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पानी की टंकियों में गंदा पानी, मरीज की जान से खिलवाड़ -City
Updated Tue, 29 May 2018 01:49 AM IST
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फोटो..
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टैग: हाल-ए-जिला अस्पताल
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बिना ढक्कन की टंकियों में गंदा पानी, मरीज की जान से खिलवाड़
- जिला चिकित्सालय आने वालों को करना पड़ता पानी का उपयोग
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
जिला अस्पताल में अपने मर्ज का कराने इलाज कराने आने वाले मरीजों की जान से खिलवाड़ हो रहा है। अस्पताल की छत पर रखीं पानी की टंकियों के ढक्कन गायब हैं। भीषण गर्मी में सीधे सूरज की रोशनी पड़ने पर एक तो पानी बहुत गर्म हो जाता है, दूसरे आंधी और तेज हवाएं चलने से आसपास की धूल और कचरा भी टंकी में जा रहा है। पानी का उपयोग मरीज और तीमारदार करते हैं। ऐसे में अस्पताल आने वाले लोगों की जान से खिलवाड़ हो रहा है।
जिला अस्पताल में डेढ़ हजार मरीज रोज उपचार के लिए आ रहे हैं। हीट स्ट्रोक, उल्टी, दस्त, घबराहट और उच्च रक्तचाप के मरीज सामान्य की तुलना में ज्यादा आ रहे हैं। गर्मी का सीजन होने के कारण हर मरीज को पानी की जरूरत पड़ती है। कुछ लोग तो अपने साथ पानी की बोतल लेकर आते हैं, जबकि कई मरीज और तीमारदार ऐसे होते हैं जो पानी की बोतल लेकर नहीं आते, बल्कि अस्पताल में लगे नल से पानी पीते हैं। नौतपा शुरू होने के बाद से गर्मी चरम पर है। गर्मी से राहत पाने के लिए लोगों को पानी की जरूरत पड़ती है। इसलिए जिला अस्पताल में आने वाले लोग अस्पताल में लगे नल से ही प्यास बुझाते हैं, लेकिन इन नलों में जहां से पानी आ रहा है उन पानी की टंकियाें के मुंह खुले हैं। बिना ढक्कन की इन टंकियों में दिन भर चलने वाली तेज हवा के कारण धूल के साथ कचरा इकट्ठा हो रहा है। एक तो गर्मी ऊपर से धूल और गंदगी पानी के साथ लोगों के शरीर में जा रही है। इससे स्वच्छ लोगों का बीमार होना तय है। जिला अस्पताल में आने वाले ज्यादातर मरीज मध्यम वर्ग के होते हैं। संभवत: इसीलिए इतनी लापरवाही बरती जा रही है।
कूलर व शौचालय में नहीं पानी, वाटर कूलर खराब
वार्डों में भर्ती मरीजों के लिए कूलर तो लगा दिए गए हैं, लेकिन कूलर गर्म हवा फेंक रहे हैं। कारण, इनमें अस्पताल स्टाफ द्वारा पानी नहीं भरा जा रहा है। कभी-कभी गर्मी से परेशान तीमारदार खुद पानी भरकर कूलर की टंकियों में डाल देते हैं। अस्पताल में लगा वाटर कूलर भी खराब है। ठंडा पानी नहीं आ रहा, बल्कि गर्म पानी निकल रहा है। इस कारण लोगों को अस्पताल के बाहर से पानी की ठंडी बोतल और पाउच खरीदने पड़ रहे हैं। अस्पताल के शौचालयों में भी अक्सर पानी की सप्लाई बाधित रहती है।
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ठेकेदार का काम धीमा
आठ-दस दिन पहले ठेकेदारों को पानी की टंकी के ढक्कन लगाने के आदेश दिए गए थे। ठेकेदार के काम की गति बहुत धीमी है। टंकियों की सफाई तीन महीने पहले कराई गई थी। वाटर कूलर सही हैं। लगातार पानी निकलने की वजह से हो सकता है कि ज्यादा ठंडा न हो पाता हो। यदि कुछ कमियां हैं, तो उन्हें दूर कराएंगे।
- डॉ. बीके गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
उबल रहे हैं मरीज
भीषण गर्मी पड़ रही है। कूलर में पानी भरने कोई नहीं आता है, जिससे कूलर गर्म हवा दे रहे हैं। वार्ड ब्यॉय आता ही नहीं है। कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई असर नहीं हुआ।
- बांके बिहारी, मरीज
डाक्टर छुट्टी पर
पेट में शिकायत है। कई दिन से अस्पताल में भर्ती हूं। डाक्टर साहब छुट्टी पर हैं। कोई दूसरा डाक्टर देखने ही नहीं आता है। नर्स कहती हैं कि छुट्टी लेकर घर जाओ, लेकिन बिना मर्ज ठीक हुए घर जाकर क्या करेंगे।
- रमाकांत, मरीज
खुद ही भरते हैं कूलर
बृहस्पतिवार से मेरे पति भर्ती हैं। बेहद गर्मी पड़ रही है। कूलर गर्म हवा दे रहे हैं। कोई व्यक्ति कूलर में पानी भरने नहीं आ रहा है। इसलिए खुद ही कूलर में पानी भर लेते हैं।
- गीता, तीमारदार
व्यवस्थाएं ठीक नही
बुखार की शिकायत है। तीन दिन से अस्पताल में भर्ती हूं। कूलर में पानी नहीं है, जिससे गर्म हवा मिल रही है। नलों में पानी नहीं आता है, शौचालय गंदे पड़े हैं। साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है।
- नीतू, मरीज
पानी की समस्या
गर्मी से अस्पताल में पानी की समस्या हो गई है। टंकियों में पानी नहीं होने क ी वजह से कूलर नहीं भर पा रहे हैं। अधिकारियों को समस्या से अवगत करा चुके हैं।
- गीता, स्टाफ नर्स
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बिना ढक्कन की टंकियों में गंदा पानी, मरीज की जान से खिलवाड़
- जिला चिकित्सालय आने वालों को करना पड़ता पानी का उपयोग
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
जिला अस्पताल में अपने मर्ज का कराने इलाज कराने आने वाले मरीजों की जान से खिलवाड़ हो रहा है। अस्पताल की छत पर रखीं पानी की टंकियों के ढक्कन गायब हैं। भीषण गर्मी में सीधे सूरज की रोशनी पड़ने पर एक तो पानी बहुत गर्म हो जाता है, दूसरे आंधी और तेज हवाएं चलने से आसपास की धूल और कचरा भी टंकी में जा रहा है। पानी का उपयोग मरीज और तीमारदार करते हैं। ऐसे में अस्पताल आने वाले लोगों की जान से खिलवाड़ हो रहा है।
जिला अस्पताल में डेढ़ हजार मरीज रोज उपचार के लिए आ रहे हैं। हीट स्ट्रोक, उल्टी, दस्त, घबराहट और उच्च रक्तचाप के मरीज सामान्य की तुलना में ज्यादा आ रहे हैं। गर्मी का सीजन होने के कारण हर मरीज को पानी की जरूरत पड़ती है। कुछ लोग तो अपने साथ पानी की बोतल लेकर आते हैं, जबकि कई मरीज और तीमारदार ऐसे होते हैं जो पानी की बोतल लेकर नहीं आते, बल्कि अस्पताल में लगे नल से पानी पीते हैं। नौतपा शुरू होने के बाद से गर्मी चरम पर है। गर्मी से राहत पाने के लिए लोगों को पानी की जरूरत पड़ती है। इसलिए जिला अस्पताल में आने वाले लोग अस्पताल में लगे नल से ही प्यास बुझाते हैं, लेकिन इन नलों में जहां से पानी आ रहा है उन पानी की टंकियाें के मुंह खुले हैं। बिना ढक्कन की इन टंकियों में दिन भर चलने वाली तेज हवा के कारण धूल के साथ कचरा इकट्ठा हो रहा है। एक तो गर्मी ऊपर से धूल और गंदगी पानी के साथ लोगों के शरीर में जा रही है। इससे स्वच्छ लोगों का बीमार होना तय है। जिला अस्पताल में आने वाले ज्यादातर मरीज मध्यम वर्ग के होते हैं। संभवत: इसीलिए इतनी लापरवाही बरती जा रही है।
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कूलर व शौचालय में नहीं पानी, वाटर कूलर खराब
वार्डों में भर्ती मरीजों के लिए कूलर तो लगा दिए गए हैं, लेकिन कूलर गर्म हवा फेंक रहे हैं। कारण, इनमें अस्पताल स्टाफ द्वारा पानी नहीं भरा जा रहा है। कभी-कभी गर्मी से परेशान तीमारदार खुद पानी भरकर कूलर की टंकियों में डाल देते हैं। अस्पताल में लगा वाटर कूलर भी खराब है। ठंडा पानी नहीं आ रहा, बल्कि गर्म पानी निकल रहा है। इस कारण लोगों को अस्पताल के बाहर से पानी की ठंडी बोतल और पाउच खरीदने पड़ रहे हैं। अस्पताल के शौचालयों में भी अक्सर पानी की सप्लाई बाधित रहती है।
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ठेकेदार का काम धीमा
आठ-दस दिन पहले ठेकेदारों को पानी की टंकी के ढक्कन लगाने के आदेश दिए गए थे। ठेकेदार के काम की गति बहुत धीमी है। टंकियों की सफाई तीन महीने पहले कराई गई थी। वाटर कूलर सही हैं। लगातार पानी निकलने की वजह से हो सकता है कि ज्यादा ठंडा न हो पाता हो। यदि कुछ कमियां हैं, तो उन्हें दूर कराएंगे।
- डॉ. बीके गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
उबल रहे हैं मरीज
भीषण गर्मी पड़ रही है। कूलर में पानी भरने कोई नहीं आता है, जिससे कूलर गर्म हवा दे रहे हैं। वार्ड ब्यॉय आता ही नहीं है। कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई असर नहीं हुआ।
- बांके बिहारी, मरीज
डाक्टर छुट्टी पर
पेट में शिकायत है। कई दिन से अस्पताल में भर्ती हूं। डाक्टर साहब छुट्टी पर हैं। कोई दूसरा डाक्टर देखने ही नहीं आता है। नर्स कहती हैं कि छुट्टी लेकर घर जाओ, लेकिन बिना मर्ज ठीक हुए घर जाकर क्या करेंगे।
- रमाकांत, मरीज
खुद ही भरते हैं कूलर
बृहस्पतिवार से मेरे पति भर्ती हैं। बेहद गर्मी पड़ रही है। कूलर गर्म हवा दे रहे हैं। कोई व्यक्ति कूलर में पानी भरने नहीं आ रहा है। इसलिए खुद ही कूलर में पानी भर लेते हैं।
- गीता, तीमारदार
व्यवस्थाएं ठीक नही
बुखार की शिकायत है। तीन दिन से अस्पताल में भर्ती हूं। कूलर में पानी नहीं है, जिससे गर्म हवा मिल रही है। नलों में पानी नहीं आता है, शौचालय गंदे पड़े हैं। साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है।
- नीतू, मरीज
पानी की समस्या
गर्मी से अस्पताल में पानी की समस्या हो गई है। टंकियों में पानी नहीं होने क ी वजह से कूलर नहीं भर पा रहे हैं। अधिकारियों को समस्या से अवगत करा चुके हैं।
- गीता, स्टाफ नर्स