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Indian Railways: झांसी मंडल के 14 रेलवे स्टेशन बनेंगे स्मार्ट, अपराधी पहचान कर बजाएंगे हूटर
Thu, 07 Jul 2022 02:56 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: विजय पुंडीर
Updated Thu, 07 Jul 2022 02:56 AM IST
सार
झांसी मंडल के 14 रेलवे स्टेशन स्मार्ट बनेंगे। जिसके बाद फेशियल रिकॉगनिशन साफ्टवेयर की मदद से अपराधियों की पहचान हो सकेगी। स्टेशन में अपराधी के घुसते ही अलार्म बजने लगेगा।
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झांसी रेलवे स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रेल समेत यात्रियों की सुरक्षा पुख्ता करने को मंडल के 14 रेलवे स्टेशन स्मार्ट बनाए जाएंगे। इसके लिए पहली दफा अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक की मदद ली जाएगी। इसकी मदद से तैयार नेटवर्क अपराधियों का चेहरा देखते ही उनकी पहचान कर लेगा और सतर्क करने के लिए हूटर बजाएगा। जनवरी तक यह सिस्टम इन सभी स्टेशनों में काम करने लगेगा।
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रेलवे स्टेशनों पर अभी जो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं वह अधिक प्रभावी नहीं है। निर्भया फंड से रेलवे ने इनको अपडेट करने का फैसला किया है। इसके तहत झांसी रेल मंडल के चौदह स्टेशन चिन्हित किए गए हैं। रेल अधिकारियों के मुताबिक यह सभी स्टेशन वीडियो सर्विलांस सिस्टम (वीएसएस) से लैस किए जाएंगे। प्रत्येक स्टेशन के प्रतीक्षालय, आरक्षण कांउटर, पार्किंग क्षेत्र, मुख्य प्रवेश एवं निकास द्वार, प्लेटफार्म, फुट ओवर ब्रिज, बुकिंग कार्यालय को आधुनिक कैमरे एवं नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
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इसमें आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल होगा। यह पूरा सिस्टम एनालिटिक्स सॉफ्टेवयर, वीडियो एनालिटिक्स सॉफ्टेवयर एवं फेशियल रिकॉगनिशन साफ्टवेयर से लैस होगा। इसमें पूरे देश के अपराधियों का ब्योरा रहेगा। कैमरा स्टेशन में आने वाले सभी यात्रियों का डेटा केंद्रीय सर्वर पर भेजेगा। यहां इन सॉफ्टवेयर की मदद से चंद मिनट में ही यात्रियों का पूरा डेटा स्कैन कर लेगा। डेटा बेस में अपराधियों का ब्यौरा मिलते ही कैमरे के साथ लगा अलार्म बज उठेगा। इसकी निगरानी आरपीएफ समेत सुरक्षा में तैनात अफसर अपने मोबाइल फोन के जरिए भी कर सकेंगे। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह के मुताबिक इस परियोजना में रेल टेल की मदद ली जा रही है। जनवरी तक यह काम पूरा करने की उम्मीद है।
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इन चौदह स्टेशनों को किया गया चिन्हित
इन परियोजना के लिए झांसी रेल मंडल के बबीना, बांदा, चित्रकूट धाम, डबरा, दतिया, धौलपुर, ग्वालियर, खजुराहो, ललितपुर, महोबा, मानिकपुर, मुरैना, उरई एवं अर्ता स्टेशनों को चुना गया है।
चार तरह के होंगे कैमरे
इन पूरे सिस्टम में चार तरह के आधुनिक कैमरों का इस्तेमाल होगा। इसमें बुलेट टाइप, पैन टिल्ट, जूम टाइम और अल्ट्रा एचडी-4 टाइप के कैमरे लगाए जाएंगे। अंधेरे में ही इन कैमरों से तस्वीर के साथ ही डेटा भी आसानी से हासिल किया जा सकेगा। इनकी वीडियो रिकार्डिंग तीस दिन तक रखी जा सकेगी।