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मजदूरों का नही है रखवाला
Updated Thu, 03 May 2018 05:44 AM IST
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तालबेहट। जहां पूरे विश्व में एक मई को अंर्तराष्ट्रीय मजदूर दिवस में मजूदरों के उत्थान के लिए कार्यक्रम चल रहे थे। उसी रात सेरवासकलां समिति पर एक मजदूर के प्राणों को बचाने के लिए मजदूरों द्वारा ईश्वर से दुआई मांगी जा रही थी। गौरतलब बात यह है कि मजदूर दिवस में लम्बें चौड़ें भाषण देने वालें अधिकारी समिति सहित अन्य संस्थानों पर कार्य करने वालें मजदूरों का श्रम विभाग में पजीयन कराना तक उचित नहीं समझतें।
इस समय सरकार की पहल पर 74 गेंहू क्रय केन्द्रों के माध्यम से किसानों का गेंहू खरीदने का काम चल रहा है। पहले की तरह इस बार गेंहू हैंडिलिंग की जिम्मेदारी पीसीएफ की है परन्तु पीसीएफ के अधिकारियों ने आज तक जनपद में इसका ठेका किसी को नहीं दिया। जिसके कारण समिति पर गेंहू की तुलाई एवं लदाई मजदूरों से कराई जा रही है। परन्तु आज तक किसी भी अधिकारी ने इन मजदूरों का श्रम विभाग में पंजीयन कराना उचित नहीं समझा।
इस संबंध में उपनिबंधक सहकारिता अनूप दुबे से उनका पक्ष लिया तो उनका कहना था कि सेरवासकलां में मजदूर के साथ जो हुआ वह एक हादसा था। इस के बाद जनपद के समस्त केन्द्र प्रभारियों को मजदूरों की सुरक्षा के प्रति सजगता वरतने के निर्देश दे दिए गए है। इसके अलावा मृतक मजदूर को सहकारिता विभाग द्वारा और पीसीएफ द्वारा जा भी मदद मिल सकती है दिलाई जाएगी।
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इस समय सरकार की पहल पर 74 गेंहू क्रय केन्द्रों के माध्यम से किसानों का गेंहू खरीदने का काम चल रहा है। पहले की तरह इस बार गेंहू हैंडिलिंग की जिम्मेदारी पीसीएफ की है परन्तु पीसीएफ के अधिकारियों ने आज तक जनपद में इसका ठेका किसी को नहीं दिया। जिसके कारण समिति पर गेंहू की तुलाई एवं लदाई मजदूरों से कराई जा रही है। परन्तु आज तक किसी भी अधिकारी ने इन मजदूरों का श्रम विभाग में पंजीयन कराना उचित नहीं समझा।
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इस संबंध में उपनिबंधक सहकारिता अनूप दुबे से उनका पक्ष लिया तो उनका कहना था कि सेरवासकलां में मजदूर के साथ जो हुआ वह एक हादसा था। इस के बाद जनपद के समस्त केन्द्र प्रभारियों को मजदूरों की सुरक्षा के प्रति सजगता वरतने के निर्देश दे दिए गए है। इसके अलावा मृतक मजदूर को सहकारिता विभाग द्वारा और पीसीएफ द्वारा जा भी मदद मिल सकती है दिलाई जाएगी।
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