फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   Will be in the hands of private institutions of higher education

निजी संस्थाओं के हाथ में होगी उच्च शिक्षा

Tue, 17 Feb 2015 11:53 PM IST
ब्यूरो, जौनपुर, अमर उजाला
ब्यूरो, जौनपुर, अमर उजाला Updated Tue, 17 Feb 2015 11:53 PM IST
विज्ञापन
Will be in the hands of private institutions of higher education
प्रो. अनिल सदगोपाल ने कहा कि आने वाले समय में उच्च शिक्षा निजी संस्थाओं के कब्जे में होगी। उत्पादों के नाम पर सेमिनार और व्याख्यान होंगे। सरकारें विदेशी विश्वविद्यालयों को आमंत्रित कर रही हैं।
विज्ञापन


 उच्च शिक्षा पर सरकारें लगातार खर्च घटा रही है। केंद्र सरकार द्वारा गठित अंबानी, बिरला रिपोर्ट में कहा गया कि उच्च शिक्षा को बाजार को सौंप देना चाहिए। क्योंकि बाजार यह तय करे कि उच्च शिक्षा में क्या पढ़ाया जाए। यह रिपोर्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालय को न सौंपकर प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार को सौंपी गई है। इसकी मंशा साफ  जाहिर हो रही है।
विज्ञापन


वह जनपद महाविद्यालय शिक्षक संघ की ओर से ‘उच्च शिक्षा की समस्याएं शैक्षिक प्रबंधन एवं शिक्षक संघों की भूमिका’ आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन अवसर पर बोल रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन



पत्रकार अभय कुमार दूबे ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में धन हावी होने से विषमताएं बढ़ रही है। धनवान विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए जाता है और मेधावी विद्यार्थियों को अपने देश में संसाधन नहीं मिल पाता। शिक्षा के क्षेत्र में बाजार के अवसर उपलब्ध हो गए है।
 मगर अच्छे टेक्निकल और प्रोफेशनल लोगों की संख्या 25 प्रतिशत ही है। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की जरूरत है। पूर्व कुलपति प्रो. डीडी दूबे ने कहा कि आज उच्च शिक्षा के क्षेत्र में  शिक्षकों की कमी हो रही है। सरकार को इस दिशा में तेजी से कार्य करने की जरूरत है। प्रो. अली जावेद, चंचल सिंह, प्रो. राजकुमार, जयप्रकाश धूमकेतु, प्रो. आनन्द दीपायन, डा. विवेक निगम एवं वंदना चौबे ने अपनी बात रखी।

 डा. घनश्याम सिंह ने कहा कि देश की सबसे बड़ी समस्या जनसंख्या है। जनसंख्या नियंत्रित किए बिना उच्च शिक्षा का विकास नहीं हो सकता। कार्यक्रम की अध्यक्षता महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय वर्धा महाराष्ट्र के पूर्व कुलपति विभूति नारायण राय ने की। संयोजक डा. राकेश सिंह ने स्वागत किया।


विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष डा. राजीव प्रकाश सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर प्रो. रामशरण जोशी, डा. राममोहन सिंह, डा. अनिल प्रताप सिंह, डा. आरएन त्रिपाठी, डा. आशुतोष सिंह, डा. अमरेश पाठक, डा. रमेशमणि त्रिपाठी, डा. सरोज सिंह, डा. सतेंद्र त्रिपाठी, डा. अजय प्रताप सिंह, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, डा. अवध बिहारी सिंह, डा. सुनील कुमार, डा. इंद्रेश, रूश्दा आजमी आदि  मौजूद रहे। संचालन डा. एचसी पुरोहित एवं डा. संजय श्रीवास्तव ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed