{"_id":"5bf9bb49bdec22419b5dddd0","slug":"101543093065-jhansi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार साल में नहीं हट सका सड़क से कब्जा, डीएम भी नहीं कर सके समाधान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार साल में नहीं हट सका सड़क से कब्जा, डीएम भी नहीं कर सके समाधान
Updated Sun, 25 Nov 2018 02:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। तहसील समाधान दिवस इसलिए आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके और उन्हें कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ें। लेकिन, क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि सरकारी अभिलेखों में दर्ज रास्ते पर कब्जा हो गया और इसकी शिकायत पिछले चार साल से तहसील दिवस में हो रही है, ताकि न्याय मिल सके। बावजूद, नतीजा सिफर ही रहा। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि तहसील समाधान दिवस जनता की उम्मीदों पर कितने खरे साबित हो रहे हैं।
चार साल पहले गुमनावारा महाराणा प्रताप नगर निवासी प्रेमसागर द्विवेदी ने तहसील दिवस में शिकायती पत्र दिया था कि मौजा पिछोर के आराजी 856 में सरकारी रास्ते पर अवैध कब्जा हो गया है, जनहित में यह रास्ता खुलवाया जाए। रास्ते की चौड़ाई 40 फीट है और मौके पर 10 फीट का रास्ता भी शेष नहीं है। जिनके प्लाट हैं, वह जबरन रास्ता घेरकर बाउंड्रीवाल बना रहे हैं। रास्ते से मोहल्ला के 250 परिवारों को आवागमन है। उन्हें असुविधा हो रही है।
तहसील दिवस की परंपरा के अनुसार शिकायत राजस्व निरीक्षक को मार्क कर दी गई। जांच के बाद बड़ागांव के राजस्व निरीक्षक माताप्रसाद जाटव ने 11 फरवरी 2015 को रिपोर्ट लगाई कि मौजा पिछोर की उक्त जमीन राजस्व अभिलेखों में रास्ते के रूप में दर्ज है। जमीन की नाप जरीब से करना संभव नहीं है।
विज्ञापन
समाधान नहीं होने पर मोहल्ले वालों ने 28 जनवरी 2015 को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया कि रास्ते से अवैध कब्जा हटवाया जाए। लेकिन, कोई फायदा नहीं हुआ। अभी भी रास्ते पर अवैध कब्जा है व पीड़ित शिकायत लेकर तहसील दिवस के चक्कर लगा रहा है।
कम नहीं हो रही फरियादियों की कतार
शासन की मंशा है कि तहसील (समाधान) दिवस में आने वाले फरियादिओं की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। सभी अधिकारी एक ही छत के नीचे बैठकर जनता की समस्याएं सुनें, लेकिन चार साल बाद भी यदि फरियादी को साहब के चक्कर लगाने पड़ रहे हों तो व्यवस्था की रफ्तार को खुद व खुद समझा जा सकता है। यही कारण है कि समस्या का समाधान नहीं होने की वजह से तहसील दिवस में फरियादियों की कतार कम नहीं हो रही है। जनता तो इस उम्मीद से समाधान दिवस में आती है कि समस्या का समाधान होगा, परंतु कैसे समाधान हो रहा है, इसकी बानगी आपके सामने है।
रास्ते पर यदि किसी ने कब्जा किया है तो मामला गंभीर है। प्रकरण मेरे संज्ञान में नहीं है, लेकिन इसकी जांच कराएंगे और नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।
- शिवसहाय अवस्थी, जिलाधिकारी
विज्ञापन
चार साल पहले गुमनावारा महाराणा प्रताप नगर निवासी प्रेमसागर द्विवेदी ने तहसील दिवस में शिकायती पत्र दिया था कि मौजा पिछोर के आराजी 856 में सरकारी रास्ते पर अवैध कब्जा हो गया है, जनहित में यह रास्ता खुलवाया जाए। रास्ते की चौड़ाई 40 फीट है और मौके पर 10 फीट का रास्ता भी शेष नहीं है। जिनके प्लाट हैं, वह जबरन रास्ता घेरकर बाउंड्रीवाल बना रहे हैं। रास्ते से मोहल्ला के 250 परिवारों को आवागमन है। उन्हें असुविधा हो रही है।
विज्ञापन
तहसील दिवस की परंपरा के अनुसार शिकायत राजस्व निरीक्षक को मार्क कर दी गई। जांच के बाद बड़ागांव के राजस्व निरीक्षक माताप्रसाद जाटव ने 11 फरवरी 2015 को रिपोर्ट लगाई कि मौजा पिछोर की उक्त जमीन राजस्व अभिलेखों में रास्ते के रूप में दर्ज है। जमीन की नाप जरीब से करना संभव नहीं है।
विज्ञापन
समाधान नहीं होने पर मोहल्ले वालों ने 28 जनवरी 2015 को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया कि रास्ते से अवैध कब्जा हटवाया जाए। लेकिन, कोई फायदा नहीं हुआ। अभी भी रास्ते पर अवैध कब्जा है व पीड़ित शिकायत लेकर तहसील दिवस के चक्कर लगा रहा है।
कम नहीं हो रही फरियादियों की कतार
शासन की मंशा है कि तहसील (समाधान) दिवस में आने वाले फरियादिओं की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। सभी अधिकारी एक ही छत के नीचे बैठकर जनता की समस्याएं सुनें, लेकिन चार साल बाद भी यदि फरियादी को साहब के चक्कर लगाने पड़ रहे हों तो व्यवस्था की रफ्तार को खुद व खुद समझा जा सकता है। यही कारण है कि समस्या का समाधान नहीं होने की वजह से तहसील दिवस में फरियादियों की कतार कम नहीं हो रही है। जनता तो इस उम्मीद से समाधान दिवस में आती है कि समस्या का समाधान होगा, परंतु कैसे समाधान हो रहा है, इसकी बानगी आपके सामने है।
रास्ते पर यदि किसी ने कब्जा किया है तो मामला गंभीर है। प्रकरण मेरे संज्ञान में नहीं है, लेकिन इसकी जांच कराएंगे और नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।
- शिवसहाय अवस्थी, जिलाधिकारी