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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   Worship of Siddhidathri Devi

सिद्धिदात्री देवी का पूजन

Thu, 18 Oct 2018 11:52 PM IST
jounpur
jounpur Updated Thu, 18 Oct 2018 11:52 PM IST
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 नवरात्र की नवमी पर गुरुवार को देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। भोर से ही दर्शन पूजन के लिए लोगों की भीड़ लगी रही।
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  मां शीतला चौकियां और मां मैहर माता मंदिर समेत अन्य मंदिरों में भी सुबह से दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतार लग गई थी। नवरात्र का अंतिम दिन होने के कारण व्रत रखने वाले लोग भी दर्शन पूजन करने के लिए शीतला चौकिया में पहुंचे। देर शाम तक दर्शन पूजन के लिए भक्तों की भीड़ रही। नवरात्र में चल रहे दर्शन पूजन के कारण मंदिर परिसर गुलजार थे।
  माला फूल, नारियल, चुंदरी की दुकानें भी सज गई थी। दूर दराज से आए भक्तों ने देवी मां के दरबार में मत्था टेक कर आशीर्वाद प्राप्त किया। देश हवन पूजन में बड़ी संख्या में भक्तों ने हिस्सा लिया। नवरात्र ख्रत्म होने के बाद शहर में भीड़ कम होने पर प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।
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नवरात्रि के समापन पर गुरुवार को पूजा पंडालों में भी सन्नाटा पसर गया। देवी मंदिरों में दर्शन पूजन करने वालों की भीड़ उमड रही। मां शीतला धाम चौकिया में तो खासी भीड़ रही। भोर से शुरू हुआ दर्शन पूजन का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा।
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मां के जयकारे से दिन भर मंदिर गूंजते रहे। नवरात्र के समापन के साथ पूजा पंडालों में सन्नाटा पसर गया। दुर्गा पूजा पंडालों से नवरात्रि पर धार्मिक और सांस्कृतिक समृद्धि का संदेश देने के साथ ही स्वच्छता और पर्यावरण संक्षरण का भी संदेश देकर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया। शहर के मल्हनी रोड़ पर गीतांजलि संस्था की ओर से स्थापित पूजा पंडाल में पर्यावरण जागरूकता लिखे स्लोगन लगाकर पूरे नौ दिन तक स्वस्च्छता का संदेश दिया।  मां कसम अपने आप पास गंदगी नहीं करूंगा, मां कसन पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी को जागरूक करूंगा आदि नारों के पोस्टर लगाकर  सफाई अभियान में अपनी सहभागिता की। संस्था के महेंद्र देव विक्रम ने बताया कि पंडाल में माला फूल और अन्य कचरा रखने के लिए डस्टविन रखा गया था। प्लास्टिक की थैली पूजा का सामान लेकर आने वालों को पूजा करने से मना कर दिया जा रहा था। जागेश्वर नाथ मंदिर परिसर में पंडाल लगाने के बजाय स्थाई मंदिर के रूप में पंडाल बनाया गया। इसी प्रकार मियापुर, लाइन बाजार, बदलापुर पड़ाव, नईगंज में भव्य पंडाल लगाए गए थे। फल वाली गली में स्थापित पूजा पंडाल में देवी पंडाल में भी पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का संदेश स्लोगन के माध्यम से दिया गया। पूजा पंडालों में हवन पूजन के बाद भक्ति गीतों का प्रसारण बंद हो गया।
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