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बगैर किताब के संपन्न करा दी तिमाही परीक्षा
jaunpur
Updated Wed, 07 Sep 2016 01:12 AM IST
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जिले में बुनियादी शिक्षा व्यवस्था बद से बदतर है। शिक्षण सत्र अप्रैल से ही शुरू है लेकिन अभी तक बच्चे किताब का इंतजार कर रहे हैं। हद यह है कि विभाग ने बिना किताबों के ही तिमाही परीक्षा करा दी। साथ ही दावा भी है कि बच्चों को पुरानी किताबों से पढ़ाया जा रहा है। जबकि हकीकत यह है कि अधिकतर बच्चों को पुरानी किताबें भी नहीं मिल पाई हैं। जिन्हें मिली भी है तो उसके पन्ने फट कर अलग हो चुके हैं।
दरअसल प्राइमरी के बच्चों को मिड डे मील, फल औैर दूध का वितरण, ड्रेस, बैग, जूता मोजा का मुफ्त में वितरण को लेकर भले ही रोज हल्ला मच रहा है लेकिन असली मुद्दा जो बच्चों की बुनियादी शिक्षा को लेकर है उसपर कोई बोल ही नहीं रहा है। ऊपर तक सभी खामोश हैं। जिले में 2416 प्राथमिक विद्यालय और 878 जूनियर विद्यालय हैं। प्राइमरी विद्यालय में चार लाख 14 हजार 575 और जूनियर विद्यालयों में एक लाख 26 हजार 740 छात्र पढ़ते हैं। प्राइमरी के बच्चों को मुफ्त में किताबें वितरित किए जाने के लिए 19 लाख 60 हजार 818 और जूनियर विद्यालयों में 14 लाख 94 हजार 895 किताबों की आवश्यकता है। जबकि प्राइमरी के लिए 124727 और जूनियर के लिए 56477 किताबों की आपूर्ति जिले को की गई है। ये किताबें मोहम्मद हसन आईटीआई कालेज के गोदाम में डंप पड़ी हैं।
जिले में जितनी किताबों की जरूरत है उसकी चौथाई किताबों की भी आपूर्ति अभी तक नहीं की गई है। जो किताबें आई भी हैं तो उसे विद्यालय तक पहुंचाने के लिए अभी टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। इसे पूरा होने में सितंबर का महीना भी बीत जाएगा। बच्चों को मुफ्त में किताबें वितरित किए जाने के लिए 5.41 करोड़ 56 हजार का बजट है। इसमें से 4.6 करोड़ 17 हजार रुपये जिला प्रशासन को प्राप्त हुआ है। जो जरूरत का 75 फीसदी है।
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दरअसल प्राइमरी के बच्चों को मिड डे मील, फल औैर दूध का वितरण, ड्रेस, बैग, जूता मोजा का मुफ्त में वितरण को लेकर भले ही रोज हल्ला मच रहा है लेकिन असली मुद्दा जो बच्चों की बुनियादी शिक्षा को लेकर है उसपर कोई बोल ही नहीं रहा है। ऊपर तक सभी खामोश हैं। जिले में 2416 प्राथमिक विद्यालय और 878 जूनियर विद्यालय हैं। प्राइमरी विद्यालय में चार लाख 14 हजार 575 और जूनियर विद्यालयों में एक लाख 26 हजार 740 छात्र पढ़ते हैं। प्राइमरी के बच्चों को मुफ्त में किताबें वितरित किए जाने के लिए 19 लाख 60 हजार 818 और जूनियर विद्यालयों में 14 लाख 94 हजार 895 किताबों की आवश्यकता है। जबकि प्राइमरी के लिए 124727 और जूनियर के लिए 56477 किताबों की आपूर्ति जिले को की गई है। ये किताबें मोहम्मद हसन आईटीआई कालेज के गोदाम में डंप पड़ी हैं।
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जिले में जितनी किताबों की जरूरत है उसकी चौथाई किताबों की भी आपूर्ति अभी तक नहीं की गई है। जो किताबें आई भी हैं तो उसे विद्यालय तक पहुंचाने के लिए अभी टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। इसे पूरा होने में सितंबर का महीना भी बीत जाएगा। बच्चों को मुफ्त में किताबें वितरित किए जाने के लिए 5.41 करोड़ 56 हजार का बजट है। इसमें से 4.6 करोड़ 17 हजार रुपये जिला प्रशासन को प्राप्त हुआ है। जो जरूरत का 75 फीसदी है।
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