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रेलवे के लिए खतरा बने 250 बदमाश, तय की गई निगरानी

Thu, 10 Dec 2020 01:41 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 10 Dec 2020 01:41 AM IST
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250 criminal dangerous for railway
झांसी। रेलवे के अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ पीयूष आनंद ने कहा कि झांसी अनुभाग के स्टेशनों के बीच पिछले पांच साल में अपराध करने वाले 250 बदमाशों की सूची तैयार की गई है, जिन पर नजर रखने के लिए एक- एक सिपाही को लगाया गया है। उनकी वर्तमान गतिविधि का पता किया जा रहा है। छप्पन बदमाशों की हिस्ट्रीशीट का पता करने के लिए दूसरे जिलों को पत्र लिखा गया है। बुधवार को जीआरपी लाइन सभागार में उन्होंने यह बात पत्रकारों से कही।
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उन्होंने कहा कि कोरोना काल में ट्रेन व स्टेशनों पर अपराध घट गए हैं। ट्रेनों में सिर्फ कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को ही सफर करने की अनुमति मिलने से लाभ हुआ है। कुछ घटनाओं में ऐसे बदमाश पकड़े गए, जो कंफर्म टिकट पर यात्रा कर रहे थे। कंफर्म टिकट ही बदमाशों को पकड़ने में मददगार साबित हो गया। कोहरे में अपराध न बढ़ सकें , इसके लिए ट्रेन स्क्वाएड व प्लेटफार्म ड्यूटी पर तैनात रहने वाले सिपाहियों को ब्लू टूथ स्पीकर मुहैया कराया जा रहा है, जिसकी मदद से वे लगातार यात्रियों को जागरूक करेंगे। साथ ही संबंधित थाना प्रभारियों को आकस्मिक चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक रेलवे आशीष तिवारी व क्षेत्राधिकारी रेलवे नईम खान मंसूरी मौजूद रहे।
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झांसी। चलती ट्रेन में टीटीई वेटिंग टिकट के यात्रियों को भी खाली बर्थ आवंटित कर देते हैं। ऐसे में अगर वेटिंग टिकट का यात्री कोई अपराध करता है तो उसका नाम पता नहीं मिल पाता है। जांच करने में दिक्कत आती है। यह व्यवस्था बननी चाहिए कि ऐसे मामलों में टीटीई यात्री का नाम, पता दर्ज कर अपने विभागीय रिकॉर्ड में रखे। ताकि जरूरत पड़ने पर वह रिकॉर्ड उनको तुरंत उपलब्ध हो सके।
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जीआरपी लाइन में आयोजित अपराध गोष्ठी में एडीजी पीयूष आनंद के सामने अधीनस्थ अधिकारियों ने उक्त समस्या को रखा। इस पर उन्होंने कहा कि वे जल्द ही इस संबंध में रेलवे बोर्ड को पत्र लिखेंगे। साथ ही घटना होने के बाद अधिकांश मुसाफिर गंतव्य स्टेशन पर पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराते हैं। कुछ दिन बाद उनको वह रिपोर्ट मिल पाती है। अगर रिपोर्ट लिखाते वक्त ही संबंधित स्टेशन की जीआरपी उनको सूचित कर दे तो अपराधियों को तुरंत पकड़ने में मिल सकेगी। इस सुझाव पर भी उन्होंने क्रियान्वयन कराने का आश्वासन दिया। इसके पूर्व उन्होंने जीआरपी लाइन स्थित एमटी शाखा, शस्त्रागार, बैरिक व मैस का निरीक्षण किया। नियंत्रण कक्ष, मीडिया सेल ड्यूटी, यूपी डायल 112, हेड क्लर्क शाखा, आंकिक, सीआईए, सर्विलांस शाखा, गोपनीय, एसपी और सीओ कार्यालय का निरीक्षण किया। जीआरपी थाने में अपराधों की विवेचना, हिस्ट्रीशीट, वांछित अपराधी, पुरस्कार घोषित अपराधी, मालखाना रजिस्टर का अवलोकन किया।
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