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Jaunpur News: जिंदगी की जंग हार रहे युवा, 20 दिनों में 14 आत्महत्या
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केराकत/जौनपुर। जिले में बीते 20 दिनों के भीतर 14 लोगों ने फंदा लगाकर, गोली मारकर व विषाक्त पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। जान गंवाने वालों में युवा ही हैं। इन घटनाओं के पीछे मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक विवाद, आर्थिक तंगी और सामाजिक दबाव जैसे कारण बताए जा रहे हैं। खुदकुशी की बढ़ती घटनाएं समाज के लिए चिंता का कारण हैं। इन मामलों ने समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर किन परिस्थितियों में लोग आत्मघाती कदम उठा रहे हैंं।
मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सक डॉ.विनोद कुमार ने बताया कि आत्महत्या का कारण अवसाद, पारिवारिक कलह, आर्थिक तंगी, कॅरिअर का दबाव, प्रेम प्रसंग व सामाजिक बदनामी का डर प्रमुख कारण हो सकते हैं। बढ़ते आत्महत्या के मामलों को रोकने के लिए समाज, परिवार व प्रशासन को मिलकर प्रयास करने होंगे, ताकि लोग मानसिक तनाव में घातक कदम उठाने की बजाय अपनी समस्याओं का समाधान तलाश सकें। उन्होंने कहा कि आत्महत्या कोई समाधान नहीं है, बल्कि सही समय पर सहायता लेकर हर समस्या का हल निकाला जा सकता है।
घटनाओं का विवरण
14 फरवरी को शहर कोतवाली क्षेत्र के उमरपुर कालीकुत्ती निवासी राधा बिंद(22) का शव कमरे में दुपट्टे के सहारे छत पर लटकता मिला।
21 फरवरी केराकत मुर्की बिकवा गांव में 12 वीं की छात्रा संध्या (22) ने शादी से पहले फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
21 फरवरी को जलालपुर के राजेपुर गांव निवासी गुलफिशा बानो(20) का शव फंदे से लटकता मिला।
21 फरवरी को रामपुर थाना क्षेत्र के जमालापुर चौकी अंतर्गत एक गांव में प्रेमी की बेवफाई से क्षुब्ध होकर प्रेमिका ने विषाक्त पदार्थ खाकर अपनी जान दे दी।
22 फरवरी को मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र के भूसेहरा गांव में आरती पटेल (34) ने विवाहिता ने कीटनाशक खाकर आत्महत्या कर ली।
22 फरवरी को बक्शा थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव में दिनेश कुमार गौड़ (24) गोमती नदी के किनारे जंगल में एक युवक ने पेड़ की डाली पर फंदा लगाकर जान दे दी।
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22 फरवरी को धरौरा गांव में विवाहिता क्षमता(23) ने एक कमरे में फंदा लगा लिया था।
23 फरवरी को गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के सोनारी गांव में वीरेंद्र यादव (38) का शव रस्सी के फंदे के सहारे घर से कुछ दूर स्थित पेड़ की डाल से लटका मिला।
23 फरवरी को मुर्की बिकवा गांव में विमलेश कुमार (23) ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
27 फरवरी को लाइन बाजार थाना क्षेत्र के पुलिस लाइन के निकट कन्हईपुर गांव में छात्रा का फंदे से लटकता शव मिला। जलालपुर थाना क्षेत्र के बहरीपुर गांव निवासी चंचल यादव(20) पुत्री चंद्रभान यादव पुलिस लाइन के बगल मोहल्ले में किराये का कमरा लेकर पढ़ाई करती थी।
1 मार्च को चंदवक थाना क्षेत्र के डीहा गांव में राकेश (38) ने घर में पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
2 मार्च को बक्शा थाना क्षेत्र के मलिकानपुर गांव में वैभव शुक्ल (20) का शव फंदे से लटका मिला।
3 मार्च को मुंगराबादशाहपुर के कमालपुर सरायरुस्तम मोहल्ले में अंकित सिंह(30) ने अपने कमरे में पंखे में बेड के चादर के सहारे फंदे से लटक कर आत्महत्या कर लिया।
3 मार्च को कनुवानी गांव में कपिलदेव मौर्य (35) ने अपने कमरे में फंदा लगा लिया।
ऐसे रोकें घटनाएं-- मानसिक तनाव महसूस होने पर मनोचिकित्सक से सलाह लें।
- परिवार और दोस्त अवसादग्रस्त व्यक्ति की स्थिति को समझें और उन्हें भावनात्मक सहयोग दें।
- मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाई जाए।
- जरूरतमंद लोगों के लिए परामर्श सेवाएं और हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराए जाएं।
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मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सक डॉ.विनोद कुमार ने बताया कि आत्महत्या का कारण अवसाद, पारिवारिक कलह, आर्थिक तंगी, कॅरिअर का दबाव, प्रेम प्रसंग व सामाजिक बदनामी का डर प्रमुख कारण हो सकते हैं। बढ़ते आत्महत्या के मामलों को रोकने के लिए समाज, परिवार व प्रशासन को मिलकर प्रयास करने होंगे, ताकि लोग मानसिक तनाव में घातक कदम उठाने की बजाय अपनी समस्याओं का समाधान तलाश सकें। उन्होंने कहा कि आत्महत्या कोई समाधान नहीं है, बल्कि सही समय पर सहायता लेकर हर समस्या का हल निकाला जा सकता है।
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घटनाओं का विवरण
14 फरवरी को शहर कोतवाली क्षेत्र के उमरपुर कालीकुत्ती निवासी राधा बिंद(22) का शव कमरे में दुपट्टे के सहारे छत पर लटकता मिला।
21 फरवरी केराकत मुर्की बिकवा गांव में 12 वीं की छात्रा संध्या (22) ने शादी से पहले फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
21 फरवरी को जलालपुर के राजेपुर गांव निवासी गुलफिशा बानो(20) का शव फंदे से लटकता मिला।
21 फरवरी को रामपुर थाना क्षेत्र के जमालापुर चौकी अंतर्गत एक गांव में प्रेमी की बेवफाई से क्षुब्ध होकर प्रेमिका ने विषाक्त पदार्थ खाकर अपनी जान दे दी।
22 फरवरी को मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र के भूसेहरा गांव में आरती पटेल (34) ने विवाहिता ने कीटनाशक खाकर आत्महत्या कर ली।
22 फरवरी को बक्शा थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव में दिनेश कुमार गौड़ (24) गोमती नदी के किनारे जंगल में एक युवक ने पेड़ की डाली पर फंदा लगाकर जान दे दी।
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22 फरवरी को धरौरा गांव में विवाहिता क्षमता(23) ने एक कमरे में फंदा लगा लिया था।
23 फरवरी को गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के सोनारी गांव में वीरेंद्र यादव (38) का शव रस्सी के फंदे के सहारे घर से कुछ दूर स्थित पेड़ की डाल से लटका मिला।
23 फरवरी को मुर्की बिकवा गांव में विमलेश कुमार (23) ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
27 फरवरी को लाइन बाजार थाना क्षेत्र के पुलिस लाइन के निकट कन्हईपुर गांव में छात्रा का फंदे से लटकता शव मिला। जलालपुर थाना क्षेत्र के बहरीपुर गांव निवासी चंचल यादव(20) पुत्री चंद्रभान यादव पुलिस लाइन के बगल मोहल्ले में किराये का कमरा लेकर पढ़ाई करती थी।
1 मार्च को चंदवक थाना क्षेत्र के डीहा गांव में राकेश (38) ने घर में पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
2 मार्च को बक्शा थाना क्षेत्र के मलिकानपुर गांव में वैभव शुक्ल (20) का शव फंदे से लटका मिला।
3 मार्च को मुंगराबादशाहपुर के कमालपुर सरायरुस्तम मोहल्ले में अंकित सिंह(30) ने अपने कमरे में पंखे में बेड के चादर के सहारे फंदे से लटक कर आत्महत्या कर लिया।
3 मार्च को कनुवानी गांव में कपिलदेव मौर्य (35) ने अपने कमरे में फंदा लगा लिया।
ऐसे रोकें घटनाएं
- परिवार और दोस्त अवसादग्रस्त व्यक्ति की स्थिति को समझें और उन्हें भावनात्मक सहयोग दें।
- मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाई जाए।
- जरूरतमंद लोगों के लिए परामर्श सेवाएं और हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराए जाएं।