{"_id":"5fbd598d8ebc3e9bec483633","slug":"14-carore-rupees-hang-during-corona-jhansi-news-jhs1818548133","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से अटकी 14 करोड़ की वसूली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से अटकी 14 करोड़ की वसूली
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। कोरोना वायरस के संक्रमण के दौर में राजस्व वसूली बुरी तरह से प्रभावित हो गई है। वसूली पर रोक लगी होने की वजह से जिले में चौदह करोड़ रुपये की रकम बकायेदारों पर अटक कर रह गई है। वसूली 30 नवंबर तक जारी रहने वाली है। इसके बाद ही राजस्व विभाग की टीमें बकाएदारों के दरवाजे खटखटाएंगी।
कोरोना वायरस के संक्रमण के शुरुआती दौर में ही राजस्व वसूली रोक दी गई थी। जबकि, इससे पहले राजस्व विभाग के पास अलग - अलग विभागों और बैंकों की लगभग चौदह करोड़ रुपये की आरसी आ चुकी थीं। राजस्व विभाग की संग्रह टीमें वसूली के लिए बकाएदारों की चौखट तक पहुंचती, इससे पहले ही वसूली रोक दी गई है। ये रोक अब भी बरकरार हैं, जो 30 नवंबर तक जारी रहने वाली है। बकाये की इस रकम में सबसे बड़ा हिस्सा बैंकों का दस करोड़ है। इसके बाद राजस्व विभाग की लगभग एक करोड़ रुपये की धनराशि अटकी हुई है। बिजली विभाग की लगभग नब्बे लाख रुपये की धनराशि है। इसके अलावा भूमि विकास बैंक की भी बड़ी धनराशि को भी वसूली का इंतजार है। ये रकम तो वो है, जिसकी आरसी कोरोना काल के शुरुआत से पहले ही जारी की जा चुकी थी। रोक लगी होने की वजह से विभागों द्वारा नई आरसी जारी नहीं की जा रही हैं। रोक हटते ही विभागों की ओर से करोड़ों रुपये की नई आरसी जारी कर दी जाएगी।
विज्ञापन
कोरोना वायरस के संक्रमण के शुरुआती दौर में ही राजस्व वसूली रोक दी गई थी। जबकि, इससे पहले राजस्व विभाग के पास अलग - अलग विभागों और बैंकों की लगभग चौदह करोड़ रुपये की आरसी आ चुकी थीं। राजस्व विभाग की संग्रह टीमें वसूली के लिए बकाएदारों की चौखट तक पहुंचती, इससे पहले ही वसूली रोक दी गई है। ये रोक अब भी बरकरार हैं, जो 30 नवंबर तक जारी रहने वाली है। बकाये की इस रकम में सबसे बड़ा हिस्सा बैंकों का दस करोड़ है। इसके बाद राजस्व विभाग की लगभग एक करोड़ रुपये की धनराशि अटकी हुई है। बिजली विभाग की लगभग नब्बे लाख रुपये की धनराशि है। इसके अलावा भूमि विकास बैंक की भी बड़ी धनराशि को भी वसूली का इंतजार है। ये रकम तो वो है, जिसकी आरसी कोरोना काल के शुरुआत से पहले ही जारी की जा चुकी थी। रोक लगी होने की वजह से विभागों द्वारा नई आरसी जारी नहीं की जा रही हैं। रोक हटते ही विभागों की ओर से करोड़ों रुपये की नई आरसी जारी कर दी जाएगी।
विज्ञापन