मुताबिक पूछताछ की जा रही है। व्यापारी का भी पता जुटाया जा रहा है।
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एक के ऊपर एक गिरने और दम घुटने से हुई मौत
कंटेनर के भीतर भैसों को बुरी तरह ठूंसकर भरा गया था। सभी भैसों के पांव रस्सी से बंधे थे। कंटेनर के अंदर ऊपर-नीचे बने दो ब्लॉक में इनको रखा गया था। नीचे ब्लॉक में करीब 32 भैंस थी जबकि ऊपर 20 भैंस रखी गई थीं। हादसा होते ही जोरदार झटका लगने से ऊपरी हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। ऊपर रखी गई भैंस नीचे बंधी भैंसोें पर गिर पड़ी। इसी हालत में वह सभी कई घंटे पड़ी रहीं। पशु चिकित्सकों के मुताबिक अत्याधिक वजन एवं कई घंटे तक इसी अवस्था में पड़े रहने से अधिकांश भैंसों का दम घुटने से मौत हो गई। जिन भैसों को बाहर निकाला गया, उनकी हालत भी अच्छी नहीं है।
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जानवरों को खिलाया गया था नशीला पदार्थ
दुर्घटना के करीब एक घंटे बाद कंटेनर खुलवाया जा सका लेकिन, अंदर बंद होने के बावजूद जानवर कोई आवाज नहीं निकाल रहे थे। चिकित्सकों को आशंका है कि इतनी दूर के सफर में जानवर कोई परेशानी न पैदा करें इसके लिए उनको कोई नशीला पदार्थ खिलाया गया था। चुटहिल होने के बाद भी जानवरों के भीतर कोई हरकत नहीं हो रही थी।