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गर्मी से घटे सैलानी
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भीषण गर्मी में सैलानियों ने दुर्ग से किया किनारा
झांसी। भीषण गर्मी में महानगर के ऐतिहासिक दुर्ग में सैलानियों की संख्या में भी काफी गिरावट आई है। एक माह पहले तक रानी लक्ष्मीबाई के दुर्ग को देखने के लिए रोज एक हजार सैलानी आते थे, लेकिन अब यह संख्या 500 से 600 तक पहुंच गई है। किले में पानी और छांव की व्यवस्था सैलानियों के लिए है।
सैलानियों की चहल - पहल से हमेशा गुलजार रहने वाले दुर्ग में इन दिनों दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच सन्नाटा छा जाता है। यहां तक कि किले के परिसर में विचरण करने वाले बंदर भी नजर नहीं आ रहे हैं। इसकी वजह इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी है। पुरातत्व कर्मचारियों के अनुसार वसंत और सर्दी के मौसम में सैलानी व्यापक रूप से आते हैं लेकिन अभी ऐसा नहीं है। हालांकि छुट्टी वाले दिन जरूर सैलानियों की संख्या में इजाफा हो जाता है। कर्मचारियों के अनुसार पानी और छांव की व्यवस्था सैलानियों के लिए है।
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झांसी। भीषण गर्मी में महानगर के ऐतिहासिक दुर्ग में सैलानियों की संख्या में भी काफी गिरावट आई है। एक माह पहले तक रानी लक्ष्मीबाई के दुर्ग को देखने के लिए रोज एक हजार सैलानी आते थे, लेकिन अब यह संख्या 500 से 600 तक पहुंच गई है। किले में पानी और छांव की व्यवस्था सैलानियों के लिए है।
सैलानियों की चहल - पहल से हमेशा गुलजार रहने वाले दुर्ग में इन दिनों दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच सन्नाटा छा जाता है। यहां तक कि किले के परिसर में विचरण करने वाले बंदर भी नजर नहीं आ रहे हैं। इसकी वजह इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी है। पुरातत्व कर्मचारियों के अनुसार वसंत और सर्दी के मौसम में सैलानी व्यापक रूप से आते हैं लेकिन अभी ऐसा नहीं है। हालांकि छुट्टी वाले दिन जरूर सैलानियों की संख्या में इजाफा हो जाता है। कर्मचारियों के अनुसार पानी और छांव की व्यवस्था सैलानियों के लिए है।
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