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जनसमस्या- पथरई और लखेरी बांध,,,,,-City

Wed, 26 Jul 2017 07:42 PM IST
Updated Wed, 26 Jul 2017 07:42 PM IST
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जनसमस्या- पथरई और लखेरी बांध,,,,,-City
मुआवजा बंटे, तो बांध भरे
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सब हेड: भटक रहे लखेरी व पथरई बांध के प्रभावित किसान
क्रासर
सिंचाई विभाग को बजट मिलने का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
टहरौली क्षेत्र में पथरई और मऊरानीपुर में लखेरी बांध बनकर तैयार हैं। लेकिन मुआवजा नहीं मिलने के कारण कई किसान यहां से हटे नहीं हैं। इस वजह से यह बांध भर नहीं पा रहे हैं। इस वजह से सिंचाई विभाग पूरी क्षमता से बांध नहीं भर पा रहा है। सिंचाई अफसर भी हर बार भरोसे की पोटली बांध प्रभावित किसानों का आंदोलन समाप्त कर देते हैं। पिछली साल अफसरों ने किसानों की सभी समस्याओं को दूर करने के लिए पांच माह का समय मांगा था। लेकिन अभी तक समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
पथरई बांध का निर्माण 2000-01 में पूर्ण होने के बाद भी प्रभावित किसानों को अब तक विस्थापित नहीं किया गया है। छूटे बालिग परिवारों को अनुकंपा राशि एवं विस्थापन हेतु प्लाटों का आवंटन भी अब तक नहीं हो सका है। इस कारण बांध को पूर्ण क्षमता के साथ नहीं भरा जा सका है। बचे किसानों को करीब 11 करोड़ का भुगतान किया जाना है, लेकिन बजट न मिलने से मामला शांत पड़ा है। इस बांध के डूब क्षेत्र में मजरा, विजयगढ़ व इमलिया गांव आ रहे हैं
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इसी तरह लखेरी बांध के निर्माण के मद्देनजर ग्राम बचेरा, बुढ़ाई, रेवन, किशोरपुरा के लोगों के पुनर्वास की योजना बनाई गई थी। इसमें ग्राम बचेरा में पुनर्वास संबंधी कार्रवाई पूर्ण हो चुकी है। अधिकतर किसानों को उनके मुआवजे का भुगतान हो चुका है। वर्ष 2007 में पुनर्वास स्थल पर मौजूद भवन, बंदी, कुआं आदि का सत्यापन होने के बाद समिति की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित परिवार को अनुकंपा राशियों का भुगतान करने के साथ ही साथ उन्हें पुनर्वास स्थल पर प्लाट भी दिए गए। लेकिन, ग्राम बचेरा के डूब क्षेत्र के प्रभावित किसानों को विस्थापित करने हेतु ग्राम बुढ़ाई में पुनर्वास स्थल पर जो भूमि विभाग द्वारा प्रस्तावित की गई है, उसको लेने के लिए किसान तैयार नहीं हैं। यहां के प्रभावित किसान अनुकंपा राशि, प्लाट, छूट गए किसानों के कुआं, मकान, पेड़, बंदी का सर्वे कराकर मुआवजा मांग रहे हैं।
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‘पथरई बांध में 90 प्रतिशत पानी का भंडारण होने लगा है। यहां के बचे प्रभावित किसानों के लिए 11 करोड़ शासन से मांगे गए हैं। इसी तरह लखेरी बांध के प्रभावित किसानों के लिए प्लाट तैयार है। बचे किसानों के लिए दस करोड़ रुपये शासन से मांगे गए हैं। बजट मिलते ही भुगतान कर दिया जाएगा।’

आरके सिंह, अधिशासी अभियंता पंचम खंड, सिंचाई विभाग।

अफसरों की गलती
मुझे लगता है कि सिंचाई विभाग के अफसरों की गलती से अभी तक प्रभावित किसानों को मुआवजा नहीं मिल सका है। अफसर हर काम के लिए अलग- अलग बजट मांगते हैं। अगर, प्रभावित किसानों के सभी तरह तरह के भुगतानों के लिए एक राश तय हो जाती तो बजट मिलने में अधिक मुश्किल नहीं होती।
गौरी शंकर बिदुआ, अध्यक्ष बुंदेलखंड किसान पंचायत।
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