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बीस कैदियों को छोड़ा गया
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झांसी। कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए कैदियों को पैरोल पर छोड़े जाने की कार्रवाई शुक्रवार से आरंभ हो गई। पहले चरण में बीस कैदियों की पैरोल मंजूर हुई है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित उच्च स्तरीय कमेटी ने इस संबंध में कुछ दिन पहले ही निर्देश दिए थे। इसके जरिए ऐसे कैदियों को पैरोल पर छोड़ा जाना है, जिनकी सजा सात वर्ष से कम हो। ऐसे कैदियों को ही साठ दिन का विशेष पैरोल अथवा अंतरिम जमानत का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने कमेटी बनाई है। कमेटी ही पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगी। कैदियों को पेंडेमिक पैरोल अथवा अंतरिम जमानत पर रिहाई योजना में से किसका लाभ मिलेगा, इसका भी पूरा ब्यौरा दर्ज किया जाएगा। योजना के तहत 30 मई तक कैदियों को कोर्ट में पेश होने पर पहले ही रोक लगाई जा चुकी। जो कैदी पहले से पैरोल पर हैं, उनकी पैरोल भी साठ दिन बढ़ाने की बात कही गई है। शांतिपूर्ण पैरोल के बाद समर्पण कर चुके कैदियों को भी इसका लाभ देेने को कहा गया है।
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित उच्च स्तरीय कमेटी ने इस संबंध में कुछ दिन पहले ही निर्देश दिए थे। इसके जरिए ऐसे कैदियों को पैरोल पर छोड़ा जाना है, जिनकी सजा सात वर्ष से कम हो। ऐसे कैदियों को ही साठ दिन का विशेष पैरोल अथवा अंतरिम जमानत का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने कमेटी बनाई है। कमेटी ही पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगी। कैदियों को पेंडेमिक पैरोल अथवा अंतरिम जमानत पर रिहाई योजना में से किसका लाभ मिलेगा, इसका भी पूरा ब्यौरा दर्ज किया जाएगा। योजना के तहत 30 मई तक कैदियों को कोर्ट में पेश होने पर पहले ही रोक लगाई जा चुकी। जो कैदी पहले से पैरोल पर हैं, उनकी पैरोल भी साठ दिन बढ़ाने की बात कही गई है। शांतिपूर्ण पैरोल के बाद समर्पण कर चुके कैदियों को भी इसका लाभ देेने को कहा गया है।
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