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झांसी में 117 जानें गईं, तीन लाख जुर्माना भी भरा लेकिन हेलमेट फिर भी नहीं पहन रहे
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झांसी। अगर इस साल जनवरी से अब तक हुए हादसों पर गौर करेंगे तो पता चलेगा कि 117 ऐसे दोपहिया वाहन चालकों की मौत हो गई जिन्हें हेलमेट बचा सकता था। इन सभी केस की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ लिखा है कि मौत की वजह सिर में गंभीर चोट है। यानी इन लोगों ने अगर हेलमेट लगाया होता तो आज अपने परिवार के साथ होते। लेकिन लोग फिर भी सबक नहीं ले रहे हैं। इतना ही नहीं पुलिस की लाख सख्ती का भी कोई असर दिख नहीं रहा है। छह महीने के भीतर झांसी वालों ने तीन लाख का जुर्माना तो दे दिया लेकिन हेलमेट नहीं पहना।
शहरी और ग्रामीण इलाकों में आप देखेंगे तो तमाम लोग ऐसे मिल जाएंगे तो बगैर हेलमेट के दोपहिया वाहन चला रहे होते हैं। ऐसा नहीं है कि इनके पास हेलमेट नहीं होगा। कई तो बाइक में पीछे हेलमेट बांधे रखते हैं। लेकिन सिर पर लगाते नहीं। अगर कहीं पुलिस चेकिंग हो रही होती है तो पीछे बंधा हेलमेट निकालते हैं और पहन लेते हैं। चेकिंग प्वाइंट से आगे बढ़ते ही हेलमेट फिर उतार देते हैं। लोग यह नहीं सोचते ही हेलमेट सिर की सुरक्षा के लिए कितना जरूरी है।
माह बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाने वालों के चालान का आंकड़ा
जनवरी 4500
फरवरी 5700
मार्च 5100
अप्रैल 5700
मई 5400
जून 6000
हेलमेट नहीं पहनने से खतरा
- सिर पर गहरी चोट की आशंका बढ़ जाती है।
- हादसे के बाद ठीक होने में ज्यादा समय लगता है
- घायल व्यक्ति की जान जाने का ज्यादा खतरा रहता है।
फायदा
- सिर पर चोट का खतरा 80 फीसदी टल जाता है।
- जान जाने का खतरा 30 फीसदी कम हो जाता है।
- अस्पताल में इलाज पर काफी कम रुपये खर्च होते हैं।
यह है कानून
मोटर वाहन अधिनियम 1988 के सेक्शन 129 के तहत दोपहिया चालक को ओएसआई प्रमाणित हेलमेट पहनना अनिवार्य है। हेलमेट नहीं लगाने वालों का 1000 रुपये का चालान किया जाता है।
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यदि आप अपने परिवार से प्रेम करते हैं, तो दोपहिया वाहन चलाते समय हर हाल में हेलमेट पहनें । वाहन चालक की जरा सी लापरवाही का खामियाजा परिजनों को भुगतना पड़ सकता है। लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस महकमा हर संभव प्रयास कर रहा है। चेकिंग में बिना हेलमेट वाले चालकों को ही रोका जा रहा है, जिससे उनसे जुर्माना वसूल कर उनको जागरूक भी किया जाता है। - शैलेंद्र सिंह, यातायात प्रभारी
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शहरी और ग्रामीण इलाकों में आप देखेंगे तो तमाम लोग ऐसे मिल जाएंगे तो बगैर हेलमेट के दोपहिया वाहन चला रहे होते हैं। ऐसा नहीं है कि इनके पास हेलमेट नहीं होगा। कई तो बाइक में पीछे हेलमेट बांधे रखते हैं। लेकिन सिर पर लगाते नहीं। अगर कहीं पुलिस चेकिंग हो रही होती है तो पीछे बंधा हेलमेट निकालते हैं और पहन लेते हैं। चेकिंग प्वाइंट से आगे बढ़ते ही हेलमेट फिर उतार देते हैं। लोग यह नहीं सोचते ही हेलमेट सिर की सुरक्षा के लिए कितना जरूरी है।
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माह बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाने वालों के चालान का आंकड़ा
जनवरी 4500
फरवरी 5700
मार्च 5100
अप्रैल 5700
मई 5400
जून 6000
हेलमेट नहीं पहनने से खतरा
- सिर पर गहरी चोट की आशंका बढ़ जाती है।
- हादसे के बाद ठीक होने में ज्यादा समय लगता है
- घायल व्यक्ति की जान जाने का ज्यादा खतरा रहता है।
फायदा
- सिर पर चोट का खतरा 80 फीसदी टल जाता है।
- जान जाने का खतरा 30 फीसदी कम हो जाता है।
- अस्पताल में इलाज पर काफी कम रुपये खर्च होते हैं।
यह है कानून
मोटर वाहन अधिनियम 1988 के सेक्शन 129 के तहत दोपहिया चालक को ओएसआई प्रमाणित हेलमेट पहनना अनिवार्य है। हेलमेट नहीं लगाने वालों का 1000 रुपये का चालान किया जाता है।
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यदि आप अपने परिवार से प्रेम करते हैं, तो दोपहिया वाहन चलाते समय हर हाल में हेलमेट पहनें । वाहन चालक की जरा सी लापरवाही का खामियाजा परिजनों को भुगतना पड़ सकता है। लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस महकमा हर संभव प्रयास कर रहा है। चेकिंग में बिना हेलमेट वाले चालकों को ही रोका जा रहा है, जिससे उनसे जुर्माना वसूल कर उनको जागरूक भी किया जाता है। - शैलेंद्र सिंह, यातायात प्रभारी