{"_id":"68b88fa8ade812091b0df43b","slug":"the-number-of-children-suffering-from-fever-cough-and-cold-increased-in-the-district-hospital-jaunpur-news-c-193-1-svns1025-140000-2025-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jaunpur News: जिला अस्पताल में बुखार, खांसी और जुकाम से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jaunpur News: जिला अस्पताल में बुखार, खांसी और जुकाम से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी
विज्ञापन
जौनपुर। बदलता मौसम बच्चों को बीमार कर रहा है। बारिश में भीगने के बाद वायरल फीवर, खांसी और जुकाम की चपेट में आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप सिंह ने बताया कि बारिश के मौमस बच्चे भीगकर स्कूल से घर आ रहे हैं। इससे 25 से 30 फीसदी बच्चे वायरल फीवर, सर्दी खांसी की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में हर रोज 100 से 150 बच्चे इलाज के लिए आते हैं। इसमें से 25 से 30 फीसदी बच्चे वायरल संक्रमण की चपेट में हैं। कई बच्चों को भर्ती कराना पड़ रहा है। सरकारी से कहीं अधिक मरीज निजी अस्पताल और नर्सिंग होम में पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक, जिले में हर साल 10 हजार बच्चे निमोनिया से पीड़ित होते हैं। दिन और रात के तापमान में गिरावट और ठंडी हवाएं चलने से लोगों को जुकाम, बुखार की समस्या बनी रहती है। जुकाम से बच्चे निमोनिया के साथ-साथ खांसी, बुखार, कफ और दस्त आदि की चपेट में आ रहे हैं।
-- -- -- -- --
निमोनिया से बचने के लिए सवाधानी जरूरी
बालरोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश शुक्ल ने बताया कि बच्चों के जन्म के बाद लगने वाली पेंटावैलेंट वैक्सीन में निमोनिया की वैक्सीन शामिल होती है। या अलग से हिब वैक्सीन लगवाई जा सकती है। जिन बच्चों को वैक्सीन लगती है उन्हें वायरल इंफेक्शन से होने वाली निमोनिया का खतरा 99 फीसदी तक कम हो जाता है। थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
विज्ञापन
निमोनिया से बचने के लिए सवाधानी जरूरी
बालरोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश शुक्ल ने बताया कि बच्चों के जन्म के बाद लगने वाली पेंटावैलेंट वैक्सीन में निमोनिया की वैक्सीन शामिल होती है। या अलग से हिब वैक्सीन लगवाई जा सकती है। जिन बच्चों को वैक्सीन लगती है उन्हें वायरल इंफेक्शन से होने वाली निमोनिया का खतरा 99 फीसदी तक कम हो जाता है। थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
विज्ञापन