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आरक्षण जानने को ब्लाक से जिले तक होती रही भागदौड़
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विकास भवन में पंचायत चुनाव की सूची ढ़ूंढ़ते लोग। संवाद
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। पंचायत चुनाव में गांवों का आरक्षण जानने के लिए मंगलवार को दावेदार बेचैन रहे। सुबह से शाम तक वह ब्लॉक और जिला मुख्यालय पर विभिन्न कार्यालयों के चक्कर काटते रहे। अफसरों, कर्मचारियों और अपने संपर्क में आए लोगों से आरक्षण सूची प्रकाशन की जानकारी लेने की होड़ मची रही। इस दौरान अफवाहों का बाजार भी गर्म रहा। सोशल मीडिया में कई तरह की सूचनाएं और लिस्ट वायरल होती रहीं। इसके आधार पर आरक्षण तय होने का दावा किया जाता रहा। रात आठ बजे तक जिला प्रशासन ने आरक्षण सूची प्रकाशन की पुष्टि नहीं की थी।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए शासन ने प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य के पदों का आरक्षण तय करने का नया फॉर्मूला दिया है। इसके तहत जिला स्तर पर यह सूची तैयार कर दो और तीन मार्च को प्रकाशित करने का निर्देश था। लिहाजा हर कोई मंगलवार की सुबह से ही आरक्षण सूची के बारे में जानकारी लेने में जुटा रहा। कई जिलों में सूची प्रकाशित भी हो गई थी, लेकिन जिले में देर शाम तक इस पर ऊहापोह बना रहा। ब्लॉक कार्यालय से लेकर विकास भवन स्थित डीपीआरओ कार्यालय तक दावेदारों की भीड़ लगी रही। हर कोई अपने संपर्क के जरिए आरक्षण के बारे में जानकारी जुटाने में लगा रहा। सोशल मीडिया में कई सूची वायरल होती रही, जिसमें 1995 से लेकर 2021 तक के आरक्षण का उल्लेख था। इसे ही वैध सूची मानकर लोग भ्रमित रहे। अफवाहों के चलते विकास भवन और ब्लॉकों में चुनाव से संबंधित पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों से संबंधित नोटिस देखने के लिए भीड़ लगी रही। रात आठ बजे तक अधिकृत सूची जारी नहीं हुई थी। डीपीआरओ संतोष कुमार का कहना था कि सूची तैयार है, लेकिन उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद ही इसे सार्वजनिक किया जाएगा।
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ऐसे तय हुआ है आरक्षण
इस बार पंचायतों में आरक्षण के फॉर्मूले में शासन ने थोड़ी तब्दीली की है। कम आबादी के आधार पर जो ग्राम पंचायतें अब तक आरक्षित श्रेणी में आने से वंचित रही हैं, उन्हें सबसे पहले ही आरक्षित श्रेणी में लिया गया है। आरक्षण का चक्र पहले अनुसूचित जाति महिला, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग महिला, अन्य पिछड़ा वर्ग और फिर सामान्य महिला के लिए पदों का आरक्षण निर्धारित किया गया है। शेष बचे पदों को अनारक्षित रखा गया है।
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जिले में इतने पदों पर होने हैं चुनाव::
21544 ग्राम पंचायत सदस्य के पद।
1740 ग्राम प्रधान के पद।
2027 क्षेत्र पंचायत सदस्य।
21 ब्लॅाकों में प्रमुख का पद।
83 वार्डों में जिला पंचायत सदस्य।
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अंतिम समय तक होती रही माथापच्ची
जौनपुर। वैसे तो आरक्षण की सूची को एक दिन पहले ही अंतिम रूप दे दिया गया था, बावजूद इसके तमाम लोग अंतिम समय तक इसमें फेरबदल कराने का दावा करते रहे। ऐसे लोग उन दावेदारों को साध रहे थे, जिनके गांव अब तक अनारक्षित रहे हैं और इस बार उनका आरक्षित होना तय है। आरक्षण सूची को लेकर सबसे ज्यादा बेकरारी भी उन्हीं में नजर आई। किसी तरह जब उन्हें अपने से विपरीत आरक्षण की जानकारी हो रही थी तो वह मायूस हो जा रहे थे।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए शासन ने प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य के पदों का आरक्षण तय करने का नया फॉर्मूला दिया है। इसके तहत जिला स्तर पर यह सूची तैयार कर दो और तीन मार्च को प्रकाशित करने का निर्देश था। लिहाजा हर कोई मंगलवार की सुबह से ही आरक्षण सूची के बारे में जानकारी लेने में जुटा रहा। कई जिलों में सूची प्रकाशित भी हो गई थी, लेकिन जिले में देर शाम तक इस पर ऊहापोह बना रहा। ब्लॉक कार्यालय से लेकर विकास भवन स्थित डीपीआरओ कार्यालय तक दावेदारों की भीड़ लगी रही। हर कोई अपने संपर्क के जरिए आरक्षण के बारे में जानकारी जुटाने में लगा रहा। सोशल मीडिया में कई सूची वायरल होती रही, जिसमें 1995 से लेकर 2021 तक के आरक्षण का उल्लेख था। इसे ही वैध सूची मानकर लोग भ्रमित रहे। अफवाहों के चलते विकास भवन और ब्लॉकों में चुनाव से संबंधित पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों से संबंधित नोटिस देखने के लिए भीड़ लगी रही। रात आठ बजे तक अधिकृत सूची जारी नहीं हुई थी। डीपीआरओ संतोष कुमार का कहना था कि सूची तैयार है, लेकिन उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद ही इसे सार्वजनिक किया जाएगा।
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ऐसे तय हुआ है आरक्षण
इस बार पंचायतों में आरक्षण के फॉर्मूले में शासन ने थोड़ी तब्दीली की है। कम आबादी के आधार पर जो ग्राम पंचायतें अब तक आरक्षित श्रेणी में आने से वंचित रही हैं, उन्हें सबसे पहले ही आरक्षित श्रेणी में लिया गया है। आरक्षण का चक्र पहले अनुसूचित जाति महिला, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग महिला, अन्य पिछड़ा वर्ग और फिर सामान्य महिला के लिए पदों का आरक्षण निर्धारित किया गया है। शेष बचे पदों को अनारक्षित रखा गया है।
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जिले में इतने पदों पर होने हैं चुनाव::
21544 ग्राम पंचायत सदस्य के पद।
1740 ग्राम प्रधान के पद।
2027 क्षेत्र पंचायत सदस्य।
21 ब्लॅाकों में प्रमुख का पद।
83 वार्डों में जिला पंचायत सदस्य।
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अंतिम समय तक होती रही माथापच्ची
जौनपुर। वैसे तो आरक्षण की सूची को एक दिन पहले ही अंतिम रूप दे दिया गया था, बावजूद इसके तमाम लोग अंतिम समय तक इसमें फेरबदल कराने का दावा करते रहे। ऐसे लोग उन दावेदारों को साध रहे थे, जिनके गांव अब तक अनारक्षित रहे हैं और इस बार उनका आरक्षित होना तय है। आरक्षण सूची को लेकर सबसे ज्यादा बेकरारी भी उन्हीं में नजर आई। किसी तरह जब उन्हें अपने से विपरीत आरक्षण की जानकारी हो रही थी तो वह मायूस हो जा रहे थे।