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रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने पर लेखपाल निलंबित-City
Updated Thu, 08 Mar 2018 07:56 PM IST
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रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने पर लेखपाल निलंबित
- डीएम ने तहसीलदार गरौठा को सौंपी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
जमानत के कागजों और ट्रैक्टर के अभिलेखों का सत्यापन करने पर पैसे लेने की खबर का वीडियो वायरल होने और यू ट्यूब चैनल पर खबर चलने को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने गरौठा तहसील में तैनात लेखपाल पुष्पेंद्र कुमार पटैरिया को निलंबित कर दिया है। उन्होंने जांच करने की जिम्मेदारी तहसीलदार गरौठा को सौंपी है।
वीडियो में बताया कि हरदुवा क्षेत्र में तैनात लेखपाल पुष्पेंद्र कुमार पटैरिया ने गरौठा तहसील के बिलाटीखेत गांव निवासी बृजभूषण राजपूत से जमानत के कागजों का सत्यापन कराने के लिए 1,500 रुपये और ट्रैक्टर अभिलेखों का सत्यापन करने के लिए 800 रुपये लिए थे। जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने कहा कि प्रथम दृष्टया किया गया कार्य गंभीर प्रकृति का है तथा इससे शासन, प्रशासन और तहसील की छवि खराब हुई है। इसलिए लेखपाल को निलंबित कर तहसीलदार गरौठा को जांच करने के निर्देश दिए हैं। उनसे एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट मांगी गई है।
डीएम के आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय गरौठा में नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
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- डीएम ने तहसीलदार गरौठा को सौंपी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
जमानत के कागजों और ट्रैक्टर के अभिलेखों का सत्यापन करने पर पैसे लेने की खबर का वीडियो वायरल होने और यू ट्यूब चैनल पर खबर चलने को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने गरौठा तहसील में तैनात लेखपाल पुष्पेंद्र कुमार पटैरिया को निलंबित कर दिया है। उन्होंने जांच करने की जिम्मेदारी तहसीलदार गरौठा को सौंपी है।
वीडियो में बताया कि हरदुवा क्षेत्र में तैनात लेखपाल पुष्पेंद्र कुमार पटैरिया ने गरौठा तहसील के बिलाटीखेत गांव निवासी बृजभूषण राजपूत से जमानत के कागजों का सत्यापन कराने के लिए 1,500 रुपये और ट्रैक्टर अभिलेखों का सत्यापन करने के लिए 800 रुपये लिए थे। जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने कहा कि प्रथम दृष्टया किया गया कार्य गंभीर प्रकृति का है तथा इससे शासन, प्रशासन और तहसील की छवि खराब हुई है। इसलिए लेखपाल को निलंबित कर तहसीलदार गरौठा को जांच करने के निर्देश दिए हैं। उनसे एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट मांगी गई है।
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डीएम के आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय गरौठा में नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज कराएंगे।