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सड़क के लिए ग्रामीणों ने लगाया जाम
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Sat, 27 Dec 2014 12:24 AM IST
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साढ़े चार साल से खोदकर छोड़े गए मोढ़ैला-थानागद्दी मार्ग का निर्माण न होने से नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार को रतनूपुर में चक्काजाम कर दिया।
इस दौरान ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की और जनप्रतिनिधियों को भी कोसा। एसडीएम, सीओ और एसओ के पहुंचने पर ग्रामीणाें ने लगभग चार घंटे बाद जाम समाप्त किया।
तकरीबन साढ़े चार साल पहले बसपा शासनकाल में चौड़ीकरण के नाम पर 12 किलोमीटर लंबे थानागद्दी-मोढ़ैला मार्ग को खोदकर छोड़ दिया गया था। इसके बाद मोढ़ैला से भैंसा गांव तक लगभग तीन किलोमीटर सड़क बनाई गई,
लेकिन उसके बाद काम बंद हो गया। खोदी गई सड़क पर चलना दुश्वार हो गया है। जौनपुर को बनारस से जोड़ने में अहम भूमिका रखने वाले इस मार्ग को दुरुस्त कराने के लिए ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से
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मांग की, लेकिन बात नहीं बनी। लिहाजा हर रोज की परेशानियों से आजिज बड़ी संख्या में ग्रामीण शुक्रवार को सुबह साढ़े नौ बजे के आसपास विष्णु सिंह के नेतृत्व में आकर रतनूपुर में सड़क पर बैठ गए। इससे जौनपुर से वाराणसी
मार्ग वाया धरसौना पर आवागमन बंद हो गया। इस दौरान ग्रामीणों ने एमपी, एमएलए और शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि ग्रामीण साढ़े चार साल से झेल रहे हैं, लेकिन किसी को परवाह नहीं है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि रोड को शीघ्र ही बनवाया नहीं गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। जानकारी मिलने के बाद चंदवक थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने।
रतनूपुर बाजार के व्यवसायी भी अपनी दुकानें बंद कर ग्रामीणों के समर्थन में आ गए। इसके बाद एसडीएम केराकत रामहर्ष मौर्या, क्षेत्राधिकारी आरके सिंह और चंदवक एसओ शशिभूषण राय मौके पर पहुंचे।
एसडीएम ने जिलाधिकारी सुहास एलवाई से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। बजट आते सड़क निर्माण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
इस पर चार घंटे बाद दोपहर डेढ़ बजे ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से गुलाब साहब सिंह, गुल्ली पांडेय, राम समुझ निषाद, सुरेंद्र सोनकर, बेचू राम, देवेंद्र सिंह, प्रवीण सिंह, हरीश, हरिराम, आकाश, हरिशंकर सिंह, मेवा राम, गोपाल राजभर आदि शामिल थे।
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इस दौरान ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की और जनप्रतिनिधियों को भी कोसा। एसडीएम, सीओ और एसओ के पहुंचने पर ग्रामीणाें ने लगभग चार घंटे बाद जाम समाप्त किया।
तकरीबन साढ़े चार साल पहले बसपा शासनकाल में चौड़ीकरण के नाम पर 12 किलोमीटर लंबे थानागद्दी-मोढ़ैला मार्ग को खोदकर छोड़ दिया गया था। इसके बाद मोढ़ैला से भैंसा गांव तक लगभग तीन किलोमीटर सड़क बनाई गई,
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लेकिन उसके बाद काम बंद हो गया। खोदी गई सड़क पर चलना दुश्वार हो गया है। जौनपुर को बनारस से जोड़ने में अहम भूमिका रखने वाले इस मार्ग को दुरुस्त कराने के लिए ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से
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मांग की, लेकिन बात नहीं बनी। लिहाजा हर रोज की परेशानियों से आजिज बड़ी संख्या में ग्रामीण शुक्रवार को सुबह साढ़े नौ बजे के आसपास विष्णु सिंह के नेतृत्व में आकर रतनूपुर में सड़क पर बैठ गए। इससे जौनपुर से वाराणसी
मार्ग वाया धरसौना पर आवागमन बंद हो गया। इस दौरान ग्रामीणों ने एमपी, एमएलए और शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि ग्रामीण साढ़े चार साल से झेल रहे हैं, लेकिन किसी को परवाह नहीं है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि रोड को शीघ्र ही बनवाया नहीं गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। जानकारी मिलने के बाद चंदवक थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने।
रतनूपुर बाजार के व्यवसायी भी अपनी दुकानें बंद कर ग्रामीणों के समर्थन में आ गए। इसके बाद एसडीएम केराकत रामहर्ष मौर्या, क्षेत्राधिकारी आरके सिंह और चंदवक एसओ शशिभूषण राय मौके पर पहुंचे।
एसडीएम ने जिलाधिकारी सुहास एलवाई से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। बजट आते सड़क निर्माण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
इस पर चार घंटे बाद दोपहर डेढ़ बजे ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से गुलाब साहब सिंह, गुल्ली पांडेय, राम समुझ निषाद, सुरेंद्र सोनकर, बेचू राम, देवेंद्र सिंह, प्रवीण सिंह, हरीश, हरिराम, आकाश, हरिशंकर सिंह, मेवा राम, गोपाल राजभर आदि शामिल थे।