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सौ गांव के ट्रांसफार्मरों की बढ़ेगी क्षमता
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झांसी। जनपद में सौ से अधिक ऐसे गांव हैं, जहां ओवर लोडिंग के कारण अक्सर ट्रांसफार्मर (परिवर्तक) खराब हो जाते हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए बिजली विभाग ऐसे ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि करने जा रहा है। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों 14500 ट्रांसफार्मर लगे हैं।
मुख्यमंत्री बुंदेलखंड के किसानों को 24 घंटे बिजली देना चाहते हैं। मगर अभी शहरी क्षेत्रों को 24 और ग्रामीण क्षेत्रों को 20 घंटे बिजली दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों का विद्युत ढांचा इतना अधिक कमजोर है कि गांव के ट्रांसफार्मर ओवर लोडिंग व जर्जर तारों के कारण धड़ाधड़ फुंक रहे हैं। इस कारण अधिकांश गांवों को 16 से 18 घंटे बिजली देना भी संभव नहीं हो रहा है। पिछले चार महीनों से हर माह चार सौ से अधिक ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। बिजली विभाग अब ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि का अभियान चला रहा है। पहले चरण में उन ट्रांसफार्मरों को शामिल किया गया है, जो अधिक फुंकते हैं। शुरुआत में सौ ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की जाएगी।
ये भी कारण
- 20 साल से एक क्षमता के लगे हैं ट्रांसफार्मर
- हर गांव में तीन गुना बढ़ गए परिवार
- चोरी जस की तस, कनेक्शन भी बढ़े
- जर्जर तारों का टूटना, कटिया
जनपद में प्रतिदिन 20 से 22 ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। इसका मुख्य कारण ओवरलोडिंग है। इस समस्या को खत्म करने के लिए 100 से अधिक ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की जा रही है।
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अनीश कुमार माथुर, अधिशासी अभियंता (ट्रांसफार्मर वर्कशॉप )।
इन गांवों के अधिक फुंकते हैं ट्रांसफार्मर
बेरुआ, मुड़ई, लेवा, लौरानी, पोहरा, चुरारा, नयाखेड़ा, खिरिया घाट, दिगारा, पालर, मुस्तरा, जौरी बुजुर्ग, बिजौरा, भानपुरा, सिमरिया, पलींदा, सिलोरी, गोराई, नैगांव, इमलिया, मगरपुर, कुरैंचा, ढकरवारा, सिमरधा, पहाड़ी, चिरगांव सुलतानपुरा, तेजपुरा, छिरौना, पसौरा, पठाकरकका, चकौरी आदि गांव शामिल हैं।
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मुख्यमंत्री बुंदेलखंड के किसानों को 24 घंटे बिजली देना चाहते हैं। मगर अभी शहरी क्षेत्रों को 24 और ग्रामीण क्षेत्रों को 20 घंटे बिजली दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों का विद्युत ढांचा इतना अधिक कमजोर है कि गांव के ट्रांसफार्मर ओवर लोडिंग व जर्जर तारों के कारण धड़ाधड़ फुंक रहे हैं। इस कारण अधिकांश गांवों को 16 से 18 घंटे बिजली देना भी संभव नहीं हो रहा है। पिछले चार महीनों से हर माह चार सौ से अधिक ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। बिजली विभाग अब ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि का अभियान चला रहा है। पहले चरण में उन ट्रांसफार्मरों को शामिल किया गया है, जो अधिक फुंकते हैं। शुरुआत में सौ ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की जाएगी।
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ये भी कारण
- 20 साल से एक क्षमता के लगे हैं ट्रांसफार्मर
- हर गांव में तीन गुना बढ़ गए परिवार
- चोरी जस की तस, कनेक्शन भी बढ़े
- जर्जर तारों का टूटना, कटिया
जनपद में प्रतिदिन 20 से 22 ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। इसका मुख्य कारण ओवरलोडिंग है। इस समस्या को खत्म करने के लिए 100 से अधिक ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की जा रही है।
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अनीश कुमार माथुर, अधिशासी अभियंता (ट्रांसफार्मर वर्कशॉप )।
इन गांवों के अधिक फुंकते हैं ट्रांसफार्मर
बेरुआ, मुड़ई, लेवा, लौरानी, पोहरा, चुरारा, नयाखेड़ा, खिरिया घाट, दिगारा, पालर, मुस्तरा, जौरी बुजुर्ग, बिजौरा, भानपुरा, सिमरिया, पलींदा, सिलोरी, गोराई, नैगांव, इमलिया, मगरपुर, कुरैंचा, ढकरवारा, सिमरधा, पहाड़ी, चिरगांव सुलतानपुरा, तेजपुरा, छिरौना, पसौरा, पठाकरकका, चकौरी आदि गांव शामिल हैं।