{"_id":"6089414b2c7d506620648628","slug":"the-woman-was-pained-at-the-gate-of-the-hospital-for-one-and-a-half-hours-the-doctor-referred-as-soon-as-she-arrived","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"घंटे भर अस्पताल के गेट पर दर्द से तड़पती रही महिला, पहुंचते ही डॉक्टर ने किया रेफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घंटे भर अस्पताल के गेट पर दर्द से तड़पती रही महिला, पहुंचते ही डॉक्टर ने किया रेफर
Wed, 28 Apr 2021 04:34 PM IST
गीतार्जुन गौतम
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Wed, 28 Apr 2021 04:34 PM IST
सार
शाहगंज सीएचसी का मामला, लोगों में गुस्सा
विज्ञापन
मीरा देवी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जौनपुर में मानवीय संवेदनाओं को झकझोरती शाहगंज सीएचसी की एक और तस्वीर सामने आई है। अस्पताल के गेट पर घंटे भर महिला दर्द से तड़पती रही। उसकी कारुणिक पुकार सुनकर भी कोई चिकित्सक-कर्मचारी आगे नहीं आया। बाद में जब स्थानीय लोग आक्रोशित हुए तो आनन-फानन मौके पर पहुंचे डॉक्टर ने प्राथमिक जांच के बाद महिला की हालत गंभीर बताते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
विज्ञापन
नगर के नोनहट्टा मोहल्ला निवासी मीरा देवी (35) पत्नी दिलीप कुमार को सीने में दर्द व सांस लेने में तकलीफ थी। परिजन उन्हें सीएचसी लाए। महिला की हालत काफी गंभीर होने पर वह अस्पताल गेट के पास ही बेसुध होकर तड़पने लगी। परिवार के लोग डॉक्टरों से मरीज़ देखने के लिए मिन्नत करते रहे। आरोप है कि कोई चिकित्सक देखने के लिए नहीं पहुंचा।
विज्ञापन
घंटे भर तक महिला दर्द से छटपटाती रही। बाद में मौके पर जुटी भीड़ जब आक्रोशित होने लगी तो इसकी सूचना मिलते ही चिकित्साधीक्षक डॉ. रफीक फारुकी मौके पर पहुंचे। महिला को इमर्जेंसी वार्ड में दाखिल कराकर उपचार शुरू कराया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
चिकित्साधीक्षक डॉ. रफीक फारुकी का कहना था कि महिला गेट पर थी, उसे अंदर आना चाहिए था। सूचना मिलते ही मैंने खुद पहुंचकर उसका इलाज शुरू कराया। ऑक्सीजन की कमी के कारण उसे रेफर किया गया। बता दें कि चार दिन पूर्व अज्ञात महिला नोनहट्टा मोहल्ले में तीन घंटे तक तड़पती रही। उसे कोतवाली पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया।
एंबुलेंस न मिलने पर प्राइवेट एंबुलेंस से उसे देर शाम जिला अस्पताल भेजा जा सका। करीब एक सप्ताह पूर्व सरपतहां थाना क्षेत्र के रुधौली गांव के मिर्जापुर निवासी सिकंदर को अस्पताल लाया गया था। घंटों तड़पने के बाद भी उसका उपचार नहीं किया जा सका और युवक ने अपनी मां की गोद में तड़पकर दम तोड़ दिया।
चिकित्साधीक्षक डॉ. रफीक फारुकी का कहना था कि महिला गेट पर थी, उसे अंदर आना चाहिए था। सूचना मिलते ही मैंने खुद पहुंचकर उसका इलाज शुरू कराया। ऑक्सीजन की कमी के कारण उसे रेफर किया गया। बता दें कि चार दिन पूर्व अज्ञात महिला नोनहट्टा मोहल्ले में तीन घंटे तक तड़पती रही। उसे कोतवाली पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया।
एंबुलेंस न मिलने पर प्राइवेट एंबुलेंस से उसे देर शाम जिला अस्पताल भेजा जा सका। करीब एक सप्ताह पूर्व सरपतहां थाना क्षेत्र के रुधौली गांव के मिर्जापुर निवासी सिकंदर को अस्पताल लाया गया था। घंटों तड़पने के बाद भी उसका उपचार नहीं किया जा सका और युवक ने अपनी मां की गोद में तड़पकर दम तोड़ दिया।