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Jhansi News: लखनऊ प्रदर्शन में शामिल हुए झांसी से 200 बिजली कर्मचारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। निजीकरण के विरोध में बुधवार को लखनऊ में हुए प्रदर्शन में जनपद से 200 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। इससे झांसी में बिजली कार्यालयों में कामकाज ठप रहा और सन्नाटे का माहौल रहा। ऐसे में यहां काम के लिए आए उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, लाइनों में फाल्ट के लिए लाइनमैनों ने संभाला और सुधार कार्य कराए। पावर कारपोरेशन के पूर्वांचल और दक्षिणांचल डिस्कॉम को प्राइवेट हाथों में दिया जा रहा है। इसका बिजली अभियंता और कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। बुधवार को प्रदेश भर से आए बिजलीकर्मियों ने लखनऊ में फील्ड हॉस्टल में धरना देकर प्रदर्शन किया। यह कर्मचारी फील्ड हॉस्टल से शक्ति भवन तक रैली निकालकर पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन से निजीकरण को निरस्त करने की मांग की। प्रदर्शन में जिले से आठ सहायक अभियंता, 17 अवर अभियंता, 50 टीजी-2, 50 कार्यालय सहायक व शेष संविदाकर्मी शामिल रहे। इसके अलावा, जो कर्मचारी लखनऊ नहीं पहुंचे, वह भी कार्य से विरत रहे। ऐसे में बिजली कार्यालयों में सन्नाटे की स्थिति और कामकाज ठप रहा। बिजली बिल, नए कनेक्शन व अन्य कार्याें से यहां पहुंचे उपभोक्ताओं को कोई अधिकारी-कर्मचारी नहीं मिला। इससे उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। वहीं, लाइनों में फाल्ट की कुछ ज्यादा खराब स्थिति नहीं रही। छोटे फाल्ट रहे, जिन्हें लाइनमैन ने अटेंड कर सुधार कर लिया। इससे उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का ज्यादा कुछ अहसास नहीं हुआ।
झांसी। निजीकरण के विरोध में बुधवार को लखनऊ में हुए प्रदर्शन में जनपद से 200 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। इससे झांसी में बिजली कार्यालयों में कामकाज ठप रहा और सन्नाटे का माहौल रहा। ऐसे में यहां काम के लिए आए उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, लाइनों में फाल्ट के लिए लाइनमैनों ने संभाला और सुधार कार्य कराए। पावर कारपोरेशन के पूर्वांचल और दक्षिणांचल डिस्कॉम को प्राइवेट हाथों में दिया जा रहा है। इसका बिजली अभियंता और कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। बुधवार को प्रदेश भर से आए बिजलीकर्मियों ने लखनऊ में फील्ड हॉस्टल में धरना देकर प्रदर्शन किया। यह कर्मचारी फील्ड हॉस्टल से शक्ति भवन तक रैली निकालकर पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन से निजीकरण को निरस्त करने की मांग की। प्रदर्शन में जिले से आठ सहायक अभियंता, 17 अवर अभियंता, 50 टीजी-2, 50 कार्यालय सहायक व शेष संविदाकर्मी शामिल रहे। इसके अलावा, जो कर्मचारी लखनऊ नहीं पहुंचे, वह भी कार्य से विरत रहे। ऐसे में बिजली कार्यालयों में सन्नाटे की स्थिति और कामकाज ठप रहा। बिजली बिल, नए कनेक्शन व अन्य कार्याें से यहां पहुंचे उपभोक्ताओं को कोई अधिकारी-कर्मचारी नहीं मिला। इससे उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। वहीं, लाइनों में फाल्ट की कुछ ज्यादा खराब स्थिति नहीं रही। छोटे फाल्ट रहे, जिन्हें लाइनमैन ने अटेंड कर सुधार कर लिया। इससे उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का ज्यादा कुछ अहसास नहीं हुआ।