फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   12 lakh saplings of Jamun and Drumstick will be planted in the district.

Jhansi News: जिले में रोपे जाएंगे जामुन और सहजन के 12 लाख पौधे

Wed, 24 Jun 2026 02:37 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Updated Wed, 24 Jun 2026 02:37 AM IST
विज्ञापन
12 lakh saplings of Jamun and Drumstick will be planted in the district.
झांसी। इस साल वन विभाग सिर्फ पर्यावरण के लिहाज से ही नहीं बल्कि लोगों की सेहत को ध्यान में रख कर पौध रोपण करेगा। विभाग की माने तो इस साल जिले में 12 लाख जामुन और सहजन के पौध लगाए जाएंगे। जिनमें दोनों प्रकार के पौधों की संख्या छह-छह लाख है। यह पौधे परिषदीय विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, सीएचसी, पीएचसी, कार्यालय परिसरों सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर लगाए जाएंगे।
विज्ञापन

सहजन को मोरिंगा भी कहा जाता है। यह औषधीय गुणों से भरपूर है। इसका इस्तेमाल सब्जी, सूप और दाल में किया जाता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, फोलेट, कैल्शियम, आयरन, जिंक, सोडियम, पोटेशियम और विटामिन सी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसकी पत्तियों में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, सी, के और बीटा कैरोटीन होता है। यह आंखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक है। वहीं, जामुन की बात करें तो इसमें प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, फोलेट, कैल्शियम, आयरन, जिंक, सोडियम, पोटेशियम और विटामिन सी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। जामुन में मौजूद ''''जैम्बोलिन'''' और ''''जैम्बोसिन'''' ब्लड शुगर को नियंत्रित करते हैं और इंसुलिन की मात्रा को बढ़ाते हैं। इसमें भरपूर मात्रा में आयरन और विटामिन सी होता है, जो शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाकर खून साफ करने में मदद करता है। इसी उद्देश्य से वन विभाग जिलेवासियों की सेहत सुधारने और समूह की महिलाओं को रोजगार देने के लिए इसका बड़े पैमाने पर रोपण करा रहा है। आगामी माह सहजन भंडारा कार्यक्रम के तहत स्कूल, अस्पताल और आंगनबाड़ी केंद्रों में पौधों का वितरण कर रोपण कराया जाएगा। साथ ही स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पौधरोपण से जोड़कर सहजन की पत्ती का पाउडर बनवाकर व जामुन की गुठली का चूर्ण बनाकर बिक्री कराई जाएगी। इसके लिए विभाग बाजार भी उपलब्ध कराएगा।
विज्ञापन



इसके अलावा इन पौधों का भी होगा रोपण
नीम, सागौन, जंगल जलेबी, इमली, पलाश, पीपल, बरगद, पाकड़, गूलर आदि शामिल हैं।


इस साल औषद्यीय पौधों को रोपने के लिए विभाग ने पहले ही तैयार कर ली थी। इसके फल के अलावा इन औषद्यीय पौधों से उत्पाद जैसे कि चूर्ण बनाकर तैयार करने के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जोड़ने का काम किया जाएगा। इससे सेहत में सुधार और ग्रामीण महिलाओं को रोजगार भी मिल सकेगा। - नीरज आर्या, डीएफओ
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed