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18 बच्चों का ऑन स्पाट स्कूलों में प्रवेश
झांसी / ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jul 2015 01:05 AM IST
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मंगलवार को अमर उजाला के ‘बेटी ही बचाएगी’ अभियान के तहत बेसिक शिक्षा
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विभाग के सहयोग से हाथी खाना, नई बस्ती में विद्यालयीय शिक्षा से वंचित 18
बेटियों व बालकों का ऑन स्पॉट प्रवेश कराया गया। इस दौरान अभिभावकों को भी
शिक्षा के प्रति जागरूक किया गया। बुधवार को प्राथमिक विद्यालय बिजौली,
बालक से प्रात: 9 बजे से अभियान चलेगा।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय, नई बस्ती से पूर्व माध्यमिक विद्यालय नई बस्ती कन्या, प्राथमिक विद्यालय आंतिया तालाब, नवीन यूनिट कन्या नई बस्ती के छात्र - छात्राओं ने ‘घर- घर शिक्षा का दीप जलाओ’ के नारे लगाते हुए विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण किया। उन्होंने लोगों को शिक्षा के महत्व पर जागृत किया।
इस मौके पर नगर खंड शिक्षा अधिकारी राजकुमार विश्वकर्मा, एबीआरसी चौधरी धर्मेंद्र, गजनफर हुसैन, प्रेमा देवी, पूनम कुशवाहा, कविता चौधरी, मालती देवी, शशि यादव, ममता भाष्कर, विद्यालय प्रबंध समिति की अध्यक्षा देवकी, कामता प्रसाद, शीला, दामोदर आदि ने प्रवेश उत्सव के तहत बुलावा टोलियां बनाकर अमर उजाला टीम के साथ हाथी खाना, स्टॉक, शिया की मस्जिद, चांद दरवाजा, नई बस्ती, चांद दरवाजा क्षेत्र में भ्रमण किया। घर - घर जाकर लोगों को बच्चों को शिक्षा देने के लिए जागृत किया। इस दौरान कई परिवारों ने अपने बच्चों विशेषकर बेटियों को विद्यालयीय शिक्षा से वंचित होेने का कारण गरीबी व घरेलू काम काज होना बताया।
शीतल व प्रीति की मां रानी के मुताबिक पिता मजदूरी करते हैं। गरीबी व घरेलू काम के चलते उनकी बेटियों ने पढ़ाई में होशियार होने के बावजूद स्कूल छोड़ा। इसी प्रकार बीच में ही स्कूल छोड़ने वाली अंजनी, सोनाली, स्नेहा ने बताया कि घरेलू काम काज ने उनकी पढ़ाई को बाधित किया। हालांकि यह बताने पर कि जीवन में शिक्षा जरूरी है, इस पर उन्होंने पुन: पढ़ने में रूचि दिखाते हुए ऑन स्पॉट प्रवेश कराया। वहीं कई ऐसे बच्चे भी मिले जो पढ़ाई से जी चुराते हैं। परेशान अभिभावकों ने बताया कि हर प्रकार से वह अपने बच्चों को प्रोत्साहन देते हैं, लेकिन यह स्कूल नहीं जाते। हालांकि, टीम द्वारा समझाने पर बच्चों ने स्कूल नियमित जाने की हामी भरी तथा स्कूल में प्रवेश कराया।
जेसीआई वीरांगना की सदस्याओं ने भी की सहभागिता
अमर उजाला के ‘बेटी ही बचाएगी’ अभियान में मंगलवार को जेसीआई झांसी वीरांगना की सदस्याओं ने भी कदम से कदम मिलाकर विद्यालयीय शिक्षा से वंचित बेटियों एवं उनके अभिभावकोें को शिक्षा के प्रति जागृत किया। अमर उजाला की टीम व बेसिक शिक्षा विभाग क ी बुलावा टोलियों के साथ न सिर्फ उन्होंने मलिन बस्तियों सहित कई क्षेत्रों में भ्रमण किया, बल्कि अभिभावकों को बच्चों के शैक्षिक अधिकार भी बताए। इस अवसर पर अध्यक्ष रेखा राठौर, अपर्णा दुबे, चार्टर अध्यक्ष हेमा अग्रवाल, रविंका अग्रवाल, नेहा अग्रवाल, सचिव दीपाली अग्रवाल, ललिता अग्रवाल आदि मौजूद रहीं।
इन बच्चों का हुआ ऑन स्पॉट प्रवेश
अभियान के दौरान 18 बेटियों व बालकों का ऑन स्पॉट प्रवेश हुआ। बेटियों में रेणुका, काजल, सोनाली, अंजली, स्नेहा, दीपाली, भूमि, अंजली, मोनिका, शीतल, प्रीति, आकांक्षा, तनीषा हैं। बालकों में रियांश, आशीष, अनिकेत, अभिषेक, शिवम हैं।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय, नई बस्ती से पूर्व माध्यमिक विद्यालय नई बस्ती कन्या, प्राथमिक विद्यालय आंतिया तालाब, नवीन यूनिट कन्या नई बस्ती के छात्र - छात्राओं ने ‘घर- घर शिक्षा का दीप जलाओ’ के नारे लगाते हुए विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण किया। उन्होंने लोगों को शिक्षा के महत्व पर जागृत किया।
इस मौके पर नगर खंड शिक्षा अधिकारी राजकुमार विश्वकर्मा, एबीआरसी चौधरी धर्मेंद्र, गजनफर हुसैन, प्रेमा देवी, पूनम कुशवाहा, कविता चौधरी, मालती देवी, शशि यादव, ममता भाष्कर, विद्यालय प्रबंध समिति की अध्यक्षा देवकी, कामता प्रसाद, शीला, दामोदर आदि ने प्रवेश उत्सव के तहत बुलावा टोलियां बनाकर अमर उजाला टीम के साथ हाथी खाना, स्टॉक, शिया की मस्जिद, चांद दरवाजा, नई बस्ती, चांद दरवाजा क्षेत्र में भ्रमण किया। घर - घर जाकर लोगों को बच्चों को शिक्षा देने के लिए जागृत किया। इस दौरान कई परिवारों ने अपने बच्चों विशेषकर बेटियों को विद्यालयीय शिक्षा से वंचित होेने का कारण गरीबी व घरेलू काम काज होना बताया।
शीतल व प्रीति की मां रानी के मुताबिक पिता मजदूरी करते हैं। गरीबी व घरेलू काम के चलते उनकी बेटियों ने पढ़ाई में होशियार होने के बावजूद स्कूल छोड़ा। इसी प्रकार बीच में ही स्कूल छोड़ने वाली अंजनी, सोनाली, स्नेहा ने बताया कि घरेलू काम काज ने उनकी पढ़ाई को बाधित किया। हालांकि यह बताने पर कि जीवन में शिक्षा जरूरी है, इस पर उन्होंने पुन: पढ़ने में रूचि दिखाते हुए ऑन स्पॉट प्रवेश कराया। वहीं कई ऐसे बच्चे भी मिले जो पढ़ाई से जी चुराते हैं। परेशान अभिभावकों ने बताया कि हर प्रकार से वह अपने बच्चों को प्रोत्साहन देते हैं, लेकिन यह स्कूल नहीं जाते। हालांकि, टीम द्वारा समझाने पर बच्चों ने स्कूल नियमित जाने की हामी भरी तथा स्कूल में प्रवेश कराया।
जेसीआई वीरांगना की सदस्याओं ने भी की सहभागिता
अमर उजाला के ‘बेटी ही बचाएगी’ अभियान में मंगलवार को जेसीआई झांसी वीरांगना की सदस्याओं ने भी कदम से कदम मिलाकर विद्यालयीय शिक्षा से वंचित बेटियों एवं उनके अभिभावकोें को शिक्षा के प्रति जागृत किया। अमर उजाला की टीम व बेसिक शिक्षा विभाग क ी बुलावा टोलियों के साथ न सिर्फ उन्होंने मलिन बस्तियों सहित कई क्षेत्रों में भ्रमण किया, बल्कि अभिभावकों को बच्चों के शैक्षिक अधिकार भी बताए। इस अवसर पर अध्यक्ष रेखा राठौर, अपर्णा दुबे, चार्टर अध्यक्ष हेमा अग्रवाल, रविंका अग्रवाल, नेहा अग्रवाल, सचिव दीपाली अग्रवाल, ललिता अग्रवाल आदि मौजूद रहीं।
इन बच्चों का हुआ ऑन स्पॉट प्रवेश
अभियान के दौरान 18 बेटियों व बालकों का ऑन स्पॉट प्रवेश हुआ। बेटियों में रेणुका, काजल, सोनाली, अंजली, स्नेहा, दीपाली, भूमि, अंजली, मोनिका, शीतल, प्रीति, आकांक्षा, तनीषा हैं। बालकों में रियांश, आशीष, अनिकेत, अभिषेक, शिवम हैं।