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देखिए सरकारी तमाशा सरेआम, हर महीने 23 लाख वेतन बिना काम!

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jul 2020 12:30 AM IST
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23 lakh salary without work
कोरोना काल में जब तमाम सरकारी दफ्तराें और निजी संस्थानों में वेतन के लाले पड़ रहे हैं, इस दौर में सिंचाई विभाग के अनुसंधान एवं नियोजन खंड कार्यालय के 42 अधिकारी-कर्मचारी बिना कुछ किए पिछले तीन साल से हर महीने लगातार 23 लाख का वेतन उठा रहे हैं। अफसरों का कहना है कि तीन साल से नई नहरों के सर्वे के लिए कोई बजट ही नहीं मिला है। सिंचाई विभाग के अनुसंधान एवं नियोजन खंड झांसी कार्यालय में पर एक अधिशासी अभियंता, एक सहायक अभियंता, आठ अभियंता, प्रशासनिक अधिकारी, लेखाकार, ड्राफ्टमैन, बाबू, चपरासी समेत कुल 42 लोगों का स्टाफ है। शासन ने इस कार्यालय को नई नहरों को बनाने के लिए सर्वे का काम सौंप रखा है। मगर, शासन ने पिछले तीन साल से नई नहरों के सर्वे को लेकर इस कार्यालय को कोई बजट नहीं दिया है। ऐसे में अधिकारी व कर्मचारी ऑफिस तो आते हैं, लेकिन नई रणनीति पर कोई काम नहीं कर पाते। इस विभाग के मुख्य अभियंता का कार्यालय अलीगढ़ में है, इस कारण कोई नजर रखने वाला भी नहीं है। - तीन साल में दस लाख रुपये से भी कम का बजट मिला, जो कार्यालय के रखरखाव आदि कार्यों में खर्च हो गया। नई नहरों के सर्वे के लिए कोई बजट नहीं मिला। नई नहरों के सर्वे के कई प्रस्ताव जरूर मुख्य अभियंता को भेज रखे हैं। बजट मिलने पर ही काम हो सकेगा। राजेश चंद्रा, अधिशासी अभियंता। अधिकारियों के चैंबर रहते हैं खाली ऑफिस में काम न होने के कारण अक्सर अधिकारी चैंबर में नहीं बैठते हैं। एक अधिकारी तो कोरोना महामारी के दौरान चार महीने तक अपने घर चले गए। पिछले हफ्ते एक दिन के लिए कार्यालय आए। आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए और वापस चले गए। चूंकि, अधिकारियों की उपस्थिति का कोई रजिस्टर नहीं होता है, इस कारण उनसे पूछताछ करने वाला भी कोई नहीं है। संबंधित अधिकारी के कार्यों की निगरानी के लिए लगाए गए दूसरे अफसर का भी यही हाल है। इस कारण दोनों अधिकारियों के बीच कभी मतभेद नहीं होते हैं। अधिकारियों के कार्यालय में न बैठने के कारण अनुकंपा सहित कई मामलों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। ऐसा ही एसई ऑफिस का हाल सिंचाई विभाग के अनुसंधान एवं नियोजन खंड झांसी के अधीक्षण कार्यालय का हाल भी कुछ ऐसा ही है। इस कार्यालय के अधिकार क्षेत्र में झांसी व बांदा के अधिशासी अभियंता कार्यालय आते हैं। यहां पर अधीक्षण अभियंता के अलावा नौ बाबू, एक ड्राफ्ट मैन व तीन चपरासी तैनात हैं।
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