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बीयू के गोद लिए पांच गांव बनेंगे ओडीएफ-City
Updated Fri, 14 Jul 2017 09:51 PM IST
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खुले में शौच से मुक्त बनाए जाएंगे पांच गांव
बीयू ने लिए थे गोद, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने दिए निर्देश
- सितंबर तक पूरा होगा काम, प्रशासन देगा फंड
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
उन्नत भारत अभियान के तहत बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा मॉडल विलेज बनाने के लिए गोद लिए गए पांच गांवों को अब सितंबर तक खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) बनाया जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अपर सचिव ने यह निर्देश दिए हैं। इसके लिए फंड की व्यवस्था जिला प्रशासन करेगा। जरूरत पर मंत्रालय भी पैसा देगा।
पिछले साल उन्नत भारत अभियान के तहत केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा संस्थानों को गांव गोद लेकर उन्हें मॉडल विलेज के तौर पर विकसित करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने कोछाभंवर, बामौर के कुरैठा, मोंठ के सिकंदरा, बड़ागांव के दातार नगर परवाई, चिरगांव के रणगुवा-मढ़गुवां गांव को मॉडल बनाने के लिए गोद लिया था। हाल ही में मॉडल गांव बनाने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्रालय को भी जोड़ लिया गया है। कार्यक्रम के क्रियान्वयन का जिम्मा आईआईटी दिल्ली को दिया गया है। राष्ट्रीय समन्वयक आईआईटी दिल्ली ने क्षेत्रीय स्तर पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को नोडल एजेंसी बनाया है। बीयू के कृषि विज्ञान संस्थान के डॉ. जितेंद्र बबेले ने बताया कि हाल ही हुई वीडियो कॉफ्रेंसिंग में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अपर सचिव ने गोद लिए पांचों गांवों को ओडीएफ बनाने के निर्देश दिए हैं। बीयू के नोडल अधिकारी और जिला प्रशासन मिलकर इसे पूरा करेगा। आगामी सितंबर महीने तक हर हाल में यह काम पूरा करना होगा। फंड की व्यवस्था जिला प्रशासन स्तर से करने के निर्देश हैं। जरूरत पड़ने पर मंत्रालय भी पैसा देगा। उन्होंने बताया कि पांचों गांवों को मॉडल बनाने के लिए एक हजार से अधिक परिवार का सर्वे किया जा चुका है।
बीयू ने लिए थे गोद, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने दिए निर्देश
- सितंबर तक पूरा होगा काम, प्रशासन देगा फंड
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
उन्नत भारत अभियान के तहत बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा मॉडल विलेज बनाने के लिए गोद लिए गए पांच गांवों को अब सितंबर तक खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) बनाया जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अपर सचिव ने यह निर्देश दिए हैं। इसके लिए फंड की व्यवस्था जिला प्रशासन करेगा। जरूरत पर मंत्रालय भी पैसा देगा।
पिछले साल उन्नत भारत अभियान के तहत केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा संस्थानों को गांव गोद लेकर उन्हें मॉडल विलेज के तौर पर विकसित करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने कोछाभंवर, बामौर के कुरैठा, मोंठ के सिकंदरा, बड़ागांव के दातार नगर परवाई, चिरगांव के रणगुवा-मढ़गुवां गांव को मॉडल बनाने के लिए गोद लिया था। हाल ही में मॉडल गांव बनाने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्रालय को भी जोड़ लिया गया है। कार्यक्रम के क्रियान्वयन का जिम्मा आईआईटी दिल्ली को दिया गया है। राष्ट्रीय समन्वयक आईआईटी दिल्ली ने क्षेत्रीय स्तर पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को नोडल एजेंसी बनाया है। बीयू के कृषि विज्ञान संस्थान के डॉ. जितेंद्र बबेले ने बताया कि हाल ही हुई वीडियो कॉफ्रेंसिंग में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अपर सचिव ने गोद लिए पांचों गांवों को ओडीएफ बनाने के निर्देश दिए हैं। बीयू के नोडल अधिकारी और जिला प्रशासन मिलकर इसे पूरा करेगा। आगामी सितंबर महीने तक हर हाल में यह काम पूरा करना होगा। फंड की व्यवस्था जिला प्रशासन स्तर से करने के निर्देश हैं। जरूरत पड़ने पर मंत्रालय भी पैसा देगा। उन्होंने बताया कि पांचों गांवों को मॉडल बनाने के लिए एक हजार से अधिक परिवार का सर्वे किया जा चुका है।
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