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ग्रामीणों ने हाईवे किया जाम, आवागमन ठप
jaunpur
Updated Sun, 21 Aug 2016 12:36 AM IST
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भूपतपट़्टी में सड़क पर शव रखकर चक्का जाम करते ग्रामीण।
- फोटो : jaunpur
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लाइनबाजार थाना क्षेत्र के मुस्तफाबाद गांव में शनिवार को शव दफनाने को लेकर विवाद हो गया। नट बस्ती के लोग जिस भूमि पर शव दफनाना चाहते थे उसे अपनी भूमिधरी जमीन बताकर गांव के ही विजय बहादुर सिंह ने शव दफन करने से मना कर दिया। इससे नाराज लोगों ने वनविहार तिराहे के पास शव रख कर हाईवे जाम कर दिया। एसडीएम सदर की मौजूदगी में भूमि की पैमाइश कर विवाद को समाप्त कराया गया। इस दौरान सुरक्षा के लिए काफी संख्या में पुलिस तैनात रही।
मुस्तफाबाद गांव के नट बस्ती के लोग बहुत पहले से दूसरे की भूमिधरी जमीन में शव दफनाते चले आ रहे थे। बताया जा रहा है कि बहुत पहले गांव के ही एक सम्भ्रांत परिवार के लोगों ने उनके कुनबे को अपनी जमीन में बसा दिया था। घर परिवार में किसी की मौत हुई तो घर के पास में ही शव दफन होता रहा। तभी से वह उसी स्थान पर शव दफन करते चले आ रहे थे। जिस परिवार ने नट समुदाय के लोगों को वहां बसाया था उसने अपनी जमीन दूसरे को रजिस्ट्री कर दी। और कालांतर में दूसरे व्यक्ति ने भी जमीन को तीसरे व्यक्ति के हाथ में बेच दिया।
वर्ष 2008 में गांव की चकबंदी के दौरान उक्त भूखंड पर गांव के विजय बहादुर सिंह की चक का निर्माण कर दिया गया और कब्रिस्तान के लिए वहां से दूर भूमि आवंटित कर दी गई। शनिवार को नट बस्ती के सूबेदार (67) की मौत हो गई तो बस्ती के लोग जहां पहले शव दफन करते थे उसी स्थान पर कब्र खोदने पहुंचे।
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सूचना मिलने पर विजय बहादुर और उनके परिवार वालों ने उन्हें उक्त स्थान पर शव दफन करने से रोक दिया। इससे नाराज नट बस्ती के लोग शव लेकर वनविहार तिराहे पर पहुंच गए और हाईवे पर जाम लगा दिया। पुलिस ने किसी तरह जाम समाप्त करवाया। एसडीएम राकेश पटेल ने बताया कि भूमि की पैमाइश कराई गई तो पता चला जिस स्थान पर वे शव दफन करना चाहते थे वह विजय बहादुर सिंह की भूमिधरी जमीन है। वहां से कुछ दूरी पर कब्रिस्तान के नाम से जमीन का आवंटन किया गया है। बस्ती के लोगों को कब्रिस्तान के लिए सुरक्षित भूमि पर शव दफन करने के लिए कहा गया तो वे मान गए। लोगों को समझा बुझाकर विवाद खत्म करा दिया गया।
इसके बाद हाइवे पर आवागमन शुरू कराया जा सका।
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मुस्तफाबाद गांव के नट बस्ती के लोग बहुत पहले से दूसरे की भूमिधरी जमीन में शव दफनाते चले आ रहे थे। बताया जा रहा है कि बहुत पहले गांव के ही एक सम्भ्रांत परिवार के लोगों ने उनके कुनबे को अपनी जमीन में बसा दिया था। घर परिवार में किसी की मौत हुई तो घर के पास में ही शव दफन होता रहा। तभी से वह उसी स्थान पर शव दफन करते चले आ रहे थे। जिस परिवार ने नट समुदाय के लोगों को वहां बसाया था उसने अपनी जमीन दूसरे को रजिस्ट्री कर दी। और कालांतर में दूसरे व्यक्ति ने भी जमीन को तीसरे व्यक्ति के हाथ में बेच दिया।
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वर्ष 2008 में गांव की चकबंदी के दौरान उक्त भूखंड पर गांव के विजय बहादुर सिंह की चक का निर्माण कर दिया गया और कब्रिस्तान के लिए वहां से दूर भूमि आवंटित कर दी गई। शनिवार को नट बस्ती के सूबेदार (67) की मौत हो गई तो बस्ती के लोग जहां पहले शव दफन करते थे उसी स्थान पर कब्र खोदने पहुंचे।
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सूचना मिलने पर विजय बहादुर और उनके परिवार वालों ने उन्हें उक्त स्थान पर शव दफन करने से रोक दिया। इससे नाराज नट बस्ती के लोग शव लेकर वनविहार तिराहे पर पहुंच गए और हाईवे पर जाम लगा दिया। पुलिस ने किसी तरह जाम समाप्त करवाया। एसडीएम राकेश पटेल ने बताया कि भूमि की पैमाइश कराई गई तो पता चला जिस स्थान पर वे शव दफन करना चाहते थे वह विजय बहादुर सिंह की भूमिधरी जमीन है। वहां से कुछ दूरी पर कब्रिस्तान के नाम से जमीन का आवंटन किया गया है। बस्ती के लोगों को कब्रिस्तान के लिए सुरक्षित भूमि पर शव दफन करने के लिए कहा गया तो वे मान गए। लोगों को समझा बुझाकर विवाद खत्म करा दिया गया।
इसके बाद हाइवे पर आवागमन शुरू कराया जा सका।