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विजिलेंस जांच पर उठाए सवाल, पीआईएल दाखिल -Lalitpur
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विजिलेंस जांच पर उठाए सवाल, पीआईएल दाखिल
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में चल रही विजिलेंस जांच में कई सवाल उठाते हुए पीआईएल दाखिल की गई है। इसमें समय से जांच नहीं होने और बीयू द्वारा जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया गया है। इसके बाद कोर्ट ने बीयू से जवाब मांगा है। इस पर जांच से जुड़े सभी दस लोगों से बीयू ने पक्ष मांग लिया है। अब बीयू कोर्ट में अपना पक्ष रखेगा।
बीयू के जूनियर इंजीनियर अंबरीश गौतम ने शासन से 76 बिंदुओं को लेकर शिकायत की थी। इसमें फर्जी नापजोख, सर्विस टैक्स व लेबर सेस की कटौती न करना, ठेकेदारों की सुरक्षा धनराशि की कटौती नहीं करना, फाइलों के पेज बदलकर फर्म को भुगतान करने समेत भ्रष्टाचार के तमाम आरोप लगाए थे। इस पर शासन ने विजिलेंस जांच के आदेश दे दिए थे। जनवरी 2018 में विजिलेंस जांच शुरू हुई थी। हाल ही में हाईकोर्ट में फराग उल वली ने एक पीआईएल दाखिल की है। सूत्रों ने बताया कि इसमें समय से जांच नहीं होने और बीयू द्वारा जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया गया है। इस पर कोर्ट ने बीयू से पक्ष मांगा। कुलसचिव ने जांच से जुड़े सभी दस अधिकारी, कर्मचारियों से 14 फरवरी तक सुसंगत अभिलेखों के साथ उपलब्ध होने के निर्देश दिए थे। इनमें कुछ पूर्व में तैनात रहे अधिकारी भी शामिल हैं। निर्धारित समयावधि में आख्या प्राप्त न होने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी थी। कुलसचिव राम प्रकाश ने बताया कि जांच से जुड़े सभी अधिकारी, कर्मचारियों का पक्ष प्राप्त हो गया है। अब वकील के माध्यम से बीयू कोर्ट में अपना पक्ष रखेगा।
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में चल रही विजिलेंस जांच में कई सवाल उठाते हुए पीआईएल दाखिल की गई है। इसमें समय से जांच नहीं होने और बीयू द्वारा जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया गया है। इसके बाद कोर्ट ने बीयू से जवाब मांगा है। इस पर जांच से जुड़े सभी दस लोगों से बीयू ने पक्ष मांग लिया है। अब बीयू कोर्ट में अपना पक्ष रखेगा।
बीयू के जूनियर इंजीनियर अंबरीश गौतम ने शासन से 76 बिंदुओं को लेकर शिकायत की थी। इसमें फर्जी नापजोख, सर्विस टैक्स व लेबर सेस की कटौती न करना, ठेकेदारों की सुरक्षा धनराशि की कटौती नहीं करना, फाइलों के पेज बदलकर फर्म को भुगतान करने समेत भ्रष्टाचार के तमाम आरोप लगाए थे। इस पर शासन ने विजिलेंस जांच के आदेश दे दिए थे। जनवरी 2018 में विजिलेंस जांच शुरू हुई थी। हाल ही में हाईकोर्ट में फराग उल वली ने एक पीआईएल दाखिल की है। सूत्रों ने बताया कि इसमें समय से जांच नहीं होने और बीयू द्वारा जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया गया है। इस पर कोर्ट ने बीयू से पक्ष मांगा। कुलसचिव ने जांच से जुड़े सभी दस अधिकारी, कर्मचारियों से 14 फरवरी तक सुसंगत अभिलेखों के साथ उपलब्ध होने के निर्देश दिए थे। इनमें कुछ पूर्व में तैनात रहे अधिकारी भी शामिल हैं। निर्धारित समयावधि में आख्या प्राप्त न होने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी थी। कुलसचिव राम प्रकाश ने बताया कि जांच से जुड़े सभी अधिकारी, कर्मचारियों का पक्ष प्राप्त हो गया है। अब वकील के माध्यम से बीयू कोर्ट में अपना पक्ष रखेगा।
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