झांसी। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सभी जिलों में एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान नौ से 22 मार्च तक चलाया जाएगा। जिले की 20 फीसदी आबादी यानी कि 4.60 लाख लोगों में टीबी रोगियों की खोज की जाएगी। इसके लिए 160 टीमों का गठन किया गया है।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 में टीबी नोटिफिकेशन का लक्ष्य छह लाख निर्धारित किया था। इसके सापेक्ष 4,53,709 क्षय रोगी पंजीकृत किए गए। वर्ष 2020-21 में कोविड महामारी के चलते टीबी नोटिफिकेशन में गिरावट आई है। इसके बढ़ाने के लिए शहरी और ग्रामीण इलाकों में माइक्रो प्लान तैयार करके घर-घर दस्तक अभियान चलाया गया और टीबी रोगियों की खोज की गई। अब पोस्ट कोविड मरीजों की टीबी की जांच और 20 प्रतिशत आबादी में अधिक संवेदनशील जनसंख्या में संभावित टीबी मरीजों की खोज के लिए बुधवार से अभियान शुरू होगा। टीबी मरीज मिलने पर उनकी नि:शुल्क जांच और इलाज किया जाएगा। टीबी अस्पताल के वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक देवेंद्र व्यास ने बताया कि हर टीम में तीन सदस्य हैं। अभियान के लिए ऐसे स्थानों का चयन किया जाता है, जहां टीबी के संभावित रोगी के मिलने की संभावना ज्यादा होती है। जिले के हर ब्लॉक में ये अभियान चलाया जाना है। मलिन बस्तियों अथवा ऐसे गांव जो सरकारी अस्पतालों से दूर हैं, यहां पर प्रमुखता से अभियान चलाया जाएगा।