वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में वर्ल्ड हेरिटेज दिवस मनाया गया। कुलपति प्रो. निर्मला एस मौर्य ने विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में नवनिर्मित हेरिटेज गैलरी के प्रथम भाग का शुभारंभ फीता काटकर किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विरासत को सहेजने के साथ-साथ हम अपने माता-पिता और परंपरा को भी सहेजें। यह हमारे लिए सबसे बड़ी विरासत और ताकत है। उन्होंने कहा कि सांची स्तूप द्वार और अशोक स्तंभ स्थापित कर आज की पीढ़ी को विरासत से जोड़े रखने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि हेरिटेज गैलरी के माध्यम से पूर्वांचल की कलाकृतियों को प्रदर्शित किया जाना बहुत सुखद है। कुलसचिव महेंद्र कुमार ने कहा कि पूर्वांचल की संस्कृति काफी समृद्ध है। विश्वविद्यालय में पूर्वांचल की लोक संस्कृति का दर्शन हो रहा है। वित्त अधिकारी संजय कुमार राय ने कहा कि हमारी विरासत ही हमारी पहचान होती है। हेरिटेज गैलरी के माध्यम से क्षेत्रीय कलाकृतियों का प्रदर्शन बहुत ही मनमोहक है। विश्वविद्यालय के विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में संस्कृति निदेशालय, उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से हेरिटेज गैलरी स्थापित की जा रही। प्रथम चरण में जौनपुर के एक जिला एक उत्पाद की दरी, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी, भदोही की कालीन, देवरिया के सजावट के सामान और मूज उत्पाद, वाराणसी के लकड़ी के उत्पाद, चुनार के मिट्टी और चीनी मिट्टी के उत्पाद, गोरखपुर की मिट्टी की कलाकृतियाँ, खुर्जा के उत्पाद, रामनगर की पत्थर की मूर्तियां गैलरी में लगाई गई है। स्वागत कल्चरल क्लब के समन्वयक डॉ. मनोज मिश्र एवं धन्यवाद ज्ञापन नोडल अधिकारी डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया। इस अवसर पर प्रो. मानस पांडेय, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, डॉ. संतोष कुमार राय, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. श्याम कन्हैया सिंह, डॉ. नीरज अवस्थी, डॉ. अवध बिहारी सिंह, डॉ. चन्दन सिंह, शशिकांत यादव, डॉ. अमित वत्स, डॉ. लक्ष्मी प्रसाद मौर्य, डॉ. विद्युत मल, अवधेश कुमार, द्विजेन्द्र दत्त उपाध्याय मौजूद रहे।