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बदलाव: 15 निजी एजेंसियों के 2000 गार्डों को सौंपा सुरक्षा का जिम्मा

Thu, 11 Feb 2021 01:52 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 11 Feb 2021 01:52 AM IST
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2000 security guard take safety responsibility
झांसी। बढ़ते अपराधों के चलते निजी सुरक्षा एजेंसियों के गार्ड रखने का चलन तेजी से बढ़ा है। आलम यह है कि जिले में कुल 2700 पुलिस वाले तैनात हैं जबकि बाशिंदों ने अपनी और परिवार की सुरक्षा में 15 निजी सुरक्षा एजेंसियों के कुल 2000 गार्ड तैनात किए हुए हैं। ये गार्ड पॉश कॉलोनियों से लेकर घर, प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में मुस्तैद हैं।
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बढ़ते अपराध और पुलिस फोर्स की कमी ने निजी सुरक्षा एजेंसियों के गार्ड को अपनी-अपनी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया है। शहर में बड़ी कॉलोनियों व घरों की सुरक्षा को लेकर पुलिस के भरोसे रहने के बजाय लोग निजी सुरक्षा एजेंसियों की मदद ले रहे हैं। जिले में बड़ी तादाद में सुरक्षा निजी एजेंसियों के हाथों में है। ऐसे लोगों की संख्या अधिक बढ़ रही है, जो कुछ दिन बाहर जाने की दशा में घर की सुरक्षा के लिए निजी एजेंसियों की सेवा ले रहे हैं। शहर में लगभग 15 निजी सुरक्षा एजेंसियां हैं। इनमें करीब दो हजार से अधिक गार्ड काम कर रहे हैं। चोरी, लूट व अन्य गंभीर अपराधों से बचने के लिए लोग खुद ही निजी सुरक्षा को लेकर गंभीर हो रहे हैं। डंडे वाले गार्ड आठ व बंदूक वाले गार्ड 18 हजार रुपये में उपलब्ध हैं।
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दिन के हिसाब से भी गार्ड
ऐसे परिवारों की संख्या बढ़ रही है जो कुछ दिन के लिए सुरक्षा गार्ड की सेवा ले रहे हैं। लंबी छुट्टी पर जाते समय या कार्यक्रम में शामिल होने जाने के दौरान घर की सुरक्षा बड़ी चिंता रहती है। सुरक्षा एजेंसियों की मानें तो हर महीने करीब पांच सौ से अधिक परिवार इस तरह की सेवा ले रहे हैं।
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एक नजर
शहर की आबादी : करीब 23 लाख
शहर में आवासों की संख्या : सवा लाख
शहर में कॉलोनियां : 46
मैं पूरी तत्परता से सुरक्षा में तैनात रहता हूं। हर आने-जाने वाले पर मेरी निगाह रहती है।
चंद्रपाल, गार्ड
मैं पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी करता हूं। मेरी ड्यूटी आठ से दस घंटे की रहती है।
सुशील कुमार, गार्ड
ड्यूटी पर पूरी तरह चौकन्ना रहता हूं। ड्यूटी के कई गुर सीखने से मुझे फायदा भी हुआ है।
महेंद्र सिंह, गार्ड
सुरक्षा करना मेरा कर्तव्य है। इसमें मैं किसी भी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरतता हूं।
विक्रम प्रताप तिवारी, गार्ड
इन तरीकों से हो रही हाईटेक सुरक्षा
- सुरक्षा गार्ड वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल कर कॉलोनी में रहने वालों के संपर्क में रहते हैं
- परिवार की शिनाख्त के बाद ही किसी को प्रवेश की अनुमति दी जाती है
- कई कॉलोनियों व प्रतिष्ठानों में आईकार्ड जारी किए गए हैं
- कॉलोनी से इतर वाहन तक बिना अनुमति प्रवेश नहीं कर सकते
पुलिस के लिए भी यह अच्छी बात है कि लोग अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूक हैं। गार्डों का भी पुलिस सत्यापन करती है।
विवेक त्रिपाठी, एसपी सिटी
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