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अभियान के बाद भी पॉलिथीन का उपयोग धड़ल्ले से
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अभियान के बाद भी पॉलिथीन का उपयोग धड़ल्ले से
झांसी। पॉलिथीन के खिलाफ अभियान लगातार जारी है, बावजूद इसका उपयोग भी धड़ल्ले से हो रहा है। खासतौर पर छोटे दुकानदार ग्राहकों को पॉलिथीन में सामान देने से बाज नहीं आ रहे हैं। जबकि, तमाम बड़े दुकानदार पॉलिथीन की जगह कैरी बैग का उपयोग करने लगे हैं।
बीते रोज सोमवार को हुई इस सीजन की पहली बारिश में शहर में जगह-जगह जल भराव की स्थिति पैदा हो गई थी। नाले - नालियां जाम हो गईं थीं और उनका गंदा पानी सड़कों पर आ गया था। शहर की इस दुर्दशा में काफी हाथ तक पॉलिथीन का हाथ रहा। नाले नालियों में पॉलीथिन का कचरा जमा होने की वजह से जाम हुईं थीं। निकासी की व्यवस्था न होने की वजह से पानी उफना गया था। ये स्थिति तब है जबकि नगर निगम द्वारा लोकसभा चुनाव के बाद से लगातार पॉलीथिन के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है। छोटे दुकानदारों के लगातार चालान काटे जा रहे हैं। इस बीच छापामार कार्रवाई कर थोक कारोबारियों पर भी शिकंजा कसा गया है।
हालांकि, ज्यादातर बड़े दुकानदारों ने पॉलीथिन के उपयोग से कन्नी काट ली है। वे ग्राहकों को कैरी बेग में सामान दे रहे हैं, लेकिन छोटी दुकानों, ठेलों पर अब भी ये धड़ल्ले से ग्राहकों को थमाई जा रही हैं।
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खपाया जा रहा है स्टॉक
बाजार के सूत्रों के अनुसार शहर में पॉलीथिन का बाहर से आना बंद हो गया है। थोक व छोटे कारोबारियों के पास जो स्टॉक बचा हुआ है, वे उसी को ठिकाने लगाने में लगे हुए हैं। ये काम भी बेहद गुपचुप ढंग से किया जा रहा है। पॉलिथीन दुकानों से नहीं बेची जा रही है, बल्कि इनकी डिलेवरी की जा रही है।
पॉलिथीन के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। इसका खासा असर भी देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में इस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जाएगा।
- अरुण कुमार गुप्ता, अपर नगर आयुक्त
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झांसी। पॉलिथीन के खिलाफ अभियान लगातार जारी है, बावजूद इसका उपयोग भी धड़ल्ले से हो रहा है। खासतौर पर छोटे दुकानदार ग्राहकों को पॉलिथीन में सामान देने से बाज नहीं आ रहे हैं। जबकि, तमाम बड़े दुकानदार पॉलिथीन की जगह कैरी बैग का उपयोग करने लगे हैं।
बीते रोज सोमवार को हुई इस सीजन की पहली बारिश में शहर में जगह-जगह जल भराव की स्थिति पैदा हो गई थी। नाले - नालियां जाम हो गईं थीं और उनका गंदा पानी सड़कों पर आ गया था। शहर की इस दुर्दशा में काफी हाथ तक पॉलिथीन का हाथ रहा। नाले नालियों में पॉलीथिन का कचरा जमा होने की वजह से जाम हुईं थीं। निकासी की व्यवस्था न होने की वजह से पानी उफना गया था। ये स्थिति तब है जबकि नगर निगम द्वारा लोकसभा चुनाव के बाद से लगातार पॉलीथिन के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है। छोटे दुकानदारों के लगातार चालान काटे जा रहे हैं। इस बीच छापामार कार्रवाई कर थोक कारोबारियों पर भी शिकंजा कसा गया है।
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हालांकि, ज्यादातर बड़े दुकानदारों ने पॉलीथिन के उपयोग से कन्नी काट ली है। वे ग्राहकों को कैरी बेग में सामान दे रहे हैं, लेकिन छोटी दुकानों, ठेलों पर अब भी ये धड़ल्ले से ग्राहकों को थमाई जा रही हैं।
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खपाया जा रहा है स्टॉक
बाजार के सूत्रों के अनुसार शहर में पॉलीथिन का बाहर से आना बंद हो गया है। थोक व छोटे कारोबारियों के पास जो स्टॉक बचा हुआ है, वे उसी को ठिकाने लगाने में लगे हुए हैं। ये काम भी बेहद गुपचुप ढंग से किया जा रहा है। पॉलिथीन दुकानों से नहीं बेची जा रही है, बल्कि इनकी डिलेवरी की जा रही है।
पॉलिथीन के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। इसका खासा असर भी देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में इस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जाएगा।
- अरुण कुमार गुप्ता, अपर नगर आयुक्त