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जेल में फिर बवाल, बंदी रक्षक समेत तीन घायल
अमर उजाला ब्यूरो, जौनपुर
Updated Sun, 06 Sep 2015 12:52 AM IST
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जिला कारागार के बंदियों ने शनिवार की सुबह फिर बवाल मचाया। दो साथियों की पिटाई से गुस्साए बंदियों ने न सिर्फ एक बंदी रक्षक और मेस इंचार्ज को बंधक बना लिया बल्कि जेल अधिकारियों पर पथराव भी कर दिया।
सूचना मिलते ही जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत कई अफसर जेल पहुंच गए। जिले भर से फोर्स बुला ली गई। करीब तीन घंटे बाद मामला शांत हो पाया।
बाद में दो बंदियों और एक बंदी रक्षक का जिला अस्पताल में उपचार कराया गया। जिला कारागार में बुधवार की रात कराई गई तलाशी में पांच मोबाइल फोन बरामद होने के बाद शनिवार को सुबह करीब छह बजे जेल अफसर बैरकों की फिर
तलाशी करा रहे थे। इस दौरान बैरक 10 के बंदी शाहगंज के वरुण यादव के पास चार्जर मिला। जेल अधिकारी उससे मोबाइल के बारे में पूछताछ करने लगे। उन्हें लगा कि जब चार्जर है तो मोबाइल भी होगा। सूत्रों की मानें तो मोबाइल
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बरामद कराने के लिए बंदी वरुण यादव और मल्हनी निवासी गुल्लू की पिटाई कर दी गई। इससे अन्य बंदी नाराज हो गए। उन्होंने बैरक 10 में चेकिंग कर रहे बंदी रक्षक सूर्यकांत उपाध्याय और मेस इंचार्ज राकेश सिंह को बंधक बना लिया।
जब जेल अफसरों ने उन्हें मुक्त कराने का प्रयास किया तो दोनों बैरकों के बंदियों ने पथराव शुरू कर दिया। बंदियों का आक्रोश देख अफसर भाग खड़े हुए।
कुछ देर बाद भारी संख्या में फोर्स लेकर एसपी भारत सिंह यादव और डीएम भानुचंद्र गोस्वामी जेल पहुंच गए। तीन घंटे के प्रयास के बाद डीएम और एसपी ने मामला शांत कराके बंदी रक्षक और मेस इंचार्ज को मुक्त कराया।
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सूचना मिलते ही जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत कई अफसर जेल पहुंच गए। जिले भर से फोर्स बुला ली गई। करीब तीन घंटे बाद मामला शांत हो पाया।
बाद में दो बंदियों और एक बंदी रक्षक का जिला अस्पताल में उपचार कराया गया। जिला कारागार में बुधवार की रात कराई गई तलाशी में पांच मोबाइल फोन बरामद होने के बाद शनिवार को सुबह करीब छह बजे जेल अफसर बैरकों की फिर
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तलाशी करा रहे थे। इस दौरान बैरक 10 के बंदी शाहगंज के वरुण यादव के पास चार्जर मिला। जेल अधिकारी उससे मोबाइल के बारे में पूछताछ करने लगे। उन्हें लगा कि जब चार्जर है तो मोबाइल भी होगा। सूत्रों की मानें तो मोबाइल
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बरामद कराने के लिए बंदी वरुण यादव और मल्हनी निवासी गुल्लू की पिटाई कर दी गई। इससे अन्य बंदी नाराज हो गए। उन्होंने बैरक 10 में चेकिंग कर रहे बंदी रक्षक सूर्यकांत उपाध्याय और मेस इंचार्ज राकेश सिंह को बंधक बना लिया।
जब जेल अफसरों ने उन्हें मुक्त कराने का प्रयास किया तो दोनों बैरकों के बंदियों ने पथराव शुरू कर दिया। बंदियों का आक्रोश देख अफसर भाग खड़े हुए।
कुछ देर बाद भारी संख्या में फोर्स लेकर एसपी भारत सिंह यादव और डीएम भानुचंद्र गोस्वामी जेल पहुंच गए। तीन घंटे के प्रयास के बाद डीएम और एसपी ने मामला शांत कराके बंदी रक्षक और मेस इंचार्ज को मुक्त कराया।