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‘सुपोषित जननी-विकसित धरनी’को सफल बनाने की मुहीम
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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़े, इसके लिए सूचनाएं शिक्षा और संदेश (आईईसी) अभियान चलाया जा रहा है, जिसका नाम ‘सुपोषित जननी-विकसित धरनी’ है। इसको सफल बनाने और लोगों को जागरूक करने के लिए सीएमओ सभागार में गोष्ठी हुई, जिसमें ब्लॉक व शहरी क्षेत्र के एमओआईसी शामिल हुए। इस योजना के तहत आठ मार्च तक लगभग 17471 लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना लागू हुए एक साल से ऊपर हो गया है लेकिन अभी भी लोगों में इसके प्रति ज्यादा जागरूकता नहीं आई है। यह ऐसी योजना है जो प्रथम बार गर्भवती हुई महिला के उचित खानपान के लिए सरकार द्वारा तीन किस्तों में 5000 रुपये दिए जाते हैं। गोष्ठी में एसीएमओ डॉ. एनके जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना पखवाड़े के तहत चिकित्सा कर्मचारी ब्लॉक स्तर पर रैली, संगोष्ठी व नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को इस योजना के प्रति जागरूकता लाने का प्रयास करेंगे। ताकि, ज्यादा से ज्यादा लोग इस योजना का लाभ उठा सकें।
ये है योजना
यह योजना गर्भवती महिलाओं के पोषण और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। इसके तहत पंजीकरण कराने के साथ ही गर्भवती को प्रथम किश्त के रूप में एक हजार रुपये दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने पर (गर्भावस्था के छह माह बाद) दूसरी किश्त के रूप में दो हजार रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर तीसरी किश्त के रूप में दो हजार रुपये दिए जाते हैं। यह सारे भुगतान गर्भवती के बैंक खाते में ही किये जाते हैं, जिसका आधार से लिंक होना जरूरी है। योजना का लाभ सही-सही पात्र लोगों को मिल सके, इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है।
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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना लागू हुए एक साल से ऊपर हो गया है लेकिन अभी भी लोगों में इसके प्रति ज्यादा जागरूकता नहीं आई है। यह ऐसी योजना है जो प्रथम बार गर्भवती हुई महिला के उचित खानपान के लिए सरकार द्वारा तीन किस्तों में 5000 रुपये दिए जाते हैं। गोष्ठी में एसीएमओ डॉ. एनके जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना पखवाड़े के तहत चिकित्सा कर्मचारी ब्लॉक स्तर पर रैली, संगोष्ठी व नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को इस योजना के प्रति जागरूकता लाने का प्रयास करेंगे। ताकि, ज्यादा से ज्यादा लोग इस योजना का लाभ उठा सकें।
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ये है योजना
यह योजना गर्भवती महिलाओं के पोषण और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। इसके तहत पंजीकरण कराने के साथ ही गर्भवती को प्रथम किश्त के रूप में एक हजार रुपये दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने पर (गर्भावस्था के छह माह बाद) दूसरी किश्त के रूप में दो हजार रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर तीसरी किश्त के रूप में दो हजार रुपये दिए जाते हैं। यह सारे भुगतान गर्भवती के बैंक खाते में ही किये जाते हैं, जिसका आधार से लिंक होना जरूरी है। योजना का लाभ सही-सही पात्र लोगों को मिल सके, इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है।
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