Jaunpur News: बच्चा चोरी के आरोप में युवक को ग्रामीणों ने दबोचा, शराब के नशे में धुत्त बताकर पुलिस ने छोड़ा
बीबीगंज बाजार स्थित एक घर के बाहर वाले बरामदे में अपनी मां के साथ पांच साल की मासूम सो रही थी। रात में एक युवक आया और बच्ची को उठाकर ले जाने लगा। स्थानीय लोगों ने उसे दबोच लिया।
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जौनपुर के लौंह (पंडित के पूरा ) गांव में सोमवार रात 11 माह के बच्चे को अगवा करने का मामले का अभी खुलासा भी नहीं कि बीती रात बीबीगंज बाजार में बच्चा चोरी का मामला सामने आया। आरोपी को ग्रामीणों ने दबोचा और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने शराब के नशे में धुत्त बताकर छोड़ दिया।
बीबीगंज बाजार निवासी एक व्यक्ति के घर में बाहर वाले बरामदे में अपनी मां के साथ पांच साल की मासूम सो रही थी। रात में एक युवक आया और बालिका को उठाने लगा तो वो रोने लगी। मां की नींद खुल गई और उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। चोर-चोर चिल्लाने लगी। उसकी आवाज सुनकर युवक भागने लगा। हालांकि लोगों ने दौड़कर उसे दबोच लिया और जमकर पिटाई कर दी।
पुलिस बोली- लोगों को हुई गफलत
इस बीच ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस युवक को लेकर चौकी पहुंची। पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया। बीबीगंज चौकी इंचार्ज सुरेश कुमार ने बताया की युवक शराब के नशे में बीबीगंज रेलवे स्टेशन पर सो रहा था। रात में प्लेटफॉर्म के बाहर के एक मकान के समीप गया तो लोगों ने बच्चा चोर समझकर उसे पकड़ लिया। पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया। वह दिल्ली जाने के लिए ट्रेन पकड़ने बीबीगंज स्टेशन पर पहुंचा था। सीओ अंकित कुमार ने बताया कि बच्चा चोरी का मामला नहीं था। तथ्यों की जांच की जा रही है।
अगवा मासूम बच्चे का अब तक नही मिला कोई सुराग
मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के लौंह (पंडित के पूरा ) गांव में परदादी के साथ घर के बाहर सो रहे 11 माह के बालक को बदमाशों ने सोमवार रात अगवा किया था। मामले में पुलिस के हाथ अबतक खाली हैं। पुलिस की सारी कवायद अब तक फेल रही है। इधर, क्षेत्र के स्कूलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
सोमवार रात लौह गांव निवासी सत्यम पांडेय (11 माह) अपनी परदादी प्रेमा देवी के साथ घर के बाहर सो रहा था। रात को करीब 11 बजे कुछ बदमाश आए और सत्यम को उठाने लगे। प्रेमा देवी की नींद टूट गई। उन्होंने बदमाशों को रोकने का प्रयास किया लेकिन एक बदमाश ने उनको धक्का दिया। वह एक तरफ गिर गईं। वे सत्यम को उठाकर लेकर चले गए।
प्रेमा देवी के शोर मचाने पर परिजन व गांव के लोग इकट्ठा हो गए। सूचना के बाद पुलिस ने प्रयागराज- प्रतापगढ़ सीमा पर चेकिंग शुरू कर दी। दूसरी जगहों पर भी पता लगाती रही लेकिन बदमाशों का सुराग नहीं लगा। घटना के 48 घंटे बाद भी पुलिस को मासूम और अपहरणकर्ताओं का कोई अता पता नही चल सका है। पुलिस की तीन टीमें लगाई हई हैं। इस घटना से जहां परिवार और गांव मे दहशत का माहौल है वहीं दूसरी तरफ स्कूलों में भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।