लॉकडाउन के दौरान अहमदाबाद में फंसे 117 मजदूर शनिवार को श्रमिक एक्सप्रेस से झांसी आए। बाद में सभी लोगों को बसों से उनके घर तक पहुंचाने का काम किया गया। ये मजदूर झांसी और जालौन जिले के अलग- अलग क्षेत्रों के रहने वाले थे। इसके अलावा 13 अन्य श्रमिक एक्सप्रेस झांसी से होकर गुजरीं। चार ट्रेनों के मजदूरों को को बेज बिरयानी व पानी की बोतल उपलब्ध कराई गई। लॉकडाउन के लगातार बढ़ने के कारण हजारों लोग अभी भी अपने घर से दूसरे शहरों में फंसे हैं। इन लोगों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए राज्य सरकारों की आपसी सहमति के बाद एक मई से श्रमिक ट्रेनों का लगातार संचालन किया जा रहा है। शुक्रवार को अहमदाबाद से कानपुर के बीच श्रमिक एक्सप्रेस का संचालन किया गया। यह तीसरी श्रमिक एक्सप्रेस थी, जिसको रास्ते में झांसी समेत अन्य स्टेशनों पर ठहराव दिया गया। यह ट्रेन झांसी शनिवार की सुबह आई। कड़ी सुरक्षा के बीच इस ट्रेन से 117 मजदूर व कामगार व उनके 15 बच्चे शामिल थे। इन यात्रियों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद स्टेशन के बाहर निकाला गया। बाद में सभी लोगों को बसों से उनके घर तक पहुंचाने का काम किया गया। इस दौरान मेडिकल, आरपीएफ, जीआरपी, आरक्षण व टिकट चेकिंग स्टाफ मौजूद रहा। आज जामनगर से आएगी गाड़ी गुजरात के जामनगर से गाजीपुर सिटी जाने वाली 09025 श्रमिक एक्सप्रेस 17 मई की दोपहर 12.25 बजे झांसी आएगी। इस ट्रेन से जामनगर में फंसे बुंदेलखंड के मजदूर झांसी में उतरेंगे। 100 श्रमिक ट्रेनों से लाए गए 1.30 लाख प्रवासी मजदूर लॉकडाउन में अभी तक उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज, आगरा, ग्वालियर, कानपुर, झांसी समेत विभिन्न स्टेशनों पर 100 श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेनों से 1.30 लाख प्रवासी मजदूर दूसरे राज्यों से लाए गए। ये मजदूर साबरमती, सूरज, अहमदाबाद, पालनपुर, गोधरा, वीरमगाम, मेहसाणा, मोरबी, अंजार, नवसारी, दाहोद, बड़ोदरा, सुरेंद्र नगर, कन्हानगढ़, कुरनूल, अंकलेश्वर, बंगलूरू, पुणे, नई दिल्ली, रेवाड़ी, रोहतक, गुड़गांव, फिरोजपुर, लुधियाना, थिविम, कोपरगांव, जोधपुर में फंसे थे|