फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   सुरक्षित प्रसव में मदद करेगा एप

सुरक्षित प्रसव में मदद करेगा एप

Sat, 11 May 2019 12:35 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 11 May 2019 12:35 AM IST
विज्ञापन
सुरक्षित प्रसव में मदद करेगा एप
सुरक्षित प्रसव में मदद करेगा एप
विज्ञापन


झांसी। सुरक्षित प्रसव कराने के लिए सेफ डिलेवरी एप लांच किया गया है। इस एप में गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं के उपचार का सरल तरीका बताया जाएगा। साथ ही स्टाफ नर्स, एएनएम का प्रसव संबंधी चिकित्सीय कौशल भी विकसित होगा।
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन प्रयास कर रहा है। इसके लिए एक ओर प्रसव पूर्व जांच, संस्थागत प्रसव, होम बेस्ड न्यू बार्न केयर के साथ ही अन्य तमाम योजनाओं पर जोर दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर तकनीकी पहलुओं पर भी पूरी तरह से फोकस किया जा रहा है। अब सेफ डिलेवरी एप लांच किया गया है।
विज्ञापन

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक पंकज कुमार ने प्रदेश के सभी एडी हेल्थ और सीएमओ को पत्र जारी कर सेफ डिलेवरी एप का उपयोग अपने-अपने जिले की सभी स्वास्थ्य इकाइयों में करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सेफ डिलेवरी एप एक नवीनतम स्वास्थ्य उपकरण है। इसके द्वारा एनीमेटेड फिल्मों के माध्यम से बहुत ही सरल तरीके से प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं के उपचार का तरीका बताया जाएगा। सेफ डिलिवरी एप के माध्यम से स्वास्थ्य इकाइयों में काम करने वाली स्टाफ नर्स और एएनएम का प्रसव संबंधी चिकित्सीय कौशल को विकसित किया जा सकेगा। स्वास्थ्य कार्यकर्ता इस एप को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से उपयोग कर सकते हैं। प्रदेश की समस्त चिकित्सा इकाइयों के प्रसव कक्ष एवं मैटरनिटी ओटी में कार्यरत स्टाफ नर्स, एएनएम और चिकित्सा पदाधिकारियों द्वारा इतनी सारी खूबियों वाले इस एप का उपयोग कराने पर जोर दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या कहते हैं आंकड़े
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर के आंकड़ों की गौर करें तो प्रदेश में इसमें गिरावट देखने को मिल रही है। वार्षिक स्वास्थ्य सर्वे 2012-13 के अनुसार प्रदेश की मातृ मृत्यु दर प्रति लाख 258 थी, जो कि रजिस्ट्रेशन सिस्टम 2014-16 में घटकर 201 पर आ गई। इसी प्रकार शिशु मृत्यु दर 2014 के अनुसार प्रति हजार 48 थी, जो कि 2016 में 43 दर्ज की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed