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1996 में झांसी से लोकसभा चुनाव लड़े थे तिवारी
amarujala
Updated Fri, 19 Oct 2018 01:17 AM IST
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nd tiwari, jhansi news
- फोटो : amar ujala, jhansi news
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पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी का झांसी से गहरा लगाव रहा। उनके मुख्यमंत्रित्व काल में शहर को कई सौगातें मिलीं, जिनको भुलाया नहीं जा सकता। यहां से उन्होंने 1996 में अपनी पार्टी ‘तिवारी कांग्रेस’ से भी लोकसभा चुनाव लड़ा। हालांकि, वह यह चुनाव हार गए। वह पांचवें स्थान पर रहे थे। उनके निधन से समर्थकों व शुभचिंतकों में शोक की लहर है।
नारायण दत्त तिवारी के मुख्यमंत्रित्व काल में झांसी महानगर को भेल, सूतीमिल, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज, माताटीला पेयजल योजना, बुंदेलखंड इंजीनियरिंग कॉलेज, अनेक सिंचाई योजनाएं, पारीछा थर्मल पावर प्लांट, हवाई पट्टी जैसी कई सौगातें मिलीं। इन सबको स्थापित कराने में उनकी अहम भूमिका रही। वह अपने मुख्यमंत्रित्व काल में जब भी झांसी आए पूर्व मंत्री ओमप्रकाश रिछारिया के मानिक चौक स्थित आवास पर गए। यहां कार्यकर्ताओं से भेंट की। उनकी आदत में था कि वह कार्यकर्ताओं को उनके नाम की जगह शहर के नाम से बुलाते थे।
1995 में कांग्रेस से नाता तोड़कर जब उन्होंने ‘तिवारी कांग्रेस’ बनाई थी, तब उन्होंने यहां रैली की। रैली में पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन सिंह, मोहसिना किदवई, शीला दीक्षित भी शामिल हुई थीं। पहले वह 1996 में अपनी पार्टी से पूर्व मंत्री स्व. श्रीमती बेनीबाई, स्व. रमेश कुमार शर्मा, ओमप्रकाश रिछारिया में एक को चुनाव लड़ाना चाहते थे, मगर सभी की सहमति पर उनको खुद चुनाव लड़ना पड़ा। सपा सरकार ने उनको राज्य विशेष अतिथि का दर्जा दिया था। सपा कार्यकाल में ही वह 19 दिसंबर 2012 को छह दिवसीय दौरे पर झांसी आए थे। अपने दौरे के दौरान उन्होंने भेल, पारीछा थर्मल प्लांट और मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया । सिविल लाइन स्थित पूर्व मंत्री ओमप्रकाश रिछारिया के बंगले पर पहुंचकर उनके परिजनों के साथ पुरानी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की।
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नारायण दत्त तिवारी के मुख्यमंत्रित्व काल में झांसी महानगर को भेल, सूतीमिल, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज, माताटीला पेयजल योजना, बुंदेलखंड इंजीनियरिंग कॉलेज, अनेक सिंचाई योजनाएं, पारीछा थर्मल पावर प्लांट, हवाई पट्टी जैसी कई सौगातें मिलीं। इन सबको स्थापित कराने में उनकी अहम भूमिका रही। वह अपने मुख्यमंत्रित्व काल में जब भी झांसी आए पूर्व मंत्री ओमप्रकाश रिछारिया के मानिक चौक स्थित आवास पर गए। यहां कार्यकर्ताओं से भेंट की। उनकी आदत में था कि वह कार्यकर्ताओं को उनके नाम की जगह शहर के नाम से बुलाते थे।
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1995 में कांग्रेस से नाता तोड़कर जब उन्होंने ‘तिवारी कांग्रेस’ बनाई थी, तब उन्होंने यहां रैली की। रैली में पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन सिंह, मोहसिना किदवई, शीला दीक्षित भी शामिल हुई थीं। पहले वह 1996 में अपनी पार्टी से पूर्व मंत्री स्व. श्रीमती बेनीबाई, स्व. रमेश कुमार शर्मा, ओमप्रकाश रिछारिया में एक को चुनाव लड़ाना चाहते थे, मगर सभी की सहमति पर उनको खुद चुनाव लड़ना पड़ा। सपा सरकार ने उनको राज्य विशेष अतिथि का दर्जा दिया था। सपा कार्यकाल में ही वह 19 दिसंबर 2012 को छह दिवसीय दौरे पर झांसी आए थे। अपने दौरे के दौरान उन्होंने भेल, पारीछा थर्मल प्लांट और मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया । सिविल लाइन स्थित पूर्व मंत्री ओमप्रकाश रिछारिया के बंगले पर पहुंचकर उनके परिजनों के साथ पुरानी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की।
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