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बैंकों की हड़ताल के पहले ही दिन 250 करोड़ का कारोबार प्रभावित

Tue, 16 Mar 2021 01:07 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 16 Mar 2021 01:07 AM IST
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250 carore bussines effect for strik
झांसी। बैंकों के निजीकरण के विरोध मेें सोमवार से बैंक कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल शुरू हुई। इससे एक ही दिन में जिले में 250 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। बैंक न खुलने की वजह से लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ी। वहीं, हड़ताली कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर सरकार की आर्थिक नीतियों की जमकर आलोचना की। मंगलवार को भी बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे।
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बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का सुबह से ही असर नजर आने लगा था। बैंक शाखाओं में ताले लटके हुए थे। विभिन्न कार्यों से बैंक पहुंचे लोग मायूस होकर लौटते नजर आ रहे थे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंक कर्मचारी एसबीआई मुख्य शाखा के सामने एकत्र हुए। यहां आयबाक के अध्यक्ष सुशील तिवारी और एसबीआई के शाखा सचिव सीपी सरावगी की अध्यक्षता में धरना प्रदर्शन हुआ। इस दौरान यूएफबीयू के जिला संयोजक अशोक महावर ने कहा कि सरकार की बैंकों की निजीकरण की योजना से बैंक कर्मचारियों के साथ ग्राहक भी चिंतित हैं। निजीकरण से आम जनता की बैंकों में जमा मेहनत की कमाई डूबने का खतरा बढ़ जाएगा। कर्मचारियों को भी छंटनी का सामना करना पड़ेगा। उप संयोजक जेपी किलेदार ने कहा कि बैंकों के निजी क्षेत्र में जाने से आम जनता व व्यापारियों को ऋण हासिल करना मुश्किल हो जाएगा। सह संयोजक ज्ञानेंद्र मोहन अवस्थी ने कहा कि बैंकों के कार्पोरेट मालिक जमा पूंजी का निजी हितों में उपयोग करेंगे। जिला मंत्री सीबी आर्या ने कहा कि निजीकरण से जनता की आय और रोजगार पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। एनसीबीई के जिला मंत्री भान सिंह कुशवाहा ने कहा कि सरकार श्रम अधिकारों को कमजोर कर रही है। पीएनबी प्रोग्रेसिव यूनियन के विनय कृष्ण यादव ने कहा कि निजीकरण से पहले ही कमजोर अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा। यूपी बैंक इंपलाइज यूनियन के जिला मंत्री अविनाश पाठक ने कहा कि बैंक के दिवालीए होेने की स्थिति में जनता की बचत गारंटी मात्र पांच लाख होगी। संयुक्त मंत्री अजय कुशवाहा ने कहा कि निजी बैंकों में स्थाई नौकरी के स्थान पर अनुबंध नौकरियों को बढ़ावा मिलेगा। प्रदर्शन के दौरान एनसीबीई के क्षेत्रीय सचिव रामानुज अग्निहोत्री, ओवरसीज बैंक के जितेंद्र कुमार झा, बैंक ऑफ इंडिया के देवेंद्र भारद्वाज समेत पंकज ओझा, साधना सिंह दांगी, रौनक जैन, नेहा ठकरानी, अभिनव गुप्ता, राघवेंद्र सिंह यादव, अनूप सक्सेना, संजय पोरवाल, निहारिका श्रीवास्तव, अनुराग, अवनीश, आशीष सोनी, अभिषेक वर्मा, एसपी सिंह, आरती गुप्ता आदि ने भी सरकार की बैंकिंग नीतियों की आलोचना की।
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इस मौके पर राजेश सोनकर, प्रमोद दुबे, महेंद्र पाठक, वीरेंद्र सिंह कुशवाहा, गणेशीलाल, संजय सिंह चौहान, नरेंद्र कुमार, मनोज यादव, माधुरी चौधरी, मोनिका जैन, बरखा, अजय सिंह राठौर, मनीष कुमार, आशीष तिवारी आदि मौजूद रहे।
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पूंजीपतियों के हाथ में नहीं जाने देंगे जनता की पूंजी
झांसी। प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय पर उप्र ग्रामीण बैंक इंपलाइज यूनियन व प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के बैनर तले बैंक कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि जनता की जमा पूंजी को पूंजीपतियों के हाथों में किसी भी दशा में जाने नहीं दिया जाएगा। इस मौके पर यूनियन के क्षेत्रीय सचिव अभिषेक गुप्ता, सौरभ तिवारी, पवन कुमार, अरविंद कुशवाहा, चंदन कुमार, अमर आर्या, अधिकारी एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव एचके वर्मा, वीरेंद्र कुमार वर्मा, आशुतोष कुमार, आशीष गुप्ता, अभिषेक यादव, जफर मुहम्मद आदि मौजूद रहे। इस दौरान कर्मचारियों ने वित्त मंत्रालय को संबोधित ज्ञापन क्षेत्रीय प्रबंधक जीएस रावत को सौंपा।
हड़ताल के पहले ही दिन लड़खड़ाए एटीएम
झांसी। बैंकों की हड़ताल के पहले ही दिन एटीएम में भी लड़खड़ा गए। महानगर में लगे ज्यादातर एटीएम से लोगों को बगैर नकदी लिए वापस लौटना पड़ा। इससे लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। कहीं-कहीं तो पैसे कटने का एसएमएस आ गया, परंतु नकदी हाथ में नहीं आई। लोग नकदी की तलाश में एक एटीएम से दूसरे के चक्कर लगाते रहे।
भोजला से यहां गाड़ी सुधरवाने आए हैं। गाड़ी ठीक हो गई, लेकिन मैकेनिक को देने के लिए पैसा नहीं है। सोचा था एटीएम से निकालकर दे देंगे, परंतु कई एटीएम के चक्कर काट चुके हैं, पैसा कहीं नहीं मिला। - विजय पाल, भोजला
500 रुपये की निकासी के लिए एटीएम की प्रक्रिया पूरी की, पैसे तो नहीं मिले, खाते से पैसे कटने का मेसेज नहीं आया। कई एटीएम के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन नकदी नहीं मिल पाई। - अरमान, शहर

बीआईईटी से लेकर इलाइट तक आ पहुंचे। रास्ते के कई एटीएम चेक किए, लेकिन पैसा हाथ में नहीं आया है। तमाम लोग एटीएम से खाली हाथ लौटते नजर आए हैं। सभी परेशान हैं। - हेमंत कुमार, बीआईईटी
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