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पीआरडी जवान: डयूटी कहीं, नौकरी कहीं-Cordination
Updated Tue, 25 Sep 2018 01:57 AM IST
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पीआरडी जवान: ड्यूटी यहां, नौकरी वहां
- सीडीओ ने ड्यूटी प्रभारी को निगरानी करने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पीआरडी जवानों की ड्यूटी तो संस्थानों में सुरक्षा कर्मी के लिहाज से लगाई जाती है लेकिन संस्थान के आला अधिकारी इन जवानों को अपने साथ खेतों में ले जाते हैं। साथ ही निजी काम से इधर-उधर दौड़ाते हैं। शिकायत मिलने पर सीडीओ ने ड्यूटी प्रभारी को निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
सरकारी संस्थानों में पीआरडी जवान सुरक्षा कर्मी के तौर पर काम करते हैं। बदले में उन्हें 250 रुपये प्रतिदिन दिए जाते हैं। जिले में 842 में 450 जवान अलग-अलग संस्थाओं में ड्यूटी कर रहे हैं। इसमें कई संस्थान ऐसे हैं, जहां पीआरडी जवानों को सुरक्षा के स्थान पर संस्थान के मुखिया अथवा रसूखदार व्यक्तियों की जी हजूरी करनी पड़ती है। स्थिति यह है कि कोई पीआरडी जवान को निजी काम से खेतों में ले जाता है तो कोई व्यक्तिगत कार्य से बाजार में शॉपिंग कराने ले जाता है। इस तरह की शिकायतें आए दिन विभाग को मिल रही हैं।
मुख्य विकास अधिकारी निखिल टी. फुंडे ने समीक्षा की तो मामला संज्ञान में आया। उन्होंने संस्थाओं को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि जवानों को संस्थान में ही तैनात किया जाए, इसके अतिरिक्त कहीं और न ले जाया जाए। ड्यूटी प्रभारी शिवराम सिंह और वेद प्रकाश चतुर्वेदी को निर्देश दिए कि महीने में दो बार संस्थानों का निरीक्षण कर जवानों की ड्यूटी चेक करें। यदि शिकायत आएगी तो जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। संस्थान के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। इस संबंध में जिला युवा कल्याण अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि टीकाराम स्मृति महाविद्यालय मोंठ, सुभाष इंटर कॉलेज पूंछ और मां भगवती औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खैलार की शिकायतें आ रही हैं। सभी संस्थान पीआरडी जवानों का इस्तेमाल वहीं पर करें, जहां उनकी तैनाती है।
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- सीडीओ ने ड्यूटी प्रभारी को निगरानी करने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पीआरडी जवानों की ड्यूटी तो संस्थानों में सुरक्षा कर्मी के लिहाज से लगाई जाती है लेकिन संस्थान के आला अधिकारी इन जवानों को अपने साथ खेतों में ले जाते हैं। साथ ही निजी काम से इधर-उधर दौड़ाते हैं। शिकायत मिलने पर सीडीओ ने ड्यूटी प्रभारी को निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
सरकारी संस्थानों में पीआरडी जवान सुरक्षा कर्मी के तौर पर काम करते हैं। बदले में उन्हें 250 रुपये प्रतिदिन दिए जाते हैं। जिले में 842 में 450 जवान अलग-अलग संस्थाओं में ड्यूटी कर रहे हैं। इसमें कई संस्थान ऐसे हैं, जहां पीआरडी जवानों को सुरक्षा के स्थान पर संस्थान के मुखिया अथवा रसूखदार व्यक्तियों की जी हजूरी करनी पड़ती है। स्थिति यह है कि कोई पीआरडी जवान को निजी काम से खेतों में ले जाता है तो कोई व्यक्तिगत कार्य से बाजार में शॉपिंग कराने ले जाता है। इस तरह की शिकायतें आए दिन विभाग को मिल रही हैं।
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मुख्य विकास अधिकारी निखिल टी. फुंडे ने समीक्षा की तो मामला संज्ञान में आया। उन्होंने संस्थाओं को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि जवानों को संस्थान में ही तैनात किया जाए, इसके अतिरिक्त कहीं और न ले जाया जाए। ड्यूटी प्रभारी शिवराम सिंह और वेद प्रकाश चतुर्वेदी को निर्देश दिए कि महीने में दो बार संस्थानों का निरीक्षण कर जवानों की ड्यूटी चेक करें। यदि शिकायत आएगी तो जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। संस्थान के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। इस संबंध में जिला युवा कल्याण अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि टीकाराम स्मृति महाविद्यालय मोंठ, सुभाष इंटर कॉलेज पूंछ और मां भगवती औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खैलार की शिकायतें आ रही हैं। सभी संस्थान पीआरडी जवानों का इस्तेमाल वहीं पर करें, जहां उनकी तैनाती है।
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