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सिंचाई बंधु की बैठक,,,-City
Updated Tue, 12 Dec 2017 08:41 PM IST
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चिरगांव नहर पर हो रहा अतिक्रमण
सिंचाई बंधु की बैठक में संचालन पर आए सुझाव
गैरहाजिर अधिशासी अभियंताओं से स्पष्टीकरण
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
मंगलवार को सिंचाई बंधु की बैठक मेें नहर संचालन से जुड़ी समस्याएं छाईं रहीं। इस दौरान चिरगांव नहर पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने और सिमिरिया माइनर में आड़ा लगाने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए। बैठक से गैरहाजिर अधिशासी अभियंताओं से स्पष्टीकरण मांगा गया।
विकास भवन में हुई बैठक उपाध्यक्ष मनमोहन सिंह की अध्यक्षता और मुख्य विकास अधिकारी अन्नावि दिनेश कुमार की मौजूदगी में हुई। उपाध्यक्ष ने कहा कि अभी तक जनपद की माइनरों के टेल तक पानी नहीं पहुंच सका है। कई जगह आड़ा लगाने की शिकायतें आ रही हैं। ऐसे स्थानों पर सींचपाल से सर्वे कराके संबंधित लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जानी चाहिए। अधिशासी अभियंता नलकूप से बार- बार पूछा गया कि गढूका का नलकूप चालू है कि बंद। हर बार जवाब मिला कि चालू है। जबकि नलकूप लगातार बंद चल रहा है। झूठी जानकारी पर अधिशासी अभियंता नलकूप से स्पष्टीकरण मांगा गया।
बैठक में विधायक के प्रतिनिधि नरेंद्र तिवारी, भारतीय किसान यूनियन से बानसिंह यादव, अधिशासी अभियंता माताटीला एपी वर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेंद्र सिंह तोमर, जिला कृषि अधिकारी डीके सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत ग्रामीण डी यादवेंदु, प्रभागीय वनाधिकारी एके मालवीय, उपकृषि निदेशक मुन्ना लाल साहू उपस्थित थे।
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ये सुझाव आए
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- गढ़मऊ तालाब को दतिया वाहक नहर के माध्यम भरें, सिमथरी टेल तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाए, मथनपुरा माइनर के टेल तक नहीं पहुंच रहा पानी, एरच रजवाहा में रोस्टर के अनुसार नहर चलाएं, करई माइनर की सिल्ट सफाई करवाई जाए, टेल तक पानी नहीं पहुंचने का कारण बताएं, बंद नलकूपों की जानकारी दी जाए, गढूका-तालौड़ माइनर में पुलिया बनाने और आड़ा लगाने वालों पर रिपोर्ट दर्ज हो, गेहूं की ऐसी प्रजाति बताईं जाए जो कम पानी में उपजे।
नहीं पहुंचे जनप्रतिनिधि
सिंचाई बंधु की बैठक बेहद अहम मानी जाती है, लेकिन इसमें विधायक जवाहर राजपूत, राजीव सिंह, रमा निरंजन, बिहारी लाल आर्य नहीं पहुंचे।
सिंचाई बंधु की बैठक में संचालन पर आए सुझाव
गैरहाजिर अधिशासी अभियंताओं से स्पष्टीकरण
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
मंगलवार को सिंचाई बंधु की बैठक मेें नहर संचालन से जुड़ी समस्याएं छाईं रहीं। इस दौरान चिरगांव नहर पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने और सिमिरिया माइनर में आड़ा लगाने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए। बैठक से गैरहाजिर अधिशासी अभियंताओं से स्पष्टीकरण मांगा गया।
विकास भवन में हुई बैठक उपाध्यक्ष मनमोहन सिंह की अध्यक्षता और मुख्य विकास अधिकारी अन्नावि दिनेश कुमार की मौजूदगी में हुई। उपाध्यक्ष ने कहा कि अभी तक जनपद की माइनरों के टेल तक पानी नहीं पहुंच सका है। कई जगह आड़ा लगाने की शिकायतें आ रही हैं। ऐसे स्थानों पर सींचपाल से सर्वे कराके संबंधित लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जानी चाहिए। अधिशासी अभियंता नलकूप से बार- बार पूछा गया कि गढूका का नलकूप चालू है कि बंद। हर बार जवाब मिला कि चालू है। जबकि नलकूप लगातार बंद चल रहा है। झूठी जानकारी पर अधिशासी अभियंता नलकूप से स्पष्टीकरण मांगा गया।
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बैठक में विधायक के प्रतिनिधि नरेंद्र तिवारी, भारतीय किसान यूनियन से बानसिंह यादव, अधिशासी अभियंता माताटीला एपी वर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेंद्र सिंह तोमर, जिला कृषि अधिकारी डीके सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत ग्रामीण डी यादवेंदु, प्रभागीय वनाधिकारी एके मालवीय, उपकृषि निदेशक मुन्ना लाल साहू उपस्थित थे।
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ये सुझाव आए
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- गढ़मऊ तालाब को दतिया वाहक नहर के माध्यम भरें, सिमथरी टेल तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाए, मथनपुरा माइनर के टेल तक नहीं पहुंच रहा पानी, एरच रजवाहा में रोस्टर के अनुसार नहर चलाएं, करई माइनर की सिल्ट सफाई करवाई जाए, टेल तक पानी नहीं पहुंचने का कारण बताएं, बंद नलकूपों की जानकारी दी जाए, गढूका-तालौड़ माइनर में पुलिया बनाने और आड़ा लगाने वालों पर रिपोर्ट दर्ज हो, गेहूं की ऐसी प्रजाति बताईं जाए जो कम पानी में उपजे।
नहीं पहुंचे जनप्रतिनिधि
सिंचाई बंधु की बैठक बेहद अहम मानी जाती है, लेकिन इसमें विधायक जवाहर राजपूत, राजीव सिंह, रमा निरंजन, बिहारी लाल आर्य नहीं पहुंचे।