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अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट में किया धरना-प्रदर्शन
ब्यूरो अमर उजाला/जौनपुर
Updated Wed, 23 Dec 2015 12:02 AM IST
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कलेक्ट्रेट अधिवक्ता संघ के चुनाव अधिकारी को हटाने और नामांकन की प्रक्रिया रोकने की मांग को लेकर सैकड़ों अधिवक्ता मंगलवार को धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि जिनको चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है, उनके निर्देशन मे निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकता।
कलेक्ट्रेट अधिवक्ता संघ का कार्यकाल 11 नवंबर 2015 को ही समाप्त हो गया। एक गुट के अधिवक्ताओं का कहना है कि नियम है कि कार्यकाल समाप्त होने के पहले ही चुनाव करा लिया जाए। अगर चुनाव नहीं होता तो वरिष्ठ अधिवक्ता
मंडल को प्रभार स्वत: प्राप्त हो जाएगा। आरोप है कि इसके बावजूद भी मनमाने ढंग से चुनाव अधिकारी नियुक्त कर असंवैधानिक तरीके से चुनाव कराया जा रहा है। जबकि दूसरे गुट ने चुनाव प्रक्रिया को वैध बताया है। चुनाव का
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विरोध कर रहे गुट ने अधिवक्ता सुशील चंद्र मिश्रा की अध्यक्षता में बैठक किया, जिसका संचालन रवींद्र नारायण सिंह एडवोकेट ने किया। बैठक में प्रस्ताव पास किया गया, जिसमें चुनाव प्रक्रिया निरस्त करने, चुनाव कार्यवाही नए सिरे से
शुरू कर के यतींद्रनाथ त्रिपाठी, केदारनाथ यादव, श्रीनारायण दुबे, राजेश गुप्ता, रामनारायण श्रीवास्तव को चुनाव संपादित कराने की जिम्मेदारी दी गई। इस मौके पर यतींद्रनाथ त्रिपाठी, श्रीनारायण दुबे, केदारनाथ, राजेश गुप्ता, मनोज
कुमार मिश्र, रविशंकर शुक्ला, सुहेल अहमद अंसारी, जय सिंह, दिनेश चंद्र यादव, बृजमोहन शुक्ला, राजबहादुर सिंह, रामचंद्र पाठक, सुशील उपाध्याय, अरविंद राजभर, धीरज पांडेय, अखिलेश यादव, रामकृष्ण, शिवशंकर, अरविंद सिंह,
रामआसरे पाल, जयंती प्रसाद मिश्र, भानु प्रताप पाल, अजय पाल, कमलेश पाल मौजूद थे।
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कलेक्ट्रेट अधिवक्ता संघ का कार्यकाल 11 नवंबर 2015 को ही समाप्त हो गया। एक गुट के अधिवक्ताओं का कहना है कि नियम है कि कार्यकाल समाप्त होने के पहले ही चुनाव करा लिया जाए। अगर चुनाव नहीं होता तो वरिष्ठ अधिवक्ता
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मंडल को प्रभार स्वत: प्राप्त हो जाएगा। आरोप है कि इसके बावजूद भी मनमाने ढंग से चुनाव अधिकारी नियुक्त कर असंवैधानिक तरीके से चुनाव कराया जा रहा है। जबकि दूसरे गुट ने चुनाव प्रक्रिया को वैध बताया है। चुनाव का
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विरोध कर रहे गुट ने अधिवक्ता सुशील चंद्र मिश्रा की अध्यक्षता में बैठक किया, जिसका संचालन रवींद्र नारायण सिंह एडवोकेट ने किया। बैठक में प्रस्ताव पास किया गया, जिसमें चुनाव प्रक्रिया निरस्त करने, चुनाव कार्यवाही नए सिरे से
शुरू कर के यतींद्रनाथ त्रिपाठी, केदारनाथ यादव, श्रीनारायण दुबे, राजेश गुप्ता, रामनारायण श्रीवास्तव को चुनाव संपादित कराने की जिम्मेदारी दी गई। इस मौके पर यतींद्रनाथ त्रिपाठी, श्रीनारायण दुबे, केदारनाथ, राजेश गुप्ता, मनोज
कुमार मिश्र, रविशंकर शुक्ला, सुहेल अहमद अंसारी, जय सिंह, दिनेश चंद्र यादव, बृजमोहन शुक्ला, राजबहादुर सिंह, रामचंद्र पाठक, सुशील उपाध्याय, अरविंद राजभर, धीरज पांडेय, अखिलेश यादव, रामकृष्ण, शिवशंकर, अरविंद सिंह,
रामआसरे पाल, जयंती प्रसाद मिश्र, भानु प्रताप पाल, अजय पाल, कमलेश पाल मौजूद थे।