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आयुष्मान ने बुजुर्ग को दी जीने की उम्मीद-City

Sun, 24 Feb 2019 08:46 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 24 Feb 2019 08:46 PM IST
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आयुष्मान ने बुजुर्ग को दी जीने की उम्मीद-City
आयुष्मान ने बुजुर्ग को दी जीने की उम्मीद
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झांसी। आयुष्मान योजना के तहत एक गरीब परिवार के बुजुर्ग का दिल की बीमारी का इलाज किया गया। यह सफल ऑपरेशन निजी अस्पताल में हुआ। ऑपरेशन के बाद बुजुर्ग अब चलने-फिरने में सामर्थ हैं। आयुष्मान योजना का लाभ जन-जन तक पहुंचाने के लिए दो और अस्पतालों को जोड़ा गया है।
कोछाभांवर निवासी तुलसीदास अहिरवार (69 वर्ष) अब अपनी मर्जी से कहीं भी आ जा सकते हैं। जबकि, लगभग चार साल पहले ऐसा नहीं था। वह बताते हैं कि वर्ष 2014 में उन्हें दिल से संबंधित परेशानी हुई। वह जल्दी थक जाते थे और सांस लेने में भी समस्या होती थी। उन्होंने अपने स्तर पर अस्पतालों को दिखाया फिर जब उन्हें आराम नहीं मिला। आयुष्मान भारत योजना के शुरू होने ेक बाद उनके गांव की आशा कार्यकर्ता आयुष्मान पात्रों को पत्र बांटने आई, जिसमें तुलसीदास का भी पत्र था। उन्होंने उस पत्र से अपना कार्ड बनवाया फिर जनपद के निजी अस्पताल में पहुंचे। यहां हुईं जांचों के बाद पता चला कि उनका दिल ठीक से काम नहीं कर रहा और ऑपरेशन की जरूरत है। ऑपरेशन द्वारा उनके वाल्व बदले गए फिर 15 दिन के लिए अस्थायी पेश मेकर लगाया गया। अभी लगभग 15 दिन पहले स्थायी पेशमेकर लगाया गया। इस पूरी प्रक्रिया का खर्चा लगभग डेढ़ लाख आता है, जो कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत नि:शुल्क हुआ। आयुष्मान की वजह से जीने की नई उम्मीद मिली।
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दो नए अस्पताल जुड़े, संख्या हुई 12
आयुष्मान योजना में जनपद के दो और अस्पताल लाइफ लाइन और सुशीला अस्पताल को जोड़ लिया गया है। साथ ही जनपद में जुड़े अस्पतालों की संख्या 12 हो गई है। दिसंबर में जहां 167 मरीजों को इलाज मिला था, वहीं अब तक 710 मरीजों को इलाज मिल चुका है। अभी तक लगभग 23,000 गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। बचे लाभार्थियों के कार्ड भी जल्द बनाए जाएंगे।
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कैसे जाने आपका नाम है या नहीं?
- इस योजना के अंतर्गत आने वाले परिवारों को प्रधानमंत्री द्वारा पत्र भेजे गए हैं। यदि किसी के पास पत्र नहीं है तो वह 14555 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके जानकारी ले सकता है।

- अपने क्षेत्र की आशा से भी इसकी जानकारी ले सकते हैं कि आपका नाम है या नहीं। आशाओं के पास भी सूची भेजी गई है। आशाओं के जरिए पत्र बांटे जा रहे हैं।
- अस्पतालों में तैनात आरोग्य मित्रों द्वारा भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
- आयुष्मान की वेबसाइट पर जाकर भी आप अपना नाम जांच सकते हैं।
- इस योजना का लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है। बस, लाभार्थी को अपनी पहचान करनी होगी, जो कि वह मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड व आधार कार्ड से करा सकता है।
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