फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   The journey that started with 36 children reached 392 in the school caravan

Jaunpur News: 36 बच्चों से शुरू हुआ सफर, 392 तक पहुंचा स्कूल का कारवां

Tue, 01 Sep 2026 12:46 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2026 12:46 AM IST
विज्ञापन
The journey that started with 36 children reached 392 in the school caravan
विद्यालय में पौधों की देखभाल करते  गरियाँव निवासी शिक्षक  संजय मिश्रा। स्वयं
मुंगराबादशाहपुर। कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय गरियांव में साल 2015 में महज 36 बच्चे थे। आज उसी स्कूल में 392 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। पढ़ाई को बोझ नहीं, खेल और गतिविधियों से जोड़ने की कोशिश रंग लाई तो बच्चों की संख्या बढ़ी और विद्यालय ने प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनाई। इस बदलाव के पीछे गांव के निवासी और विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक संजय कुमार मिश्र की मेहनत रही। अब उन्हें शिक्षा में नवाचार, बच्चों को सीखने के नए अवसर देने और विद्यालय को बेहतर बनाने के प्रयासों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिष्ठित राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चुना गया है। संजय मिश्र की साल 2015 में इस विद्यालय में तैनाती हुई थी। वे बताते हैं कि उस समय विद्यालय में सिर्फ 36 विद्यार्थी थे। उन्होंने बच्चों को पारंपरिक तरीके से पढ़ाने के बजाय खेल, गतिविधियों और आधुनिक तकनीक को शिक्षण का हिस्सा बनाया। धीरे-धीरे बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़ी और अभिभावकों का भरोसा भी विद्यालय पर मजबूत हुआ। इसका असर विद्यालय की छात्र संख्या पर दिखा और अब यहां 392 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय में पढ़ाई के साथ बच्चों की प्रतिभा को पहचानने और उसे मंच देने पर भी जोर दिया जाता है। यहां के विद्यार्थी राष्ट्रीय आय आधारित योग्यता परीक्षा में सफल होते रहे हैं। एस्पायर अवार्ड और राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा में भी बच्चों का चयन हुआ है। जिले में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर प्रथम स्थान हासिल किया है। खेल प्रतियोगिताओं में भी विद्यालय के बच्चों ने मंडल स्तर तक सफलता हासिल कर विद्यालय का नाम रोशन किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विद्यालय में आठ शिक्षक, दो शिक्षामित्र और एक अनुचर कार्यरत हैं। उनका कहना है कि बच्चों में सीखने की क्षमता तभी बेहतर होती है, जब पढ़ाई उनके लिए रुचिकर बने। इसी सोच के साथ गतिविधि आधारित शिक्षण और नवाचार को अपनाया गया। संजय मिश्र के पिता गिरजा शंकर तिवारी इंटर कॉलेज, नीभापुर में सहायक अध्यापक रहे। बड़े भाई राजेंद्र प्रसाद मिश्रा गन्ना विभाग में कर्मचारी रहे।
विज्ञापन

माता सुशीला देवी का निधन हो चुका है। सोमवार की शाम करीब चार बजे राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित होने की जानकारी मिलने पर शिक्षकों, शुभचिंतकों और क्षेत्रीय लोगों ने खुशी जताई।
विज्ञापन

संजय मिश्र ने बताया कि पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य अध्यापक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को सम्मानित करेंगे। वहीं, बीएसए समीर ने भी संजय मिश्रा को राज्य अध्यापक पुरस्कार मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed