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Jhansi News: 1500 लोग, 4000 लीटर पानी, कैसे बुझे प्यास...ये तो इनके साथ बड़ी बेईमानी
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। चिलचिलाती गर्मी में नई बस्ती, प्राथमिक विद्यालय के पास, रघुनाथ राव महल के आसपास के इलाके में लोग पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। गर्मी आरंभ होने के साथ ही पूरे इलाके का जल स्तर नीचे चला गया। घरों में बिछी पाइप लाइन भी सूखी पड़ी है। ऐसे में सिर्फ टैंकर ही सहारा है लेकिन, हजारों की आबादी के बीच पूरे दिन में सिर्फ एक टैंकर ही आता है। यानी 1500 लोगों के बीच 4000 लीटर पानी पहुंच रहा है।
नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक इस इलाके में 1500 की आबादी है। पिछले कई साल से गर्मियों के दिनों में यहां पानी की जबर्दस्त किल्लत झेलनी पड़ती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक जल स्तर नीचे जाने से हैंडपंप पानी का साथ छोड़ जाते हैं और पाइप लाइन से होने वाली जलापूर्ति का सहारा रहता है लेकिन, जल संस्थान इसकी आपूर्ति नहीं कर पाता। इस वजह से लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है।
गर्मी के करीब तीन माह तक सिर्फ टैैंकर ही इस पूरे मोहल्ले के लोगोें की प्यास बुझाते हैं लेकिन, इतने बड़ी आबादी के लिए एक टैंकर ही भेजा जाता है। इससे पानी भरने के लिए लोगों को खासी मशक्कत करनी पड़ती है। वहीं, एक्सईएन रमाशंकर बादलीवाल का कहना है कि अमृत योजना के अंतर्गत जगह-जगह टंकी बनवाई जा रही हैं। इस योजना का काम पूरा होने पर यहां की जलापूर्ति व्यवस्था सुधर जाएगी।
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झांसी। चिलचिलाती गर्मी में नई बस्ती, प्राथमिक विद्यालय के पास, रघुनाथ राव महल के आसपास के इलाके में लोग पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। गर्मी आरंभ होने के साथ ही पूरे इलाके का जल स्तर नीचे चला गया। घरों में बिछी पाइप लाइन भी सूखी पड़ी है। ऐसे में सिर्फ टैंकर ही सहारा है लेकिन, हजारों की आबादी के बीच पूरे दिन में सिर्फ एक टैंकर ही आता है। यानी 1500 लोगों के बीच 4000 लीटर पानी पहुंच रहा है।
नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक इस इलाके में 1500 की आबादी है। पिछले कई साल से गर्मियों के दिनों में यहां पानी की जबर्दस्त किल्लत झेलनी पड़ती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक जल स्तर नीचे जाने से हैंडपंप पानी का साथ छोड़ जाते हैं और पाइप लाइन से होने वाली जलापूर्ति का सहारा रहता है लेकिन, जल संस्थान इसकी आपूर्ति नहीं कर पाता। इस वजह से लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है।
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गर्मी के करीब तीन माह तक सिर्फ टैैंकर ही इस पूरे मोहल्ले के लोगोें की प्यास बुझाते हैं लेकिन, इतने बड़ी आबादी के लिए एक टैंकर ही भेजा जाता है। इससे पानी भरने के लिए लोगों को खासी मशक्कत करनी पड़ती है। वहीं, एक्सईएन रमाशंकर बादलीवाल का कहना है कि अमृत योजना के अंतर्गत जगह-जगह टंकी बनवाई जा रही हैं। इस योजना का काम पूरा होने पर यहां की जलापूर्ति व्यवस्था सुधर जाएगी।
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