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महानगर के 13 चौराहों पर होगी स्वचालित सिग्नल प्रणाली
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महानगर के 13 चौराहों पर होगी स्वचालित सिग्नल प्रणाली
झांसी। महानगर में जल्द ही लाल बत्ती का पालन वाहन चालकों को करना होगा। यदि, नियमों को धता बताकर कोई चालक नियम तोड़ता है तो अब सीधे ऑनलाइन चालान जारी होगा। साथ ही चुनिंदा स्थानों पर नो पार्किंग जोन में भी यही व्यवस्था रहेगी। स्मार्ट सिटी योजना के तहत प्लान तैयार कर लिया गया है। जिन 13 चौराहों पर पर कैमरे लगाए जाने हैं उसका सर्वे कर लिया गया। पूरे प्रोजेक्ट पर तकरीबन 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
सभी चौराहों पर हाई क्वालिटी के पेन टिल्ट जूम कैमरे (पीटीजेड) लगेंगे। ये रेड लाइट वाइलेशन डिटेक्शन सिस्टम (आरएलवीडी) से लैस रहेंगे तथा इनका कंट्रोल इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर रहेगा। इससे यह फायदा होगा कि यातायात पुलिस जवानों को भी जनरेट चालान का विवरण निकालने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा पीटीजेड कैमरों के साथ परिवहन विभाग की वेबसाइट लिंक रहेगी। इससे वाहन नंबर ट्रेस कर कंप्यूटर ही मालिक का पता लगाकर संबंधित नियम के उल्लंघन पर ऑनलाइन चालान जारी कर देगा। यह प्रणाली स्वचालित रहेगी। केवल चालान को भेजने के लिए विभाग के कर्मचारियों को लगाया जाएगा। स्मार्ट सिटी योजना के तहत टीम ने लगभग अधिकांश चौराहों का सर्वे पूरा कर लिया है। सर्वे पूरा होने पर सिस्टम को लगाने में खर्च का आंकलन होगा।
प्रणाली का यह होगा फायदा
इस प्रणाली से यातायात पुलिस को काफी राहत मिलेगी। उन्हें पल-पल की निगरानी नहीं करनी होगी। क्योंकि, जो भी वाहन चालक लाल बत्ती जंप, जेब्रा लाइन के पार होगा या फिर ओवर स्पीड वाहन चलाएगा तो यातायात नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकेगी। कंप्यूटर सिस्टम के आधार पर जिन नियमों का उल्लंघन किया जाएगा परिवहन विभाग की जो पेनाल्टी तय है उतनी राशि का चालान सीधे घर पहुंचेगा। दूसरी ओर नो पार्किंग में खड़े होने वाले वाहनों की भी कैमरे नंबर प्लेट की फोटो लेकर चालान तैयार होंगे।
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कोहरे और तेज बरसात से नहीं पड़ेगा असर
कैमरे पीटीजेड कैमरों की जूमिंग व क्वालिटी इतनी बेहतर होगी कि ये तेज बारिश, घने कोहरे के अलावा तेज हवा चलने पर कैमरों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कैमरे अन्य मौसम की तरह ऐसा संकट पड़ने पर फोटो लेने में सक्षम साबित होंगे। इन कैमरों को खासकर मेट्रो सिटी और विदेशों में ही उपयोग किया जाता है।
स्पीड गर्वनर लगेंगे
कैमरों के साथ ही चौराहों पर स्पीड गवर्निंग सिस्टम लगाया जाएगा। यह उपकरण वाहन चालक की स्पीड को मापेगा। यदि इस उपकरण के पास से कोई भी वाहन चालक निर्धारित गति से अधिक तेज निकलता है तो कैमरा अपने आप की ेसक्रिय कर वाहन की नंबर प्लेट से नंबर के आधार पर वाहन मालिक का पता कर लेगा। इसके अलावा प्रोजेक्ट में अहम पहलू यह भी है कि शहर में कई प्रमुख स्थानों का चयन किया गया है जहां वर्चुअल मैसेजिंग एलईडी स्क्रीन भी लगेगी। इस स्क्रीन से यह फायदा होगा कि यदि कोई जरूरी सूचना या जानकारी या विशेष संदेश लोगों तक पहुंचाना होगा तो कंट्रोल रूम से एक साथ पूरी जानकारी डिस्प्ले कर दी जाएगी।
इन चौराहों को किया जाएगा लैस
कानपुर बाईपास, रिसाला चुंगी, एबट मार्केट चौराहा, कचहरी चौराहा, जेल चौराहा, प्रधान डाक घर चौराहा, इलाहाबाद बैंक चौराहा, इलाइट चौराहा, जीवनशाह, मिनर्वा चौराहा, अमर उजाला चौराहा, पाल कॉलोनी बाईपास और चित्रा चौराहा।
अभी यह है स्थिति
महानगर में यातायात को संचालित करने के लिए महानगर के प्रमुख इलाइट चौराहा पर ही सिग्नल प्रणाली की व्यवस्था है, जिसका न ही उपयोग होता है और न ही कोई चालक उसका पालन करता है। इतना ही नहीं सालों पहले जेल चौराहा और सदर की तरफ जाने वाले प्रधान डाक घर चौराहा पर यातायात नियंत्रण के लिए ट्रैफिक सिस्टम लगाया गया था पर कुछ महीनों बाद ही इस चौराहा पर उनका केवल नामोनिशान रह गया है।
स्मार्ट सिटी के तहत चौराहों पर आटोमैटिक सिग्नल प्रणाली लगाई जाएगी। इसके लिए सर्वे करा लिया गया है। जल्द ही टेंडर जारी होने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। - मनोज सिंह, नगर आयुक्त
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झांसी। महानगर में जल्द ही लाल बत्ती का पालन वाहन चालकों को करना होगा। यदि, नियमों को धता बताकर कोई चालक नियम तोड़ता है तो अब सीधे ऑनलाइन चालान जारी होगा। साथ ही चुनिंदा स्थानों पर नो पार्किंग जोन में भी यही व्यवस्था रहेगी। स्मार्ट सिटी योजना के तहत प्लान तैयार कर लिया गया है। जिन 13 चौराहों पर पर कैमरे लगाए जाने हैं उसका सर्वे कर लिया गया। पूरे प्रोजेक्ट पर तकरीबन 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
सभी चौराहों पर हाई क्वालिटी के पेन टिल्ट जूम कैमरे (पीटीजेड) लगेंगे। ये रेड लाइट वाइलेशन डिटेक्शन सिस्टम (आरएलवीडी) से लैस रहेंगे तथा इनका कंट्रोल इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर रहेगा। इससे यह फायदा होगा कि यातायात पुलिस जवानों को भी जनरेट चालान का विवरण निकालने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा पीटीजेड कैमरों के साथ परिवहन विभाग की वेबसाइट लिंक रहेगी। इससे वाहन नंबर ट्रेस कर कंप्यूटर ही मालिक का पता लगाकर संबंधित नियम के उल्लंघन पर ऑनलाइन चालान जारी कर देगा। यह प्रणाली स्वचालित रहेगी। केवल चालान को भेजने के लिए विभाग के कर्मचारियों को लगाया जाएगा। स्मार्ट सिटी योजना के तहत टीम ने लगभग अधिकांश चौराहों का सर्वे पूरा कर लिया है। सर्वे पूरा होने पर सिस्टम को लगाने में खर्च का आंकलन होगा।
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प्रणाली का यह होगा फायदा
इस प्रणाली से यातायात पुलिस को काफी राहत मिलेगी। उन्हें पल-पल की निगरानी नहीं करनी होगी। क्योंकि, जो भी वाहन चालक लाल बत्ती जंप, जेब्रा लाइन के पार होगा या फिर ओवर स्पीड वाहन चलाएगा तो यातायात नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकेगी। कंप्यूटर सिस्टम के आधार पर जिन नियमों का उल्लंघन किया जाएगा परिवहन विभाग की जो पेनाल्टी तय है उतनी राशि का चालान सीधे घर पहुंचेगा। दूसरी ओर नो पार्किंग में खड़े होने वाले वाहनों की भी कैमरे नंबर प्लेट की फोटो लेकर चालान तैयार होंगे।
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कोहरे और तेज बरसात से नहीं पड़ेगा असर
कैमरे पीटीजेड कैमरों की जूमिंग व क्वालिटी इतनी बेहतर होगी कि ये तेज बारिश, घने कोहरे के अलावा तेज हवा चलने पर कैमरों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कैमरे अन्य मौसम की तरह ऐसा संकट पड़ने पर फोटो लेने में सक्षम साबित होंगे। इन कैमरों को खासकर मेट्रो सिटी और विदेशों में ही उपयोग किया जाता है।
स्पीड गर्वनर लगेंगे
कैमरों के साथ ही चौराहों पर स्पीड गवर्निंग सिस्टम लगाया जाएगा। यह उपकरण वाहन चालक की स्पीड को मापेगा। यदि इस उपकरण के पास से कोई भी वाहन चालक निर्धारित गति से अधिक तेज निकलता है तो कैमरा अपने आप की ेसक्रिय कर वाहन की नंबर प्लेट से नंबर के आधार पर वाहन मालिक का पता कर लेगा। इसके अलावा प्रोजेक्ट में अहम पहलू यह भी है कि शहर में कई प्रमुख स्थानों का चयन किया गया है जहां वर्चुअल मैसेजिंग एलईडी स्क्रीन भी लगेगी। इस स्क्रीन से यह फायदा होगा कि यदि कोई जरूरी सूचना या जानकारी या विशेष संदेश लोगों तक पहुंचाना होगा तो कंट्रोल रूम से एक साथ पूरी जानकारी डिस्प्ले कर दी जाएगी।
इन चौराहों को किया जाएगा लैस
कानपुर बाईपास, रिसाला चुंगी, एबट मार्केट चौराहा, कचहरी चौराहा, जेल चौराहा, प्रधान डाक घर चौराहा, इलाहाबाद बैंक चौराहा, इलाइट चौराहा, जीवनशाह, मिनर्वा चौराहा, अमर उजाला चौराहा, पाल कॉलोनी बाईपास और चित्रा चौराहा।
अभी यह है स्थिति
महानगर में यातायात को संचालित करने के लिए महानगर के प्रमुख इलाइट चौराहा पर ही सिग्नल प्रणाली की व्यवस्था है, जिसका न ही उपयोग होता है और न ही कोई चालक उसका पालन करता है। इतना ही नहीं सालों पहले जेल चौराहा और सदर की तरफ जाने वाले प्रधान डाक घर चौराहा पर यातायात नियंत्रण के लिए ट्रैफिक सिस्टम लगाया गया था पर कुछ महीनों बाद ही इस चौराहा पर उनका केवल नामोनिशान रह गया है।
स्मार्ट सिटी के तहत चौराहों पर आटोमैटिक सिग्नल प्रणाली लगाई जाएगी। इसके लिए सर्वे करा लिया गया है। जल्द ही टेंडर जारी होने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। - मनोज सिंह, नगर आयुक्त