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Jaunpur News: केराकत के इन दो कुनबों में हैं 20 से अधिक चिकित्सक

Fri, 10 Nov 2023 01:01 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 10 Nov 2023 01:01 AM IST
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There are more than 20 doctors in these two families of Kerakat.
केराकत। जौनपुर का माधोपट्टी तो आपने सुना होगा। यहां हर दूसरे घर में अफसर होते हैं। कोई आईएएस तो कोई आईपीएस। उससे भी बचे तो पीसीएस अफसर या अधिवक्ता। लेकिन आज हम आपको जो बताने जा रहे हैं वह अफसरों नहीं बल्कि धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों के कुनबे के बारे में। यह कुनबा है केराकत तहसील क्षेत्र के कनुआनी गांव में। वैसे तो गांव में 50 से अधिक डॉक्टर हैं, लेकिन इन दोनों कुनबों में ही अकेले 20 से अधिक चिकित्सक हैं।
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जिला मुख्यालय से करीब 30 किमी दूर केराकत तहसील के कनुआनी गांव के कुशहा पुरवा के 50 से अधिक लोग डॉक्टर हैं। ये लोग अलग अलग स्थानों पर सेवा दे रहे हैं। 15 युवक और युवती मेडिकल काॅलेजों में एमबीबीएस व बीएचएमएस के साथ मेडिसिन और सर्जरी में पीजी कर रहे हैं। इन्हीं डॉक्टरों में दो कुनबा है डॉ. गोपालनाथ वर्मा और डॉ. सोभनाथ का। डॉ. गोपाल नाथ के परिवार के 11 लोग चिकित्सक हैं। वहीं शोभनाथ वर्मा के परिवार के नौ चिकित्सक हैं। गांव में बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए यहां प्रतियोगिता भी करायी जाती है।
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दो कुनबों में कौन-कौन है चिकित्सक

डॉ. गोपाल नाथ इस पीढ़ी में सबसे पहले चिकित्सक हुए। इनके परिवार से डॉ. लालजी पटेल गोपाल नाथ के सगे बड़े भाई हैं। डॉ. विजय लक्ष्मी गोपाल की भाभी के साथ ही परिवार की डॉ. विभा, डॉ. विशद पटेल, डॉ. गुंजन पटेल, डॉ. आयुष, डॉ. प्रगति, डॉ. अजय, डॉ. गुंजन प्रियम, डॉ. गौतम सिद्धार्थ हैं। दूसरा कुनबा डॉ. शोभनाथ वर्मा का है। इनके परिवार में, डॉ. रामकुमार वर्मा, डॉ. सोनी, डॉ. स्वाति, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. अमित वर्मा, डॉ. सर्वेश चिकित्सक हैं। स्वप्निल और आशीष वर्मा एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं।
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यहां से शुरू हुई थी चिकित्सक बनने की कहानी

सबसे पहले गांव के प्रभु नारायण पाठक न्यूरो सर्जन बने। इनके बाद डॉ. राममूर्ति पाठक प्रदेश के पशु चिकित्सा महानिदेशक बने, फिर गोपाल नाथ वर्मा बीएचयू में एमबीबीएस एमडी व पूर्व विभागाध्यक्ष (माइक्रोबायोलॉजी) हुए। इसके बाद चिकित्सकों की संख्या निरंतर बढ़ने लगी।
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